Crypto Bull Market: Cryptocurrency बाजार एक बार फिर तेजी देखने को मिल सकता है। लेकिन इस बार तस्वीर पहले जैसी नहीं है। पहले जहां छोटे निवेशकों की भीड़ बाजार को ऊपर-नीचे करती थी। वहीं, अब बड़े वित्तीय संस्थान धीरे-धीरे इस क्षेत्र पर पकड़ मजबूत कर रहे हैं। जो आनेवाले दिनों में क्रिप्टो के विकास की नई दिशा दे सकती है। Exodus के CEO JP Richardson का कहाना है कि यह संभवतः पहली बार है जब बाजार में तेजी तो है, लेकिन आम निवेशकों को इसका एहसास तक नहीं है। उनका कहना है कि इस बार रिटेल निवेशकों की भागीदारी बहुत ही कम देखी जा रही है। वहीं, संस्थागत निवेशक तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं।
क्या इस बार का क्रिप्टो बुल रन अलग है? जानिए कैसे बड़े वित्तीय संस्थान बाजार को चला रहे हैं और आम निवेशक दूर हो गए हैं।
बड़े संस्थानों की बढ़ती दिलचस्पी
इस पीछे कई बड़े संकेत भी सामने आए हैं। इस साल स्टेबलकॉइन का मार्केट कैप ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा है। इसके अलावा, Morgan Stanley जैसे जानमाने दिग्गज ने Bitcoin ETF लॉन्च किया है। वहीं, Schwab ने स्पॉट बिटकॉइन ट्रेडिंग के लिए वेटलिस्ट शुरू कर दी है। वहीं फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने क्रिप्टो डिवीजन शुरू करने का ऐलान किया है और फैनी मे ने बिटकॉइन आधारित मॉर्गेज को स्वीकार करना शुरू कर दिया है।
सवाल, रिटेल निवेशक क्यों दूर हुए
दूसरी ओर, रिटेल निवेशकों की दूरी के पीछे आर्थिक दबाव भी एक बड़ी वजह बनकर उभरा है। बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत ने आम लोगों की निवेश क्षमता थोड़ा कमजोर कर दिया है। कई लोग अब अपने रोजमर्रा के खर्चों को मैनेज करने में ही व्यस्त हैं। जिससे जोखिम भरे निवेश से दूरी बढ़ी है। CryptoQuant के जानकारों की मानें तो छोटे निवेशकों की गतिविधि नौ साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। खासतौर पर बिटकॉइन जैसे प्लेटफॉर्म पर 1 Bitcoin से कम होल्डिंग वाले अकाउंट्स की इनफ्लो रिकॉर्ड स्तर तक गिर चुकी है। रिटेल निवेशक बाजार से लगभग गायब हैं। कुछ का कहना है कि रिटेल निवेशकों का झुकाव अब शेयर बाजार और कमोडिटी की ओर बढ़ गया है।
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अभी भी अनिश्चितता बरकरार
बाजार के हिसाब से वर्तमान परिस्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं है। जानकारों का कहाना है कि बाजार की भावना अभी भी वैश्विक आर्थिक कारकों जैसे तेल की कीमत, डॉलर की स्थिति और महंगाई पर निर्भर है। फिलहाल इन कारकों का प्रभाव क्रिप्टो पर साफ नजर आ रहा है। जैसे-जैसे वैश्विक आर्थिक स्थितियां स्थिर होंगी, क्रिप्टो बाजार में भी मजबूती आएगी। खासकर संस्थागत निवेशकों की लगातार भागीदारी इस सेक्टर को लंबे समय तक स्थिरता और गहराई प्रदान कर सकती है।
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पिछली गिरावट से अलग है यह साइकल
अगर बात पिछले साइकल की करें, तो 2018 और 2022 में जब बाजार गिरा तो संस्थागत निवेशक भी रिटेल के साथ पीछे हट गए थे। लेकिन इस बार स्थिति उलट है संस्थान न केवल टिके हुए हैं, बल्कि अपनी हिस्सेदारी और बढ़ा रहे हैं। इससे पता चलता है कि क्रिप्टो अब केवल ट्रेंड या सट्टा कहीं आगे निकलकर एक गंभीर निवेशकों विकल्प बनता जा रहा है।
रिटेल की गैर मौजूदगी भले ही बाजार को शांत दिखाए, लेकिन अंदर ही अंदर बड़े भविष्य की नींव तैयार कर रहे हैं।
