Google Maps की ये गलतियां आपको पहुंचा देगी जेल!

5 mins read
7.2K views
November 26, 2024

Google Map का इस्तेमाल करते समय आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर आपने इन बातों का ध्यान नहीं रखा तो आप लोकेशन के बदले जेल भी पहुंच सकते हैं।

Google Maps: देश में लोग अपनी लोकेशन तक पहुंचने के लिए Google Maps का खूब इस्तेमाल करते हैं। यह काफी पॉपुलर ऐप है, लेकिन क्या आपको पता है कि Google Maps काफी खतरनाक भी हो सकता है। कई बार देखा गया है कि Google Maps लोगों को उनकी लोकेशन की जगह जेल तक पहुंचा देता है। दरअसल, कई खामियों की वजह से Google Maps लोगों को गलत जगह पर पहुंचा देता है, लेकिन ऐसा क्यों होता है? आइए जानते हैं।

ये हैं Google Maps की गलतियां

  • कई बार लोग Google Maps की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
  • पहाड़ी इलाका, जंगल या ऐसे इलाकों में Google Map ठीक से काम नहीं करता है जहां नेटवर्क नहीं होता है।
  • कई बार Google Map में पुराना डेटा होता है। जैसे कि पहले जहां खेत हुआ करते थे, अब वहां हाईवे बन गया है, लेकिन Google Map में वह अपडेट नहीं होता।
  • बैकएंड में दिक्कत आने की वजह से Google Map स्लो काम करने लगता है या पूरी तरह से बंद हो जाता है, जिसकी वजह से Google Map गलत लोकेशन दिखाने लगता है।
  • निर्माण क्षेत्र या बंद सड़कों की जानकारी सही समय पर न मिलने की वजह से Google Map पर इसका कोई अपडेट नहीं होता है।

यूजर्स भी करते हैं गलतियां

Google Maps की गलतियों के साथ-साथ यूजर्स की भी गलतियां होती है। यूजर्स की कुछ आदतें भी कई बार उनके परेशानी का कारण बन जाती हैं।

  • अगर फोन का GPS सिग्नल ठीक से काम नहीं करता है, तो Google Maps सही लोकेशन नहीं दिखा पाता है।
  • बैटरी सेवर मोड ऑन करने से फोन के कुछ फंक्शन बंद हो जाते हैं, जिससे Google Maps स्लो काम करते हैं।
  • लोकेशन हिस्ट्री ऑफ होने पर Google Maps सही समय और दूरी नहीं दिखाता है।
  • फोन में जरूरी परमिशन को ऑफ रखने से Google Maps पर नकारात्मक असर पड़ता है।

ऐसे करें Google Maps का सही इस्तेमाल

Google Maps का इस्तेमाल करते समय कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए इन टिप्स को फॉलो करने की जरूरत है।

  • ट्रैवल शुरू करते समय वाहन मोड को सही से सेट करें।
  • नेविगेशन सेटिंग में जाकर ‘Avoid Highway’ ऑप्शन को बंद कर दें।
  • आईफोन यूजर्स को लोकेशन सर्विस में जाकर ‘Accurate Location’ ऑन कर देनी चाहिए।

इन सेटिंग्स को सही करके आप Google Maps की गलतियों से बच सकते हैं और सही लोकेशन पर पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।

Analytics Insight

दिव्या सिंह : मैं 6 साल के अनुभव के साथ कंटेट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. मेरे अंदर सरल स्वभाव के साथ कुछ अलग करने की चाह है. मैनजमेंट और नेतृत्व क्षमता से भरपूर मुझमें अच्छे कम्युनिकेशन स्किल्स हैं. मेरे अंदर खास यह है कि किसी भी काम को तय समय पर समाप्त कर लेती हूं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Previous Story

इस देश में बैन हुआ WhatsApp और Gmail, जानें क्यों

Next Story

किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! भारतीय अमेरिकियों ने बनाया AI ऐप

