India AI Impact Summit 2026: India AI Impact Summit 2026 में शामिल हुए प्रतिभागियों को निशाना बनाकर एक फिशिंग अभियान चलाए जाने की चेतावनी जारी की गई है। 22 फरवरी को जारी एडवाइजरी में आयोजकों ने बताया कि कुछ ठग SMS और WhatsApp के जरिए नकली संदेश भेज रहे हैं। इन संदेशों में ‘रिफंड प्रोसेस’ करने का दावा किया जाता है और लोगों से बैंकिंग व निजी जानकारी मांगी जाती है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि ये संदेश आधिकारिक नहीं हैं।
India AI Impact Summit 2026 के प्रतिभागियों को नकली रिफंड संदेश भेजकर ठगी करने की कोशिश की जा रही है। आयोजकों ने लोगों से बैंकिंग जानकारी साझा न करने और केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने की सलाह दी है।
धोखाधड़ी कैसे की जा रही है
रिपोर्ट के अनुसार, फर्जी संदेशों में कार्ड नंबर, CVV, OTP और WhatsApp संपर्क जानकारी मांगी जा रही है। कई संदेशों में संदिग्ध लिंक भी भेजे जा रहे हैं, जिन पर क्लिक करने से डेटा चोरी का खतरा बढ़ जाता है। आयोजकों ने साफ कहा है कि किसी भी वैध रिफंड प्रक्रिया में मैसेजिंग ऐप के जरिए बैंक विवरण नहीं मांगा जाता।
प्रतिभागियों के लिए जरूरी सावधानियां
आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों से सतर्क रहने की अपील की है।
- कार्ड नंबर, CVV या OTP किसी के साथ साझा न करें
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें
- किसी भी रिफंड या अपडेट की पुष्टि केवल आधिकारिक चैनलों से करें
- अनचाहे मैसेज को नजरअंदाज करें
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अगर आपने जानकारी साझा कर दी है तो तुरंत क्या करें
यदि किसी व्यक्ति ने गलती से लिंक खोला या जानकारी साझा कर दी है, तो तुरंत अपने बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था से संपर्क करें। अपने खाते की सुरक्षा सुनिश्चित करें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन पर नजर रखें।
बड़े टेक आयोजनों पर क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे हमले
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और तकनीकी आयोजनों के दौरान ऐसे स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग इवेंट की लोकप्रियता और प्रतिभागियों की जानकारी का फायदा उठाकर लोगों को झांसा देते हैं।
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समिट की पृष्ठभूमि और वैश्विक भागीदारी
India AI Impact Summit 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक दिल्ली में हुआ। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में 118 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और 50,000 से ज्यादा लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी, इमैनुएल मैक्रों, सुंदर पिचाई, डेमिस हसाबिस और ऋषि सुनक जैसे प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। सम्मेलन का फोकस एआई गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा व वित्त जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग पर रहा।
