US Crypto Policy: दुनिया की बड़ी अकाउंटिंग और कंसल्टिंग कंपनियों में शामिल PwC ने अब क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अपना नजरिया बदल लिया है। PwC US के CEO पॉल ग्रिग्स ने साफ कहा है कि कंपनी अब क्रिप्टो से जुड़े काम में पूरी तरह सक्रिय रूप से शामिल होगी। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने डिजिटल एसेट्स जैसे Bitcoin और Stablecoins के पक्ष में कदम उठाए हैं और नए कानून लागू किए गए हैं।
क्रिप्टो को लेकर PwC ने बदला रुख, नए अमेरिकी कानून और Genius Act के बाद कंपनी अब Bitcoin और डिजिटल एसेट्स पर सक्रिय रूप से करेगी काम।
पहले दूरी, अब भरोसा
पिछले कुछ सालों तक PwC और बाकी ‘Big Four’ अकाउंटिंग फर्म्स क्रिप्टो सेक्टर से दूरी बनाए हुए थीं। इसकी सबसे बड़ी वजह थी नियमों की कमी और सरकारी एजेंसियों की सख्ती, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। पॉल ग्रिग्स ने बताया कि अमेरिका में क्रिप्टो से जुड़े नए कानूनों और रेगुलेटरी क्लैरिटी ने कंपनियों का भरोसा बढ़ा दिया है। अब क्रिप्टो को एक जोखिम नहीं, बल्कि एक अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।
Genius Act ने बदला खेल
PwC के इस बदले रुख के पीछे सबसे अहम कारण Genius Act है। यह कानून जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साइन किया गया था। Genius Act अमेरिका का पहला ऐसा कानून है, जो डॉलर जैसी वास्तविक संपत्तियों से जुड़े डिजिटल टोकन को स्पष्ट नियमों के तहत लाता है। इस कानून के बाद अब अमेरिकी बैंक अपनी खुद की डिजिटल करेंसी और स्टेबलकॉइन लॉन्च कर सकते हैं।
पॉल ग्रिग्स के मुताबिक, Genius Act और स्टेबलकॉइन से जुड़े नियमों ने इस सेक्टर को लेकर भरोसा बढ़ाया है। आने वाले समय में टोकनाइजेशन और बढ़ेगा और PwC को इस इकोसिस्टम का हिस्सा बनना ही होगा।
SEC और सरकार का बदला रुख
अमेरिका की Securities and Exchange Commission में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ट्रंप द्वारा नियुक्त नए SEC प्रमुख पॉल एटकिन्स ने क्रिप्टो रेगुलेशन को प्राथमिकता बना दिया है। यह रुख बाइडन प्रशासन से बिल्कुल अलग है, जहां क्रिप्टो को लेकर ज्यादा सख्त और नकारात्मक रवैया अपनाया गया था। अब नियम बनाने पर जोर है, न कि सिर्फ कार्रवाई पर।
ऑडिट से लेकर कंसल्टिंग तक मौके
PwC अब क्रिप्टो सेक्टर में हर तरह के काम के लिए खुद को तैयार कर रही है। इसमें क्रिप्टो कंपनियों का ऑडिट, डिजिटल एसेट्स पर कंसल्टिंग और टैक्स और कंप्लायंस सेवाएं शामिल हैं। ग्रिग्स का कहना है कि PwC को अब लगातार नए क्रिप्टो क्लाइंट्स से काम के मौके मिल रहे हैं। कंपनी अपने ग्राहकों को यह भी समझा रही है कि Stablecoins से पेमेंट सिस्टम ज्यादा तेज और सस्ता बन सकता है।
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Big Four की बाकी कंपनियां भी सक्रिय
PwC अकेली कंपनी नहीं है जो क्रिप्टो की ओर बढ़ रही है।
- Deloitte 2020 से Coinbase का ऑडिट कर रही है और मई में उसने अपना पहला Digital Assets Roadmap जारी किया।
- KPMG का मानना है कि 2025 डिजिटल एसेट्स के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट हो सकता है और वह क्रिप्टो कंप्लायंस व रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस कर रही है।
PwC ने भी हाल ही में Bitcoin माइनर Mara Holdings को ऑडिट क्लाइंट बनाया है और डिजिटल एसेट्स से जुड़ी टैक्स एडवाइजरी सेवाएं शुरू की हैं।
नई टीम और एक्सपर्ट्स पर जोर
पॉल ग्रिग्स ने साफ कहा कि PwC बिना पूरी तैयारी के किसी नए सेक्टर में कदम नहीं रखती। पिछले 10 से 12 महीनों में कंपनी ने क्रिप्टो एक्सपर्ट्स की अपनी टीम मजबूत की है। इसमें Cheryl Lesnik जैसी सीनियर पार्टनर की वापसी भी शामिल है, जिन्होंने पहले एक छोटी अकाउंटिंग फर्म में क्रिप्टो क्लाइंट्स के साथ काम किया था।
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क्यों अहम है PwC का फैसला
PwC जैसी बड़ी और भरोसेमंद कंपनी का क्रिप्टो को अपनाना यह दिखाता है कि डिजिटल एसेट्स अब केवल प्रयोग नहीं रहे।
