बिना महंगे रिचार्ज के कॉल-SMS चालू रहेंगे सालभर, फटाफट जानिए पूरा तरीका

7 mins read
86 views
December 30, 2025

Jio sim validity: अगर आप Jio Users हैं और बार-बार महंगे रिचार्ज से बचना चाहते हैं, तो यह ट्रिक आपके काफी काम आ सकती है। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें फोन पर सिर्फ इनकमिंग कॉल, OTP और जरूरी मैसेज चाहिए होते हैं। लेकिन महंगे अनलिमिटेड प्लान लेना उनके लिए जरूरी नहीं होता। ऐसे यूज़र्स के लिए Jio का एक सस्ता विकल्प मौजूद है, जिससे सिम पूरे साल चालू रखी जा सकती है।

Jio का सस्ता रिचार्ज प्लान बना सकता है आपकी सिम को सालभर एक्टिव। जानिए कैसे 44 रुपये में मिलेगा पूरा फायदा।

बिना रिचार्ज कितने दिन तक चालू रहती है Jio सिम?

Jio की पॉलिसी के मुताबिक, जब आपका एक्टिव प्लान खत्म हो जाता है, तो उसके बाद करीब 90 दिनों तक सिम पूरी तरह बंद नहीं होती। इस अवधि में आउटगोइंग सेवाएं बंद रहती हैं, लेकिन इनकमिंग कॉल और मैसेज आते रहते हैं। अगर 90 दिनों तक कोई रिचार्ज या उपयोग नहीं होता, तो सिम डिएक्टिवेट कर दी जाती है और दोबारा किसी और को अलॉट की जा सकती है।

11 रुपये का छोटा रिचार्ज, बड़ा फायदा

कम ही लोगों को पता है कि Jio के पास 11 रुपये का एक स्टैंडअलोन डेटा पैक मौजूद है। इस JioRecharge प्लान में 1 घंटे की वैधता के साथ 10GB हाई-स्पीड 4G डेटा मिलता है। यह पैक किसी बेस प्लान के बिना भी काम करता है और एक्टिवेट होते ही यूज़र डेटा इस्तेमाल कर सकता है।

READ MORE: बिना खर्च, बिना लिमिट बड़ी फाइल भेजनी है? भेजें फ्री में, जानिए Google प्रोसेस

एक घंटे का डेटा, लेकिन वैधता 90 दिन की!

यहां सबसे बात यह है कि भले ही डेटा पैक सिर्फ एक घंटे के लिए हो, लेकिन इसका असर सिम की वैधता पर पड़ता है। जैसे ही आप इस 11 रुपये वाले पैक को इस्तेमाल करते हैं, Jio सिस्टम इसे एक्टिव यूज़ मान लेता है और इसके बाद सिम के बंद होने की 90 दिन की गिनती फिर से शुरू हो जाती है।

सही समय पर रिचार्ज करना है जरूरी

इस ट्रिक को अपनाने के लिए आपको अपने आखिरी प्लान खत्म होने के बाद मिलने वाले 90 दिनों की ग्रेस पीरियड के खत्म होने से एक दिन पहले 11 रुपये का डेटा पैक रिचार्ज करना होगा। ऐसा करने से आपकी सिम अगले 90 दिनों तक सुरक्षित रहेगी, भले ही आपने कोई बड़ा प्लान न लिया हो।

READ MORE: WhatsApp ने 2026 के लिए लॉन्च किए फेस्टिव फीचर्स

कितनी बार अपनाई जा सकती है यह ट्रिक?

इस प्रोसेस को बार-बार दोहराया जा सकता है। हर 90 दिन में सिर्फ 11 रुपये का रिचार्ज करके आप सिम को एक्टिव रख सकते हैं। अगर पूरे साल की बात करें तो करीब 4 बार यह रिचार्ज करना होगा, यानी कुल खर्च लगभग 44 से 45 रुपये के आसपास आएगा।

कब तक मिलेगा फायदा, किनके लिए है खास

सालभर इनकमिंग कॉल्स चालू रहेंगी। OTP और जरूरी SMS मिलते रहेंगे। सिम डिएक्टिवेट नहीं होगी। कोई महंगा प्लान लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह खासकर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो सेकेंडरी सिम इस्तेमाल करते हैं। बैंकिंग और OTP के लिए नंबर रखते हैं। बहुत कम कॉल या इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं। सिर्फ नंबर एक्टिव रखना चाहते हैं।

Previous Story

दिल्ली में होगा विश्वभर के टेक दिग्गजों का महासंगम, PM मोदी करेंगे नेतृत्व

भारत का ‘बंदर अपना दोस्त’ बना YouTube का सुपरस्टार, रचा इतिहास
Next Story

भारत का ‘बंदर अपना दोस्त’ बना YouTube का सुपरस्टार, रचा इतिहास

Latest from News

Snapdragon को सीधी चुनौती

Snapdragon को सीधी चुनौती! MediaTek Dimensity 9500s ने मचाया तहलका!

