Hyperliquid HIP-6: क्रिप्टो प्लेटफॉर्म Hyperliquid की कम्युनिटी में एक बड़ा अपग्रेड प्रस्ताव चर्चा में है। इस प्रस्ताव के तहत प्रोजेक्ट्स को अब अपने टोकन लॉन्च करने के लिए ऑफ-चेन तरीकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह बदलाव HIP-6 इम्प्लीमेंटेशन के जरिए लाया जाएगा। यह प्रस्ताव James Evans ने पेश किया है। HIP-6 का मकसद है कि प्रोजेक्ट्स Hyperliquid के HyperCore पर HIP-1 टोकन को सीधे और permissionless तरीके से लॉन्च कर सकें। इसके लिए Continuous Clearing Auctions मॉडल अपनाया जाएगा।
Hyperliquid पर HIP-6 प्रस्ताव के जरिए अब प्रोजेक्ट्स सीधे चेन पर टोकन लॉन्च कर सकेंगे। CCA मॉडल से सही कीमत तय होगी और USDH की उपयोगिता बढ़ेगी।
CCA मॉडल क्यों है अलग?
पारंपरिक ICO या फिक्स्ड प्राइस सेल में अक्सर गलत कीमत तय होने, ज्यादा सब्सक्रिप्शन और बड़े निवेशकों को फायदा मिलने जैसी समस्याएं होती हैं। CCA मॉडल इन दिक्कतों को कम करता है। फिलहाल, प्रोजेक्ट्स को पहले ऑफ-चेन फंड जुटाना पड़ता है और बाद में खुद लिक्विडिटी तैयार करनी होती है। वहीं, Solana और Base जैसे प्लेटफॉर्म पहले से ऑन-चेन लॉन्च का आसान विकल्प देते हैं। HIP-6 इसी कमी को दूर करने की कोशिश है।
— James Evans (@jimbo_evans) February 26, 2026
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कैसे काम करेगी नई प्रक्रिया?
नई व्यवस्था में टीमें Hyperliquid के नेटिव स्टेबलकॉइन USDH में फंड जुटा सकेंगी। नीलामी करीब एक हफ्ते तक चलेगी। निवेशकों को कम से कम 100 USDH लगाना होगा और अपनी अधिकतम कीमत तय करनी होगी। हर 0.2 सेकंड में एक तय मात्रा में टोकन एक समान कीमत पर क्लियर होंगे। ऊंची बोली पूरी तरह भरेगी, समान बोली प्रोराटा आधार पर मिलेगी और कम बोली को कुछ नहीं मिलेगा।
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नीलामी खत्म होने पर 5% रकम Assistance Fund में जाएगी। 20% से 100% राशि HIP-2 पूल में लिक्विडिटी के रूप में डाली जाएगी, बाकी रकम प्रोजेक्ट को मिलेगी। इसके बाद स्पॉट ट्रेडिंग तुरंत शुरू हो सकेगी।
