Nintendo Trump Tariffs: दुनिया की मशहूर गेमिंग कंपनी Nintendo ने अमेरिकी सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया है। सरकार ने Nintendo से जो टैरिफ वसूला वो Nintendo को वापस चाहिए और कंपनी का कहना है कि यह पैसा गैरकानूनी तरीके से लिया गया था इसलिए ब्याज सहित वापस मिलना चाहिए।
Nintendo ने अमेरिकी सरकार के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। कंपनी का कहना है कि ट्रंप सरकार ने गैरकानूनी तरीके से टैरिफ वसूला और अब यह पैसा ब्याज सहित वापस मिलना चाहिए।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल , राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जमाने में अमेरिका ने कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ लगा दिया था। Nintendo भी इससे बच नहीं पाई। कंपनी अपने बहुत सारे प्रोडक्ट्स बाहर से अमेरिका में मंगाती है और उन सब पर यह टैरिफ चुकाना पड़ा। Nintendo का कहना है कि 2025 से लेकर अब तक सरकार ने जो टैरिफ वसूला वो पूरी तरह गलत और गैरकानूनी था।
किस पर हुआ मुकदमा?
Nintendo ने यह मुकदमा शुक्रवार को अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में दायर किया। इसमें अमेरिकी ट्रेजरी विभाग, होमलैंड सुरक्षा विभाग और सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा को घेरा गया है। कंपनी ने साफ कहा कि वो इन सभी प्रोडक्ट्स की सीधी जिम्मेदार थी जिन पर टैरिफ लगाया गया और इसलिए उसे सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
Switch 2 की लॉन्चिंग भी हो गई थी खटाई में
इन टैरिफ का असर Nintendo के सबसे बड़े प्रोडक्ट पर भी पड़ा। 2025 में Nintendo को अपने नए गेमिंग कंसोल Switch 2 के प्री-ऑर्डर रोकने पड़े। कुछ सामान की कीमतें भी बढ़ानी पड़ीं। सोचिए जिस प्रोडक्ट का दुनियाभर के गेमर्स को बेसब्री से इंतजार था उसकी लॉन्चिंग टैरिफ की वजह से लड़खड़ा गई। यह Nintendo के लिए बहुत बड़ा झटका था।
डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से गिरी Bitcoin की कीमत
तो फिर मुकदमे की जरूरत क्यों पड़ी?
यहां एक पेंच है। भले ही सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ प्रोग्राम के खिलाफ अपील की हो लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पैसा अपने आप वापस आ जाएगा। Nintendo के वकीलों का कहना है कि बिना कोर्ट के सीधे आदेश के कंपनियों को अपना पैसा वापस नहीं मिलेगा और वो बस इंतजार करती रहेंगी। इसीलिए कोर्ट जाना जरूरी हो गया।
सरकार ने खुद माना पैसा वापस करना मुश्किल है
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस दिन Nintendo ने मुकदमा दायर किया उसी दिन सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा ने कोर्ट को बता दिया कि वो टैरिफ रिफंड करने में असमर्थ है। वजह बताई सिस्टम में तकनीकी दिक्कत। यानी एक तरफ कंपनियां पैसा मांग रही हैं और दूसरी तरफ सरकारी एजेंसी कह रही है कि हम दे नहीं सकते। यह सुनकर किसी को भी गुस्सा आए।
डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, अमेरिका में बैन नहीं होगा TikTok, सौदा तय
Nintendo अकेली नहीं है
यह लड़ाई सिर्फ Nintendo की नहीं है। बहुत सारी दूसरी कंपनियां भी इसी तरह के मुकदमे दायर कर चुकी हैं। सब एक ही मांग लेकर कोर्ट पहुंची हैं। हमारा पैसा वापस करो।
