AMD Meta AI chip deal: AI इंडस्ट्री की रफ्तार में सॉफ्टवेयर से नहीं, असली मुकाबला हार्डवेयर से हो गई है। इसी कड़ी में Meta Platforms और Advanced Micro Devices के बीच 60 बिलियन डॉलर की बड़ी डील हुई है। जिसके बाद से टेक जगत में हलचल सी मची हुई है। कहा यह जा रहा है यह चिप सप्लाई डील टेक सेक्टर में नई परिभाषा गढ़ने के लिए हुई है। डील के तहत AMD 16 करोड़ शेयरों का वारंट जारी करेगा। जिसकी एक्सरसाइज प्राइस एक सेंट तय की गई है। यह प्रावधान साझेदारी को और गहरा बना सकता है।
बिगटेक के 630 अरब डॉलर के निवेश के बीच AMD-Meta समझौता AI हार्डवेयर मार्केट में बड़ा बदलाव होने के आसार…जानिए अहम है यह डील।
निवेश ही नहीं, हिस्सेदारी की भी नीति
यह समझौता चिप खरीदने-बेचने तक सीमित नहीं है। मेटा को AMD में 10% तक हिस्सेदारी लेने का विकल्प मिलेगा। यानी यह डील सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट से आगे बढ़कर रणनीतिक साझेदारी का रूप ले सकती है। डील की घोषणा के बाद से AMD के शेयर प्री-मार्केट ट्रेडिंग में 11 प्रतिशत से ज्यादा उछल गए। इससे पहले कंपनी के शेयर 196.60 डॉलर पर बंद हुए थे। जो इन साझेदारी के प्रति सकारात्मक देती है।
छह गीगावाट की सप्लाई की बात
AMD की सीईओ Lisa Su ने बताया कि कंपनी मेटा को कुल छह गीगावाट क्षमता के AI चिप्स सप्लाई करेगी। इसकी शुरुआत इस साल की दूसरी छमाही में MI450 फ्लैगशिप चिप के एक गीगावाट से होगी। खास बात यह है कि इस चिप के डिजाइन में मेटा की भी भूमिका रही है। MI450 को खास तौर पर इन्फरेंस वर्कलोड के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है। यानी वही प्रक्रिया, जब चैटबॉट जैसे ChatGPT यूजर के सवालों का जवाब देते हैं।
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मेटा का मल्टी-सोर्स रणनीति
मेटा ने AMD के प्रतिद्वंद्वी Nvidia के साथ भी लाखों AI चिप्स खरीदने का समझौता किया है। इससे साफ है कि मेटा एक ही सप्लायर पर निर्भर रहने के बजाय मल्टी-सोर्स रणनीति अपना रहा है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो Alphabet, Microsoft, Amazon और मेटा इस साल कम से कम 630 अरब डॉलर डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर सकते
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कस्टम CPU भी डील का हिस्सा
इस समझौते में AMD के दो जेनरेशन के कस्टम CPU भी शामिल हैं। ये प्रोसेसर मेटा की जरूरतों के मुताबिक तैयार किए जाएंगे, ताकि ज्यादा परफॉर्मेंस के साथ कम ऊर्जा खपत सुनिश्चित की जा सके। AMD ने पिछले साल OpenAI के साथ भी बड़ी चिप सप्लाई डील की थी। अब मेटा के साथ यह नया समझौता AMD को AI चिप रेस में और मजबूत स्थिति में ला सकता है।
इस प्रकार देखें तो यह चिप निर्माता और टेक दिग्गज एक-दूसरे में निवेश कर भविष्य की टेक्नोलॉजी की नींव रख का काम कर रहे हैं। जिसके परिणाम आनेवाले दिनों के देखने को मिल सकता है।