Latest from Tech News

technology

भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा करने में आगे

India Open Source Platforms:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक संसदीय मंच पर भारत की टेक्नोलॉजी साझा करने की पहल को रेखांकित किया। दिल्ली में 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ 2026 के उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिन्हें ग्लोबल साउथ के देश अपनाकर अपने सिस्टम में लागू कर सकते हैं।  भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है, प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC 2026 में ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल नवाचारों को साझा करने की पहल की जानकारी दी। भारत की ओपन सोर्स पहल  मोदी ने कहा कि अब भारत की टेक्नोलॉजी विकास रणनीति केवल देश के भीतर सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य यह है कि भारत में बने नवाचार ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हमारे नवाचार पूरे ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ देशों के लिए लाभकारी हों। इसके लिए हम ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, ताकि अन्य देश भी भारत जैसे सिस्टम विकसित कर सकें।  पिछले कुछ सालों में भारत ने पहचान, पेमेंट और प्रशासन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम बनाए हैं। कई छोटे देशों के लिए यह व्यावहारिक साबित हो रहा है क्योंकि महंगे सॉफ़्टवेयर पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।  ग्लोबल साउथ पर जोर  प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देशों को अपना मार्ग खुद तय करना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया है। G20 अध्यक्षता के दौरान भी ये मुद्दे मुख्य चर्चा में रहे। मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास संतुलित तभी हो सकता है जब दुनिया के बड़े हिस्से पीछे न रहें।  READ MORE: Elon Musk ने मोदी सरकार को कोर्ट में दी चुनौती? जानें क्यों  लोकतंत्र और संसदीय शिक्षा  मोदी ने CSPOC सम्मेलन के व्यापक उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न देशों में संसदीय लोकतंत्र की जानकारी और समझ बढ़ाना है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को इसकी ताकत बताया। उन्होंने इसे एक बड़े पेड़ की तरह बताया, जिसकी जड़ें गहरी हैं और शाखाएं बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने के लिए फैली हुई हैं।  READ MORE: X पर पीएम मोदी का दबदबा, भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए गए पोस्ट  मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रदाता नहीं है, बल्कि प्रशासन, कानून निर्माण और डिजिटल सिस्टम के अनुभव साझा करने वाला साझेदार बनना चाहता है। इस सम्मेलन में यह संदेश भी गया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को एक साथ विकसित करना जरूरी है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी अपनी आधारभूत प्रणाली बना रहे हैं। 
chinese app

क्या आप जिंदा हैं? हर 48 घंटे में आपसे पूछेगा ये App

Are You Alive App: जरा सोचिए… आपका फोन हर दो दिन में आपसे सिर्फ एक सवाल पूछे ‘क्या आप जिंदा हैं? और अगर आप जवाब नहीं देते, तो आपके परिवार या दोस्तों को अलर्ट भेजा जाता है।  यह सुनने में जरा अजीब लगता है, लेकिन चीन में लाखों लोग Are You Dead? ऐप डाउनलोड कर रहे हैं, जो बिल्कुल यही करता है।  Are You Dead?ऐप चीन में लोकप्रिय, अकेले रहने वालों के लिए डिजिटल सुरक्षा का तरीका, जो याद दिलाता है कि आप जिंदा हैं।  ऐप का तरीका आसान और सीधा  Are You Dead? ऐप बहुत आसान है। इसमें कोई चैट, प्रोफाइल या सोशल फीड नहीं है। बस एक बड़ा बटन है जिस पर लिखा है I’m Alive। हर 48 घंटे में यूजर्स को इस पर टैप करना होता है। अगर कोई लगातार दो बार चेक इन करना भूल जाता है, तो ऐप प्री सेलेक्टेड इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को मैसेज भेज देता है। यह मैसेज आपके जानकार को चेतावनी देता है कि शायद कुछ गड़बड़ है।  READ MORE: Apple पर लगा टेक्नोलॉजी चोरी का आरोप, जानें पूरा मामला   किन लोगों के लिए है यह ऐप  यह ऐप खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अकेले रहते हैं, बड़े शहरों में काम करते हैं या जिनके बच्चे किसी दूसरे शहर में रहते हैं। ऐसे जीवन में कभी–कभी कोई नहीं जान पाता कि कुछ गलत हुआ है। यह ऐप डिजिटल सुरक्षा की एक छोटी चाबी की तरह काम करता है।   विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा फायदा इसकी सरलता और हल्कापन है। यह ध्यान नहीं खींचता, किसी सोशल ऐप की तरह उलझाता नहीं, लेकिन जब जरूरत होती है, तो यह आपके लिए बोलता है।  READ MORE: Nvidia ने Groq की AI चिप टेक्नोलॉजी ली लाइसेंस पर  आधुनिक जीवन और अकेलेपन की कहानी  Are

Don't Miss