Satellite Internet India: भारत में सैटेलाइट इंटरनेट का सफर तेजी से आगे बढ़ रहा है। शहरों और बड़े क्षेत्रों के अलावा अब राज्य सरकारें दूर-दराज और कम सेवा वाले इलाकों में भी तेज इंटरनेट पहुंचाने के लिए कदम उठा रही हैं। महाराष्ट्र के बाद अब गुजरात ने भी Starlink कंपनी के साथ समझौता किया है।
गुजरात ने एलन मस्क की Starlink के साथ सैटेलाइट इंटरनेट के लिए समझौता किया है। अब राज्य के दूर दराज और ग्रामीण इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की तैयारी।
गुजरात का कदम और उद्देश्य
गुजरात सरकार ने सोमवार को Starlink के साथ लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मकसद राज्य के दूरदराज, सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में हाई स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट देना है। सरकार का कहना है कि कई जगह फाइबर बिछाना या मोबाइल टावर बढ़ाना मुश्किल है। ऐसे इलाकों में सैटेलाइट कनेक्टिविटी से डिजिटल अंतर कम किया जा सकता है और लोगों को बेहतर इंटरनेट सुविधा मिल सकती है।
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महाराष्ट्र ने पहले कदम उठाया
गुजरात से पहले, महाराष्ट्र पहला राज्य था जिसने Starlink के साथ साझेदारी की थी। महाराष्ट्र सरकार ने 2025 को LOI पर हस्ताक्षर किए थे। वहां भी ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों में सैटेलाइट आधारित इंटरनेट लाने पर था। अब दो बड़े राज्य इस योजना में शामिल हो चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सैटेलाइट इंटरनेट का विस्तार राज्य स्तर पर तेजी से हो रहा है।
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भारत में Starlink की स्थिति
एलन मस्क ने भारत को Starlink के लिए महत्वपूर्ण बाजार बताया है। उनका कहना है कि सैटेलाइट इंटरनेट दूरदराज इलाकों में लोगों को जोड़ने में मदद करेगा। उन्होंने भारत में कई ग्राउंड स्टेशनों लगाने का प्रस्ताव भी रखा है, ताकि पूरे देश में सेवा जल्दी शुरू की जा सके।
केंद्र सरकार ने Starlink को पहले ही GMPCS, VSAT और ISP श्रेणियों में मंजूरी दे दी है। अभी बाकी तकनीकी और नियामक प्रक्रियाएं चल रही हैं। इन सब के पूरा होने के बाद, पूरे भारत में Starlink का व्यापक लॉन्च होने की संभावना है।
