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स्कैमर्स को कैसे पता चलता है आपकी सारी डिटेल्स?

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January 7, 2025

Cyber Crime: देश में साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्कैमर्स लोगों को अलग-अलग तरीकों से ठग रहे हैं। इन सबके बीच एक सवाल सबके मन में आता है कि आखिर  स्कैमर्स आपकी सारी डिटेल्स कैसे  हासिल कर लेते हैं? आपके बैंक डिटेल से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक स्कैमर्स को सब कुछ कैसे पता चल जाता है, जिसकी मदद से आपको फंसाया जाता है। इन्हीं सब सवालों का जवाब आज आपको देने वाले हैं।

यूएस ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम ने हाल ही में इस पर एक एनालिसिस किया है, जिसमें ये पता चला है कि साइबर अपराधी अब एक प्रोफेशनल इंडस्ट्री की तरह काम कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर स्कैमर्स साउथ ईस्ट एशिया से हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, UNODC के क्षेत्रीय विश्लेषक जॉन वोजिक ने कहा कि ‘सर्व‍िस के रूप में अपराध’ का एक नया मॉडल सामने आया है। AI और क्रिप्टो का इस्तेमाल और अंडरग्राउंड ऑनलाइन मार्केट इसे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

स्कैमर्स तक कैसे पहुंचती है आपकी जानकारी

पहले स्कैमर्स सिर्फ रैंडम कॉल करते थे। कुछ मामलों में उन्होंने चोरी किए गए डेटाबेस का इस्तेमाल किया है, लेकिन आज स्कैमर्स सस्ते में नाम वाले फोन नंबर प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए स्कैमर्स हर महीने एक छोटी राशि का भुगतान करके नामों या नंबरों की सूची की सदस्यता लेते हैं जिसे हर कुछ महीनों में अपडेट किया जाता है।

लोगों को यह जानने की जरूरत है कि उनकी डिटेल्स इंटरनेट पर आराम से उपलब्ध है और इसका इंडस्‍ट्र‍ियल लेवल पर इसका यूज किया जा रहा है। पहले जो जानकारी संवेदनशील थी, वह अब उतनी संवेदनशील नहीं रह गई है।

आपने खुद दी सहमति

वैसे भी, नाम, पता आदि वाली लिस्ट Facebook, Instagram आदि से आती हैं। ऐप्स के पास आपके फोन की ज्यादातर चीजों तक पहुंच होती है, जैसे नंबर, नाम, ईमेल, स्थान, आपके कैलेंडर में चीजें, आपकी संपर्क सूची, कौन से ऐप इंस्टॉल हैं, आदि सभी शामिल होते हैं। सोशल मीडिया सेवा प्रदाता डेटा को पैकेज करता है और इसे अन्य पार्टियों को बेचता है, जो डेटा को छांटते हैं, फिर से पैकेज करते हैं और बेचते हैं।

यही कारण है कि सोशल नेटवर्किंग का यूज करने वाले लोगों को स्कैमर्स से टेक्स्ट, कॉल और स्पैम कॉल मिलते हैं। जब आपने “मैं सहमत हूँ” पर टैप किया, तो आपने इस पर सहमति जताई। यानी की आपने स्वेच्छा से अपना फोन नंबर दिया और इसे इंटरनेट पर डॉक करने के लिए कहा।

कैसे बचें

इससे बचने के लिए आपको सोशल मीडिया से दूर रहने की जरूरत है। अपना फोन नंबर बदलें और जो नया नंबर आपको मिलेगा, उसे पहले किसी सोशल मीडिया यूजर के साथ शेयर नहीं किया जाना चाहिए। इसे जांचने के लिए अपना नाम या फोन नंबर Google करके शुरू करें। वहीं, ऐसा ही किसी ऐसे व्यक्ति के नाम या नंबर के साथ करें जिसे आप जानते हैं और जो सोशल मीडिया पर नहीं है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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