NEAR Protocol Mainnet Upgrade: क्या भविष्य के क्वांटम कंप्यूटर ब्लॉकचेन की सुरक्षा तोड़ सकते हैं? इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए NEAR Protocol ने अपना 2.13 नेटवर्क अपग्रेड लॉन्च किया है। इस अपडेट में क्वांटम-सुरक्षित ट्रांजैक्शन साइनिंग और डायनेमिक रिसार्डिंग जैसे अहम फीचर्स जोड़े गए हैं।
NEAR Protocol ने 2.13 अपग्रेड लॉन्च किया, इसमें क्वांटम हमलों से सुरक्षा के लिए ML-DSA और मांग बढ़ने पर नेटवर्क क्षमता बढ़ाने वाला नया फीचर शामिल है।
NEAR Protocol में आया क्वांटम-सेफ साइनिंग
नए अपग्रेड में ML-DSA क्रिप्टोग्राफिक स्टैंडर्ड शामिल किया गया है। इसे भविष्य में होने वाले क्वांटम हमलों से डिजिटल सिग्नेचर को सुरक्षित रखने के लिए तैयार किया गया है। यह स्टैंडर्ड अमेरिकी संस्था NIST से मंजूर है। NEAR का अकाउंट मॉडल इस बदलाव को आसान बनाता है। यहां अकाउंट एक ही क्रिप्टोग्राफिक की से सीधे बंधे नहीं होते। यूजर अपनी एक्सेस की बदल सकता है और बिना नया अकाउंट बनाए साइनिंग तरीका अपडेट कर सकता है। डेवलपर्स NEAR CLI के जरिए ML-DSA की पर की रोटेट कर सकते हैं।
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मांग बढ़ने पर खुद बढ़ेगी नेटवर्क क्षमता
अपग्रेड में डायनेमिक रिसार्डिंग भी जोड़ी गई है। पहले नए शार्ड जोड़ने के लिए प्रोटोकॉल अपग्रेड और वैलिडेटर्स के बीच तालमेल जरूरी था। अब कोई शार्ड तय स्टेट-साइज सीमा तक पहुंचने पर अपने आप विभाजित हो सकता है। यह प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार होती है और इसमें करीब 1.5 epochs लगते हैं।
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NEAR ऐप्स को मिलेगा सीधा फायदा
इस बदलाव से NEAR Intents जैसे क्रॉस-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म और near.com जैसे कंज्यूमर ऐप्स को फायदा मिलने की उम्मीद है। नेटवर्क पर इस्तेमाल बढ़ने के साथ ये सेवाएं अपनी क्षमता को अपने आप बढ़ा सकेंगी।
