Google के पूर्व CEO ने दी चेतावनी, चैटबॉट्स बन सकते हैं बड़ा खतरा

6 mins read
536 views
Google के पूर्व CEO ने दी चेतावनी, चैटबॉट्स बन सकते हैं बड़ा खतरा
October 15, 2025

Google AI Warning: AI को लेकर दुनियाभर में बहस तेज है। अब Google के पूर्व CEO एरिक श्मिट ने भी इस तकनीक को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि AI चैटबॉट्स को हैक किया जा सकता है और अगर ऐसा हुआ तो ये चैटबॉट्स गलत हाथों में जाकर टेक इंडस्ट्री और समाज दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

Google के पूर्व CEO के मुताबिक, AI चैटबॉट्स पर नियंत्रण न रखा गया तो यह तकनीक साइबर हथियार बन सकती है और समाज में भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

AI सुरक्षा को लेकर चिंता

एरिक श्मिट ने हाल ही में लंदन में हुए एक टेक कॉन्फ्रेंस में कहा कि AI मॉडल्स को हैक करके उन पर कब्जा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जब AI मॉडल्स को ट्रेन किया जाता है  तो उन्हें ढेर सारी जानकारी और पैटर्न सिखाए जाते हैं। अगर हैकर्स इस ट्रेनिंग सिस्टम को अपने नियंत्रण में ले लें, तो वे मॉडल को गलत दिशा में प्रशिक्षित कर सकते हैं।

श्मिट ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है जब सभी बड़ी टेक कंपनियों को अपने AI सिस्टम्स की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद लेनी होगी। अगर कोई हैकर किसी कंपनी के AI मॉडल को रिवर्स इंजीनियरिंग करके बदल देता है, तो इसकी जिम्मेदारी उसी कंपनी की होगी जिसने मॉडल तैयार किया है।

READ MORE: हिंदी बोलने वालों के लिए खुशखबरी! Meta प्रति घंटे दे रही 4,500, जानें कैसे

चैटबॉट्स बन सकते हैं साइबर हथियार

श्मिट ने चेतावनी दी कि आज के कई एडवांस AI चैटबॉट्स कोडिंग, बग डिटेक्शन और डेटा विश्लेषण के साथ-साथ हैकिंग या जेलब्रेक अटैक जैसे काम भी सीख सकते हैं। कई विशेषज्ञ पहले भी कह चुके हैं कि अगर इन मॉडलों पर सही सुरक्षा नहीं रखी गई, तो ये भविष्य में साइबर युद्ध के हथियार बन सकते हैं। इन जनरेटिव AI सिस्टम्स में खुद का कोड फिर से लिखने की क्षमता होती है। अगर इन्हें गलत कोड या वायरस के साथ संक्रमित कर दिया जाए, तो यह सिस्टम अपने आप सीखकर बड़ी डिजिटल तबाही मचा सकता है।

READ MORE: Apple ने खारिज किया दावा: OpenAI से पार्टनरशिप करना गलत नहीं

पहले भी दी गई थी चेतावनी

AI के गॉडफादर जेफ्री हिंटन पहले ही कह चुके हैं कि अगर AI चैटबॉट्स पर नियंत्रण नहीं रखा गया तो यह तकनीक इंसानों के लिए भविष्य में खतरनाक साबित हो सकती है। वहीं, श्मिट ने कहा कि फिलहाल,  AI इंसानों जितना बुद्धिमान नहीं है, लेकिन तेजी से विकसित होती यह तकनीक आने वाले समय में मानवता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है अगर इसे नियंत्रित न किया गया।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Citi-Bank-डिजिटल-एसेट्स-में-करेगा-एंट्री-2026-में-लॉन्च-करेगा-Crypto-सर्विसे
Previous Story

Citi Bank डिजिटल एसेट्स में करेगा एंट्री, 2026 में लॉन्च करेगा Crypto सर्विसेज

Next Story

जापान में जल्द खत्म होगी क्रिप्टो की अंदरूनी ट्रेडिंग, जानें क्यों ?

Latest from Artificial Intelligence

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Khan Academy AI: Google ने हाल ही में Khan Academy के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य AI सहायता वाले लर्निंग टूल्स तैयार करना है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों की कक्षा में मदद करेंगे। इस साझेदारी की जानकारी इस साल ब्रिटिश Bett कॉन्फ्रेंस में दी गई है, जिसमें Google ने बताया है कि वह Gemini AI मॉडल्स को Khan Academy के लर्निंग प्लेटफॉर्म में शामिल करेगा।  Khan Academy में Google का Gemini AI शामिल, Writing और Reading Coach छात्रों की पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाएंगे।   शिक्षक की जगह नहीं, मदद के लिए AI  Google और Khan Academy का कहना है कि AI का मकसद शिक्षक की जगह लेना नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई में मदद करना है। इस साझेदारी का लक्ष्य खासतौर पर मिडल और हाई स्कूल के छात्रों की पढ़ाई और लेखन में कमियों को पूरा करना है।  छात्रों के सीखने के तरीके के अनुसार टूल्स  Google के अनुसार, प्रभावी AI लर्निंग साइंस पर बेस्ड होना चाहिए। Khan Academy के शिक्षकों का सालों का अनुभव AI टूल्स को छात्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार करने में इस्तेमाल किया गया है। स्कूलों ने खासतौर पर साक्षरता को बड़ी चुनौती बताया है और यह साझेदारी उसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई है।  AI से मार्गदर्शन  Khan Academy ने अपना नया Writing Coach पेश किया है, जो Gemini AI द्वारा संचालित है। यह टूल छात्रों के लिए निबंध नहीं लिखता, बल्कि उन्हें आउटलाइन बनाने, लेखन और संपादन करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को सोचने और विचार व्यक्त करने की क्षमता देना है।  शिक्षक इसे पूर्ण इंटरएक्टिव मोड या केवल फीडबैक मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं। टूल अमेरिका में कक्षा 7 से 12 के छात्रों के लिए उपलब्ध है और बीटा वर्जन कक्षा 5 और 6 के छात्रों के लिए भी है। यह persuasive writing, expository

Don't Miss