भारत में यूजर्स और डेटा के लिए OpenAI, Google और Perplexity आमने-सामने

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December 18, 2025

AI Freebies India: भारत में AI को लेकर एक नई और दिलचस्प जंग शुरू हो गई है। OpenAI, Google और Perplexity जैसी बड़ी टेक कंपनियां भारतीय यूजर्स को आकर्षित करने के लिए अपने AI टूल्स फ्री दे रही हैं। पहली नजर में यह यूजर्स के लिए शानदार मौका लगता है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पीछे कंपनियों का मकसद सिर्फ यूजर्स बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत से बड़े पैमाने पर डेटा जुटाना भी है। यही डेटा भविष्य के AI मॉडल्स को और बेहतर बनाने में काम आएगा।

OpenAI, Google और Perplexity भारतीय यूजर्स को फ्री AI टूल्स देकर आकर्षित कर रहे हैं, जानिए इसके पीछे की रणनीति, डेटा का खेल और यूजर्स पर इसका असर।

भारत AI कंपनियों के लिए इतना खास क्यों है?

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है, जहां 73 करोड़ स्मार्टफोन इस्तेमाल हो रहे हैं। यहां के लोग हर महीने औसतन 21GB इंटरनेट डेटा इस्तेमाल करते हैं और इसकी कीमत लगभग 9.2 सेंट प्रति GB है, जो दुनिया में सबसे सस्ते डेटा रेट्स में गिनी जाती है। कम कीमत, ज्यादा यूजर्स और डिजिटल आदतों की वजह से भारत AI कंपनियों के लिए एक परफेक्ट मार्केट बन चुका है।

Google का बड़ा दांव

Google ने नवंबर में भारत में बड़ा कदम उठाया। कंपनी ने Reliance Jio के साथ साझेदारी करते हुए अपने 400 डॉलर वाले Gemini AI Pro सब्सक्रिप्शन को Jio के करीब 50 करोड़ ग्राहकों के लिए 18 महीने तक फ्री कर दिया। इसके अलावा Google ने भारत को उन देशों में शामिल किया है, जहां उसका AI Plus पैकेज भारी छूट पर दिया जा रहा है। इस रणनीति का असर साफ दिखा है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में Gemini के डेली एक्टिव यूजर्स 15% से बढ़कर 1.7 करोड़ तक पहुंच गए हैं, जबकि अमेरिका में यह संख्या करीब 30 लाख ही है।

OpenAI का India-first कदम

OpenAI ने भी भारत के लिए खास प्लान बनाया है। कंपनी ने अपना ChatGPT Go प्लान नवंबर से पूरे एक साल के लिए फ्री कर दिया। यह प्लान 100 से ज्यादा देशों में पेड है, लेकिन फ्री सुविधा सिर्फ भारत में दी गई है। इसका नतीजा यह हुआ कि भारत में ChatGPT के डेली एक्टिव यूजर्स सालाना आधार पर 607% बढ़कर 7.3 करोड़ तक पहुंच गए हैं। यह संख्या अमेरिका से भी दोगुनी से ज्यादा है।

Perplexity की Airtel के साथ साझेदारी

AI सर्च स्टार्टअप Perplexity भी इस रेस में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी ने Airtel यूजर्स के लिए अपने Pro टूल को एक साल के लिए फ्री कर दिया है। इस टूल की ग्लोबल कीमत 200 डॉलर सालाना है। Perplexity का कहना है कि इस प्लान से यूजर्स को उसके सबसे एडवांस रिसर्च टूल्स का अनलिमिटेड एक्सेस मिलता है। आज Perplexity के ग्लोबल डेली एक्टिव यूजर्स में भारत की हिस्सेदारी 33% से ज्यादा हो चुकी है, जबकि पिछले साल यह सिर्फ 7% थी।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

AI एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इन फ्री ऑफर्स के पीछे असली वजह भारत का डेटा है। भारत में कई भाषाएं, बोलियां और मिक्स्ड लैंग्वेज इस्तेमाल होती हैं। यूजर्स जब हिंदी, अंग्रेजी और लोकल भाषाओं को मिलाकर सवाल पूछते हैं, तो यह AI मॉडल्स के लिए एक बड़ा सीखने का मौका बन जाता है। Future Shift Labs के को-फाउंडर सागर विष्णोई के मुताबिक, भारत से मिलने वाला डेटा AI ट्रेनिंग में मौजूद कई कमियों को दूर करता है, खासकर यूजर बिहेवियर को समझने में।

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भारत में Freebie मॉडल पहले भी रहा है सफल

भारत में फ्री या सस्ती सेवाओं से यूजर्स जोड़ने की रणनीति पहले भी कई बार सफल रही है। Reliance Jio ने 2016 में लॉन्च के समय महीनों तक फ्री डेटा और कॉलिंग देकर 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स बना लिए थे। इसी तरह Reliance और Disney ने क्रिकेट स्ट्रीमिंग को फ्री देकर करोड़ों दर्शकों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ा।

यूजर्स को क्या मिल रहा है?

आज भारत में ChatGPT के 46% मंथली यूजर्स रोज ऐप खोलते हैं। वहीं, Perplexity के लिए यह आंकड़ा 20% और Gemini के लिए 14% है। हैदराबाद के PhD स्टूडेंट अनीस हसन जैसे यूजर्स रोज 3 घंटे तक इन फ्री AI टूल्स का इस्तेमाल रिसर्च, राइटिंग और प्रेजेंटेशन के लिए कर रहे हैं।

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डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंता

फ्री टूल्स के साथ चिंता भी जुड़ी है। अनीस जैसे कई यूजर्स को डेटा हार्वेस्टिंग का डर है। इसी वजह से उन्होंने AI ट्रेनिंग के लिए डेटा शेयर न करने का ऑप्शन चुना है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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