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Google Pay और PhonePe को राहत, NPCI ने बढ़ाई डेडलाइन

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January 3, 2025

PhonePe और Google Pay जैसी बड़ी कंपनियों को राहत देते हुए NPCI ने थर्ड पार्टी UPI ऐप पर 30 फीसदी वॉल्यूम कैप लागू करने की समयसीमा दो साल बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है।

Google Pay और PhonePe: NPCI ने थर्ड पार्टी ऐप्स PhonePe और Google Pay के लिए UPI में अपनी बाजार हिस्सेदारी कम करने की समय सीमा दो साल यानी की 2026 तक के लिए बढ़ा दी है। यह दूसरी बार है जब NPCI ने समय सीमा बढ़ाई है। नई कंपनियों के आने के बाद भी इन दोनों ऐप्स ने अपनी बाजार हिस्सेदारी 48 फीसदी और 37 फीसदी तक बढ़ा ली है। इस फैसले से PhonePe और Google Pay जैसे UPI प्लेटफॉर्म को राहत मिली है, जो भारतीय UPI इकोसिस्टम का नेतृत्व कर रहे हैं।

मार्केट शेयर कैप क्या है

बता दें कि 2020 में मार्केट शेयर कैप का प्रपोजल रखा गया था, जिसका मकसद किसी भी UPI पेमेंट ऐप को 30% से ज्यादा मार्केट शेयर हासिल करने से रोकना था। वहीं, कॉम्पीटीशन को बढ़ावा देना और मोनोपोली को रोकना था। हालांकि, अभी PhonePe की मार्केट शेयर 47.8% है, जबकि Google Pay की 37% है इसलिए इस समय कैप लागू करने से इन प्लेटफॉर्म की सेवाओं में बाधा आ सकती है, जो लाखों यूजर्स को अपनी सेवा देते हैं।

क्या है मकसद

समय सीमा बढ़ाकर NPCI ने बाजार में कॉम्पीटीशन और इनोवेशन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। इससे उभरते फिनटेक प्लेटफॉर्म को अपना कारोबार मजबूत करने के लिए और समय मिलेगा।

WhatsApp Pay के लिए नई पॉसिबिलिटी

NPCI ने WhatsApp Pay पर 100 मिलियन यूजर्स की सीमा भी हटा दी है, जिससे Meta के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म को भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र में अधिक प्रभावी ढंग से कॉम्पीटीशन करने की अनुमति मिल गई है।

UPI की बढ़ती पॉपुलैरिटी

UPI में 2024 में 46% की तेज वृद्धि होने का अनुमान है, जिसमें लेनदेन की संख्या 2023 में 118 बिलियन से बढ़कर 172 बिलियन तक पहुंच जाएगी। यह वृद्धि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में UPI की महत्वपूर्ण भूमिका को दिखाती है और संतुलित नियामक परिवर्तनों की आवश्यकता को दिखाती है।

फ्यूचर पॉसिबिलिटी

नई समय सीमा के साथ PhonePe और Google Pay  जैसे प्रमुख ऐप को अपने व्यवसाय मॉडल को अनुकूलित करने और सेवाओं में विविधता लाने का समय भी मिलेगा। इसके अलावा यह विस्तार स्थापित और नए खिलाड़ियों के बीच सहयोग को भी प्रोत्साहित कर सकता है, जिससे कस्टमर को और भी अच्छी सेवाएं मिल सकेंगी।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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