Android Update: Android में Google बड़े फीचर जोड़ने के बजाय उन हिस्सों पर ध्यान देता नजर देना शुरू कर दिया है जिनका इस्तेमाल यूज़र दिन में कई बार करते हैं। लीक के अनुसार, Quick Settings पैनल में ऐसे सुधार किए जा रहे हैं, जो रोज़ के छोटे-छोटे कामों को तेज और कम उलझन वाला बना सकते हैं। तो आइए जानते हैं इन अपडेट के बारे में।
Android यूज़र्स के लिए राहत की खबर! Android 17 में Quick Settings में आनेवाला है बडा बदलाव…जानें पूरा विस्तार से यहां।
रोज़ाना इस्तेमाल पर फोकस
Quick Settings वह जगह है जहां यूज़र बार-बार जाते हैं किसी न किसी तरह पहुंचते हैं, चाहे Internet ऑन-ऑफ करना हो, ब्राइटनेस बदलनी हो या साउंड मोड बदलना हो। लीक में दावा किया गया है कि Google अब इस हिस्से में आने वाली परेशानियों को गंभीरता से ले रहा है। डुअल शेड लेआउट को ज्यादा स्मूद और भरोसेमंद बनाने पर काम कर रहा है।
READ MORE- सस्ता iPhone, जबरदस्त पावर! लॉन्च से पहले चर्चा में…
अब डुअल शेड होगा पहले से बेहतर
डुअल शेड सिस्टम को खत्म करने के बजाय उसे बेहतर किया जा रहा है। यानी Notifications और सिस्टम कंट्रोल अलग-अलग पैनल में ही रहेंगे। लेकिन अब उनके लुक और काम करने के तरीके में सुधार देखने को मिल सकता है। इससे गलत स्वाइप, अधूरे एनिमेशन और अजीब व्यवहार जैसी समस्याएं कम होने की उम्मीद है।
बड़े स्क्रीन वाले डिवाइस की अलग जरूरत
लीक रिपोर्ट के मुताबिक यह कहा गया है कि टैबलेट और Foldable Devices पर डुअल शेड को बंद करने का विकल्प नहीं मिलेगा। बड़े डिस्प्ले पर मल्टीटास्किंग के दौरान यह लेआउट ज्यादा उपयोगी माना जाता है जबकि छोटे फोन पर यूज़र को विकल्प दिए जा सकते हैं।
READ MORE- अब पॉवरफुल बैटरी, दमदार फीचर्स के साथ Xiaomi 17 Max मचाने आ रहा है तहलका!
Network कंट्रोल में वापसी की मांग
Android यूज़र्स लंबे समय से Wi-Fi और मोबाइल डेटा को अलग-अलग टॉगल के तौर पर देखने की मांग कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, Android 17 में यह सुविधा वैकल्पिक रूप से लौट सकती है। इससे नेटवर्क बदलना या समस्या के समय तुरंत डेटा ऑन-ऑफ करना पहले से आसान हो जाएगा। यह थोपे जाने की बजाय एक ऑप्शन के तौर पर दिया जा सकता है। यानी जो यूज़र मौजूदा संयुक्त कंट्रोल से खुश हैं, वे उसे वैसे ही इस्तेमाल कर सकेंगे, जबकि बाकी लोग पुराने स्टाइल पर लौट सकेंगे।
छोटे सुधार, बेहतर अनुभव
कुल मिलाकर, Android 17 का यह अपडेट किसी बड़े डिजाइन बदलाव से ज्यादा यूज़र एक्सपीरियंस को निखारने की कोशिश लगता है। अगर ये फीचर्स आने वाले प्रीव्यू या बीटा वर्ज़न में दिखते हैं, तो साफ होगा कि Google अब रोज़मर्रा की आदतों को तोड़े बिना Android को बेहतर बनाने की राह पर है।
