ChatGPT में विज्ञापन को लेकर Google DeepMind के CEO की आपत्ति

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January 26, 2026

Google DeepMind CEO: Google DeepMind के CEO डेमिस हसाबिस ने OpenAI के ChatGPT में विज्ञापन लाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। स्विट्जरलैंड के Davos में चल रहे World Economic Forum के दौरान उन्होंने कहा कि ChatGPT जैसे लोकप्रिय AI प्लेटफॉर्म में इतनी जल्दी विज्ञापन शुरू करना उन्हें हैरान करता है। उनके इस बयान को OpenAI और Google के AI बिजनेस मॉडल के बीच बढ़ते फर्क के तौर पर देखा जा रहा है।

Google DeepMind के CEO डेमिस हासाबिस ने ChatGPT में विज्ञापन लाने पर सवाल उठाए हैं, जानिए OpenAI और Google के AI विजन में क्या फर्क है और क्यों बढ़ रही है फाइनेंशियल चिंता।

इतनी जल्दी कमाई पर ध्यान देना चौंकाने वाला

डेमिस हसाबिस ने कहा कि OpenAI शायद राजस्व बढ़ाने के दबाव में है, इसलिए उसने ChatGPT में विज्ञापन लाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि यह दिलचस्प है कि उन्होंने इतनी जल्दी यह कदम उठाया।

हसाबिस ने साफ किया है कि Google फिलहाल अपने Gemini AI में विज्ञापन लाने की कोई योजना नहीं बना रहा है। Google का मानना है कि इस समय AI प्रोडक्ट्स को ऐड-फ्री रखना जरूरी है, ताकि यूजर्स का भरोसा बना रहे। इस बयान की जानकारी सबसे पहले Axios की रिपोर्ट में सामने आई।

OpenAI ने बताया, ChatGPT में कैसे दिखेंगे विज्ञापन

हसाबिस के बयान से कुछ दिन पहले OpenAI ने खुद घोषणा की थी कि वह ChatGPT में विज्ञापन का परीक्षण करने जा रही है। कंपनी के अनुसार, ये विज्ञापन केवल Free और Go प्लान वाले यूजर्स को दिखाए जाएंगे।

OpenAI ने यह भी साफ किया है कि विज्ञापन स्पष्ट रूप से Ads के नाम से दिखेंगे, ChatGPT के जवाब विज्ञापन से प्रभावित नहीं होंगे, यूजर की बातचीत विज्ञापनदाताओं से साझा नहीं की जाएगी और Pro, Business और Enterprise यूजर्स को विज्ञापन नहीं दिखेंगे। कंपनी का कहना है कि विज्ञापन का मकसद AI को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है, बिना भरोसे और पारदर्शिता से समझौता किए।

Davos में भारत और AI पर चर्चा

World Economic Forum के दौरान डेमिस हसाबिस ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि भारत AI के ग्लोबल इकोसिस्टम में तेजी से अहम भूमिका निभा रहा है। हसाबिस ने कहा कि उन्हें AI के जरिए मानवता को होने वाले फायदे पर चर्चा करके खुशी हुई और वह नई दिल्ली में होने वाले AI Impact Summit में आगे बातचीत जारी रखने को लेकर उत्साहित हैं।

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OpenAI की आर्थिक स्थिति पर सवाल

ChatGPT में विज्ञापन लाने के फैसले के पीछे OpenAI की फाइनेंशियल चुनौतियां भी बताई जा रही हैं। नवंबर में टेक एनालिस्ट स्कॉट गैलोवे ने चेतावनी दी थी कि OpenAI की फाइनेंशियल मैनेजमेंट स्थिति चिंताजनक हो सकती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, OpenAI की सालाना रेवेन्यू करीब 13 बिलियन डॉलर है, खर्च इससे दोगुना बताया जा रहा है। Microsoft ने एक तिमाही में 12 बिलियन डॉलर के नुकसान की जानकारी दी है और Google Gemini के करीब 650 मिलियन मंथली यूजर्स हैं।

Deutsche Bank का अनुमान है कि OpenAI मुनाफे में आने से पहले 143 बिलियन डॉलर तक का नुकसान झेल सकती है। वहीं, OpenAI का वीडियो मॉडल Sora रोजाना करीब 15 मिलियन डॉलर खर्च करता है।

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IPO की तैयारी और AI बबल का डर

OpenAI के IPO को लेकर भी चर्चा तेज है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 2026 के अंत तक रेगुलेटर्स के पास फाइलिंग कर सकती है और 2027 में लिस्ट हो सकती है। इसकी वैल्यूएशन करीब 830 बिलियन डॉलर बताई जा रही है। खुद OpenAI CEO सैम ऑल्टमैन भी AI को लेकर जरूरत से ज्यादा उत्साह पर चेतावनी दे चुके हैं।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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