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AI ने 20 साल से इंतजार कर रही महिला को किया प्रेगनेंट

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June 19, 2025

AI तकनीक जैसे STAR अब जीवन बदलने वाले फैसले ले रही है और आने वाला भविष्य इससे और भी बेहतर बन सकता है। 

STAR AI: न्यूयॉर्क के एक दंपति आज दुनियाभर में प्रेरणा बन गई है। करीब 20 साल तक संतान के लिए संघर्ष करने के बाद जब सारी उम्मीदें खत्म हो चुकी थीं, तब टेक्नोलॉजी ने उन्हें जीवन की सबसे बड़ी खुशी दे दी। इस जोड़े ने 15 बार IVF ट्रीटमेंट करवाया, लेकिन हर बार नाकाम रहे। 

STAR एक AI आधारित चमत्कारी टूल 

Columbia University के साइंटिस्टों ने एक ऐसा AI टूल विकसित किया है, जिसने इस दंपति की किस्मत बदल दी। इस टूल का नाम STAR है। इसका काम उन सीमेन सैंपल में भी जीवित शुक्राणु ढूंढ निकालना है, जिनमें आमतौर पर कोई स्पर्म नहीं दिखाई देता। 

STAR कैसे काम करता है? 

यह एक माइक्रोफ्लुइडिक चिप का इस्तेमाल करता है, जो सीमेन को अलग-अलग तत्वों में बांटता है। फिर हाई-स्पीड कैमरा लाखों फ्रेम में सीमेन को रिकॉर्ड करता है। इसके बाद AI और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम इन फ्रेम्स को स्कैन करते हैं और उनमें छिपे हुए शुक्राणुओं को पहचान लेते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह ठीक वैसा है जैसे सुई को भूसे के ढेर में ढूंढना और STAR यह काम कुछ ही घंटों में कर देता है। 

सिर्फ 1 घंटे में 44 जीवित स्पर्म 

इस जोड़े के केस में दो दिन तक लैब टेक्नीशियन स्पर्म ढूंढने में असफल रहे, लेकिन STAR ने महज एक घंटे में 44 जीवित शुक्राणु खोज निकाले। इसके बाद मार्च 2025 में बिना किसी हार्मोनल दवा या सर्जरी के IVF किया और सफल रहा। अब यह दंपति अपने पहले बच्चे के आने की तैयारी में है। 

Azoospermia: पुरुषों में बांझपन की गंभीर स्थिति 

इस केस में पति को Azoospermia था यानी सीमेन में कोई भी स्पर्म नहीं पाया जाता। यह दो प्रकार का होता है। 

  1. Obstructive Azoospermia: शरीर स्पर्म बनाता है लेकिन वह बाहर नहीं आ पाता। 
  1. Non-obstructive Azoospermia: शरीर में स्पर्म बनता ही नहीं या बहुत ही कम मात्रा में बनता है। 

इसके कई कारण हो सकते हैं 

  • जेनेटिक समस्याएं 
  • कैंसर का इलाज (कीमोथैरेपी/रेडिएशन) 
  • हार्मोनल गड़बड़ी 
  • ड्रग्स या शराब की लत 
  • टेस्टिकल्स की संरचना में दोष 

भविष्य की संभावनाएं क्या है 

फिलहाल, STAR सिर्फ स्पर्म खोजने में मदद करता है, लेकिन आने वाले समय में AI तकनीक इन क्षेत्रों में भी मददगार हो सकती है। 

  1. हाई क्वालिटी वाले अंडाणु और भ्रूण की पहचान

  2. IVF सफलता का पूर्वानुमान

  3. पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान

  4. प्रजनन टिश्यू में सूक्ष्म दोषों का पता लगाना 

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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