Bitcoin price drop: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब क्रिप्टो बाजार पर दिखना शुरू हो गया है। Bitcoin की कीमत अब दबाव में आती हुई दिखाई दे रही है। दरअसल, यह दबाव अमेरिकी राष्ट्रपति Donal Trump के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि मिडिल ईस्ट में सैन्य कार्रवाई आने वाले हफ़्तों में भी जारी रहेगी। जिसके बाद से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
मिडिल ईस्ट में तनाव का असर अब क्रिप्टो मार्केट पर दिखाई देना शुरू कर दिया है, Bitcoin के लिए अगला लेवल क्यों है महत्वपूर्ण?
ट्रंप के बयान से बढ़ी बेचैनी
जिसके बाद बिटकॉइन की कीमत 65,000 डॉलर के पास एक अहम सपोर्ट ज़ोन के और करीब पहुँच गई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेनाएँ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के अंतिम चरणों के करीब पहुँच रही हैं। साथ उन्होंने यह भी कहा कि अब ईरान के परमाणु और नौसैनिक बुनियादी ढाँचे के बड़े हिस्से को पंगु बना दिया गया है।
तेल की कीमतों में उछाल
फिलहाल, जैसी परिस्थिति है उसमें तनाव कम होना बड़ा मुश्किल लग रहा है। उनके बयानों के बाज़ारों ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। तेल की कीमतों में पहले आई नरमी खत्म हो गई और कीमतें फिर से 100 डॉलर के स्तर से ऊपर पहुँच गईं। इससे साफ है कि सप्लाई में रूकावट हो सकती है। कई विशेषज्ञ ने भी चिंता जाहिर की है। खासकर Strait of Hormuz को लेकर काफी चिंता बनी हुई है। इस घटनाक्रम से बाज़ार में और ज़्यादा बेचैनी फैल गई। शेयर और डिजिटल संपत्तियों की कीमतों में गिरावट आ गई।
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बिटकॉन पर बढ़ा दबाव
बिटकॉइन की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है। खासकर अगर आंकड़े देखें तो के इस प्लेटफॉर्म पर आने के बाद इसकी कीमत 2 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई। कीमत 66,500 डॉलर के ठीक ऊपर बनी हुई थी। खरीदार 65,000 डॉलर के उस स्तर को बचाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, निवेशक इस स्तर पर नजर बनाए हुए हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि अगर कीमत इससे नीचे चली जाती है तो वर्तमान व्यवस्था काफी कमजोर पड़ जाएगा। 60,000 डॉलर का रास्ता खुल जाएगा। बाज़ार के जानकारों ने इस क्षेत्र इसे inflection point करार दिया है। जहाँ कीमतों में गिरावट की गति थम जाती है या फिर और तेज़ हो जाती है।
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निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत
हालांकि अभी तक कूटनीतिक बातचीत के रास्ते बंद नहीं हुए हैं। बातचीत अभी भी जारी है। यूए और ईरान के बीच बातचीत चल ही रही है। अमेरिका परमाणु प्रोग्राम पर रोग चाहता है। वहीं, सीजफायर और सेना की वापसी और युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की मांग कर रहा है। अगर तनाव कम होता है तो बाजार को राहत मिल सकती है। Oil Prices नीचे आ सकती है। इससे क्रिप्टो मार्केट में सुधार संभव है। फिर से आर्थिक गतिविधियाँ फिर से तेज़ होंगी, गैस की कीमतें कम हो जाएंगी।
मिडिल ईस्ट में ही कमी अब Bitcoin सहित अन्य जोखिम वाली संपत्तियों को राहत दे सकती है।
