अब नेटवर्क नहीं जानेगा आपकी सटीक लोकेशन, iPhone यूज़र्स को राहत!

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iOS 26.3 में Apple ने जोड़ा नया प्राइवेसी फीचर
January 27, 2026

iOS 26.3 location privacy: डिजिटल प्राइवेसी को लेकर Apple ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। iOS 26.3 में कंपनी ने ऐसा फीचर जोड़ा है, जिससे मोबाइल नेटवर्क कंपनियां अब यूज़र्स की सटीक लोकेशन ट्रैक नहीं कर पाएंगी। इस फीचर का नाम है Limit Precise Location और यह Apple के नए हार्डवेयर विज़न की झलक भी देता है।

अगर आप भी iPhone यूज़र्स हैं तो आपके लिए बड़ी खशखबरी है! iOS 26.3 का नया फीचर बढ़ाएगा लोकेशन प्राइवेसी…जानें इस नए प्राइवेसी के फायदे?

अब सिर्फ सटीक लोकेशन जानना होगा मुश्किल

अब तक सेलुलर नेटवर्क तकनीकी जरूरतों के नाम पर यूज़र्स की काफी सटीक लोकेशन जान लेते थे। लेकिन iOS 26.3 के नए फीचर के बाद यह स्थिति बदल रही है। जब यह सेटिंग एक्टिव होती है, तो नेटवर्क को सिर्फ इतना पता चलेगा कि फोन किस इलाके में मौजूद है, न कि वह किस सड़क या बिल्डिंग में है।

प्राइवेसी रहेगी ज़्यादा मजबूत

Apple का दावा है कि इस बदलाव से कॉलिंग, इंटरनेट स्पीड या नेटवर्क क्वालिटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सबसे अहम बात यह है कि आपातकालीन सेवाओं के लिए लोकेशन डेटा पहले की तरह पूरी तरह सटीक रहेगा। यानी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, सिर्फ अनावश्यक ट्रैकिंग पर रोक।

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हर iPhone में नहीं मिलेगा यह फीचर

यह सुविधा सभी iPhones के लिए नहीं लाई गई है। Apple ने इसे सिर्फ उन डिवाइसेज़ तक सीमित रखा है जिनमें कंपनी का खुद का मॉडेम इस्तेमाल किया गया है। फिलहाल यह फीचर इन डिवाइसेज़ में उपलब्ध है। iPhone Air, iPhone 16e, Wi-Fi + Cellular, इसके साथ iOS 26.3 या उससे नया वर्ज़न होना जरूरी है।

कुछ ही देशों में ही शुरू हुई सुविधा

यह फीचर अभी ग्लोबल नहीं है। Apple ने इसे कुछ गिने-चुने देशों और कैरियर के साथ ही रोलआउट किया है। जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका और थाईलैंड के कुछ नेटवर्क इस सुविधा को सपोर्ट कर रहे हैं। इससे साफ है कि Apple इसे स्टेप-बाय-स्टेप आगे बढ़ा रहा है।

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आसान सेंटिग एक सेटिंग

इस फीचर को ऑन करना बेहद आसान है। Settings  Cellular, Cellular Data Options में जाकर Limit Precise Location को एक्टिव किया जा सकता है। कभी-कभी डिवाइस को रीस्टार्ट करने की जरूरत भी पड़ सकती है।

Apple का मॉडेम गेम

टेक एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह फीचर सिर्फ शुरुआत है। Apple अपने इन-हाउस मॉडेम के ज़रिए अब ऐसे फीचर्स ला रहा है जो पहले संभव नहीं थे। iPhone 16e में मौजूद C1 मॉडेम और iPad Pro का C1X मॉडेम इस रणनीति का पहला कदम हैं। आने वाले समय में iPhone 18 Pro सीरीज़ में C2 मॉडेम आने की चर्चा है। इसके साथ ही ऐसे और प्राइवेसी-केंद्रित फीचर्स आम यूज़र्स तक पहुंच सकते हैं।

कुल मिलाकर, iOS 26.3 का यह फीचर दिखाता है कि Apple अब सिर्फ ऐप्स से नहीं, नेटवर्क लेवल पर भी यूज़र प्राइवेसी को दोबारा परिभाषित कर रहा है।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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