Google Messages Update: मैसेजिंग ऐप्स अब बातचीत के माध्यम से एक कदम आगे बढ़कर जरिया सुरक्षा और कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण टूल बनती जा रही हैं। दरअसल, Google Messages ने रियल-टाइम लोकेशन शेयरिंग फीचर की शुरुआत कर दी है। यह नया विकल्प यूजर्स को चैट के भीतर से ही अपनी लाइव लोकेशन साझा करने की सुविधा देता है।
सुरक्षा और कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए Google Messages ने Find Hub आधारित लाइव लोकेशन शेयरिंग रोलआउट की है। जानिए कैसे काम करता है यह फीचर।
Location से Real-time location’तक
पहले जहां यूजर्स केवल एक बार की लोकेशन लिंक भेज सकते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। अटैचमेंट के प्लस मेन्यू में Real-time location नाम का नया विकल्प दिखाई देने लगा है। वहीं पुराना तरीका One time Location के रूप में बरकरार है। यानी जरूरत के अनुसार आप तय कर सकते हैं कि सिर्फ एक बार लोकेशन भेजनी है या लगातार अपडेट के साथ लाइव लोकेशन शेयर करनी है।
समय की पूरी कमान यूजर के हाथ में
इस फीचर की खासियत यह है कि लोकेशन शेयरिंग की अवधि पूरी तरह यूजर नियंत्रित कर सकता है। इसके लिए कई सार विकल्प दिए गए हैं। विकल्पों में 1 घंटे तक, केवल आज के लिए, जब तक खुद बंद न करें, या 24 घंटे के भीतर कोई कस्टम अवधि शामिल है। जैसे ही आप अवधि चुनकर भेजते हैं, चैट में एक लोकेशन कार्ड दिखने लगता है, जिससे सामने वाला आपकी मूवमेंट देख सकता है।
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Maps और Find Hub का सपोर्ट
यह सुविधा Google की लोकेशन सेवाओं पर आधारित है। बैकएंड में Google Maps और Find Hub काम करते हैं। यहीं से लोकेशन डेटा प्रोसेस होता है। यूजर चाहें तो मैप्स या Find Hub के जरिए भी लोकेशन शेयरिंग को मैनेज या बंद कर सकते हैं।
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प्राइवेसी और कंट्रोल पर जोर
हालांकि चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहती है। लेकिन लाइव लोकेशन शेयरिंग Google की टर्म्स ऑफ सर्विस और Privacy Policy के तहत संचालित होती है। इसका मतलब है कि लोकेशन डेटा मैप्स सर्विस के जरिए प्रोसेस किया जाता है। यह फीचर अभी चुनिंदा बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध हुआ है। Google से मिल रहे संकेत के मुताबिक जल्द ही इसका व्यापक रोलआउट हो सकता है।
इस प्रकार देखें तो, Google Messages का यह अपडेट चैटिंग को और ज्यादा उपयोगी बना सकता है। खासतौर पर तब, जब सुरक्षा या रियल-टाइम ट्रैकिंग की जरूरत हो।