MediaTek Dimensity 9500s: MediaTek ने अपने टॉप सेगमेंट को और मजबूती प्रदान करने की दिशा में कदम बढा दिया है। कंपनी ने Dimensity 9500s पेश किया है। यह चिप कंपनी के पहले से मौजूद Dimensity 9500 का अपग्रेड है। यह उन स्मार्टफोन्स ते लिए
NVIDIA-AMD पर ट्रंप का टैरिफ

NVIDIA-AMD पर ट्रंप का टैरिफ वार! AI चिप्स पर लगाया 25% टैक्स!

US chip tariff 25 percent: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उन्नत कंप्यूटिंग चिप्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने आधिकारिक आदेश
technology

भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा करने में आगे

India Open Source Platforms:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक संसदीय मंच पर भारत की टेक्नोलॉजी साझा करने की पहल को रेखांकित किया। दिल्ली में 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ 2026 के उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिन्हें ग्लोबल साउथ के देश अपनाकर अपने सिस्टम में लागू कर सकते हैं।  भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है, प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC 2026 में ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल नवाचारों को साझा करने की पहल की जानकारी दी। भारत की ओपन सोर्स पहल  मोदी ने कहा कि अब भारत की टेक्नोलॉजी विकास रणनीति केवल देश के भीतर सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य यह है कि भारत में बने नवाचार ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हमारे नवाचार पूरे ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ देशों के लिए लाभकारी हों। इसके लिए हम ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, ताकि अन्य देश भी भारत जैसे सिस्टम विकसित कर सकें।  पिछले कुछ सालों में भारत ने पहचान, पेमेंट और प्रशासन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम बनाए हैं। कई छोटे देशों के लिए यह व्यावहारिक साबित हो रहा है क्योंकि महंगे सॉफ़्टवेयर पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।  ग्लोबल साउथ पर जोर  प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देशों को अपना मार्ग खुद तय करना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया है। G20 अध्यक्षता के दौरान भी ये मुद्दे मुख्य चर्चा में रहे। मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास संतुलित तभी हो सकता है जब दुनिया के बड़े हिस्से पीछे न रहें।  READ MORE: Elon Musk ने मोदी सरकार को कोर्ट में दी चुनौती? जानें क्यों  लोकतंत्र और संसदीय शिक्षा  मोदी ने CSPOC सम्मेलन के व्यापक उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न देशों में संसदीय लोकतंत्र की जानकारी और समझ बढ़ाना है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को इसकी ताकत बताया। उन्होंने इसे एक बड़े पेड़ की तरह बताया, जिसकी जड़ें गहरी हैं और शाखाएं बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने के लिए फैली हुई हैं।  READ MORE: X पर पीएम मोदी का दबदबा, भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए गए पोस्ट  मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रदाता नहीं है, बल्कि प्रशासन, कानून निर्माण और डिजिटल सिस्टम के अनुभव साझा करने वाला साझेदार बनना चाहता है। इस सम्मेलन में यह संदेश भी गया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को एक साथ विकसित करना जरूरी है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी अपनी आधारभूत प्रणाली बना रहे हैं। 
chinese app

क्या आप जिंदा हैं? हर 48 घंटे में आपसे पूछेगा ये App

Are You Alive App: जरा सोचिए… आपका फोन हर दो दिन में आपसे सिर्फ एक सवाल पूछे ‘क्या आप जिंदा हैं? और अगर आप जवाब नहीं देते, तो आपके परिवार या दोस्तों को अलर्ट भेजा जाता है।  यह सुनने में जरा अजीब लगता है, लेकिन चीन में लाखों लोग Are You Dead? ऐप डाउनलोड कर रहे हैं, जो बिल्कुल यही करता है।  Are You Dead?ऐप चीन में लोकप्रिय, अकेले रहने वालों के लिए डिजिटल सुरक्षा का तरीका, जो याद दिलाता है कि आप जिंदा हैं।  ऐप का तरीका आसान और सीधा  Are You Dead? ऐप बहुत आसान है। इसमें कोई चैट, प्रोफाइल या सोशल फीड नहीं है। बस एक बड़ा बटन है जिस पर लिखा है I’m Alive। हर 48 घंटे में यूजर्स को इस पर टैप करना होता है। अगर कोई लगातार दो बार चेक इन करना भूल जाता है, तो ऐप प्री सेलेक्टेड इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को मैसेज भेज देता है। यह मैसेज आपके जानकार को चेतावनी देता है कि शायद कुछ गड़बड़ है।  READ MORE: Apple पर लगा टेक्नोलॉजी चोरी का आरोप, जानें पूरा मामला   किन लोगों के लिए है यह ऐप  यह ऐप खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अकेले रहते हैं, बड़े शहरों में काम करते हैं या जिनके बच्चे किसी दूसरे शहर में रहते हैं। ऐसे जीवन में कभी–कभी कोई नहीं जान पाता कि कुछ गलत हुआ है। यह ऐप डिजिटल सुरक्षा की एक छोटी चाबी की तरह काम करता है।   विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा फायदा इसकी सरलता और हल्कापन है। यह ध्यान नहीं खींचता, किसी सोशल ऐप की तरह उलझाता नहीं, लेकिन जब जरूरत होती है, तो यह आपके लिए बोलता है।  READ MORE: Nvidia ने Groq की AI चिप टेक्नोलॉजी ली लाइसेंस पर  आधुनिक जीवन और अकेलेपन की कहानी  Are

Don't Miss