2025 में स्टेबलकॉइन ट्रांसफर ने बनाया रिकॉर्ड

8 mins read
12 views
2025 में स्टेबलकॉइन ट्रांसफर ने बनाया रिकॉर्ड
January 10, 2026

Stablecoin 2025 Record: 2025 में स्टेबलकॉइन ने ग्लोबल फाइनेंस की तस्वीर बदल दी है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में स्टेबलकॉइन ट्रांजैक्शन का कुल वॉल्यूम 33 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इसकी सबसे बड़ी वजह डिजिटल डॉलर का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल और डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में लागू की गई सपोर्टिव नीतियां मानी जा रही हैं। स्टेबलकॉइन ऐसी डिजिटल करेंसी होती हैं, जिनकी कीमत अमेरिकी डॉलर से जुड़ी रहती है इसलिए इनमें भारी उतार-चढ़ाव नहीं होता।

2025 में स्टेबलकॉइन का ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 33 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। USDC और USDT की बढ़ती मांग, नए कानून और डिजिटल डॉलर ने क्रिप्टो बाजार को नई दिशा दी है।

USDC और USDT ने संभाला बाजार

डेटा के मुताबिक, 2025 में सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन USDC के जरिए हुए। इस स्टेबलकॉइन ने करीब 18.3 ट्रिलियन डॉलर का लेनदेन प्रोसेस किया। वहीं, Tether का USDT दूसरे नंबर पर रहा, जिसका कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 13.3 ट्रिलियन डॉलर रहा। USDC को खासतौर पर DeFi प्लेटफॉर्म्स पर ज्यादा इस्तेमाल किया गया, क्योंकि इससे रेगुलेटरी भरोसा और बेहतर लिक्विडिटी मिलती है।

नीतियों और बड़े ब्रांड्स से मिला सपोर्ट

स्टेबलकॉइन की ग्रोथ को जुलाई में पास हुए Genius Act से बड़ा सहारा मिला। इस कानून ने स्टेबलकॉइन के लिए साफ नियम तय किए, जिससे कंपनियों को भरोसा मिला। Standard Chartered, Walmart और Amazon जैसी बड़ी कंपनियां अपने खुद के स्टेबलकॉइन लाने पर विचार करने लगीं। इसके अलावा ट्रंप परिवार से जुड़ी कंपनी World Liberty Financial ने USD1 नाम का नया डिजिटल डॉलर लॉन्च किया, जिसने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया।

अस्थिर देशों में लोगों की पसंद बने स्टेबलकॉइन

आर्थिक रूप से कमजोर और अस्थिर देशों में लोग अब अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए स्टेबलकॉइन का सहारा ले रहे हैं। ऐसे देशों में डिजिटल अमेरिकी डॉलर को महंगाई और करेंसी गिरावट से बचने का बेहतर तरीका माना जा रहा है।

READ MORE: Hong Kong IPO के लिए HashKey ने हासिल की बड़ी सफलता

DeFi में USDC की मजबूत पकड़

DeFi प्लेटफॉर्म्स पर USDC का दबदबा साफ नजर आता है। यहां ऑटोमेटेड सिस्टम ट्रेडिंग और लेंडिंग संभालते हैं, जिससे एक ही USDC दिन में कई बार इस्तेमाल होता है। Circle के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर के मुताबिक, लोग USDC को इसलिए चुनते हैं क्योंकि इसमें गहरी लिक्विडिटी और रेगुलेटरी ट्रस्ट मिलता है। वहीं, USDT का इस्तेमाल ज्यादातर रोजमर्रा के पेमेंट और वैल्यू स्टोर करने के लिए किया जाता है।

मार्केट साइज और बढ़ते जोखिम

मार्केट कैप के हिसाब से USDT अब भी सबसे आगे है। इसकी कुल मार्केट वैल्यू 187 बिलियन डॉलर है, जबकि USDC करीब 75 बिलियन डॉलर पर है। हालांकि, ट्रांजैक्शन के मामले में USDC आगे निकल चुका है। दूसरी ओर, जोखिम भी बढ़े हैं। 2025 में अवैध क्रिप्टो गतिविधियां रिकॉर्ड 154 बिलियन डॉलर तक पहुंच गईं। इनमें 84% ट्रांजैक्शन स्टेबलकॉइन के जरिए हुए। नॉर्थ कोरिया से जुड़े Lazarus Group पर करीब 2 बिलियन डॉलर की चोरी का आरोप है, जबकि फरवरी 2025 में Bybit हैक में लगभग 1.5 बिलियन डॉलर की चोरी हुई।

READ MORE: 2025 में BNB Chain बना सबसे एक्टिव ब्लॉकचेन, Solana को छोड़ा पीछे

आगे का रास्ता क्या होगा?

आर्टेमिस के अनुसार, 2025 की चौथी तिमाही में स्टेबलकॉइन ट्रांजैक्शन 11 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गए, जो तीसरी तिमाही के 8.8 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हैं।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

south korea supreme court bitcoin exchange seizure
Previous Story

एक्सचेंज में रखे Bitcoin को किया जा सकता है जब्त

जुर्माना और बैन की चेतावनी के बाद Grok का यू-टर्न, इमेज जनरेशन लगाया ब्रेक!
Next Story

जुर्माना और बैन की चेतावनी के बाद Grok का यू-टर्न, इमेज जनरेशन लगाया ब्रेक!

Latest from Cryptocurrency

Don't Miss