Bitcoin ETF Inflows: मंगलवार को Bitcoin की कीमत करीब 68,780 डॉलर के आसपास बनी रही। इस बीच एक बड़ी खबर यह रही कि अमेरिका के स्पॉट Bitcoin ETF में एक महीने से ज्यादा समय बाद सबसे ज्यादा निवेश देखने को मिला। 6 अप्रैल को इन ETF में कुल 471 मिलियन डॉलर का इनफ्लो दर्ज किया गया। यह 25 फरवरी के बाद सबसे बड़ा निवेश है और 2026 का छठा सबसे बड़ा दैनिक इनफ्लो भी है। हालांकि, यह जनवरी के उस दौर से थोड़ा कम है जब कई दिनों में 700 मिलियन डॉलर से ज्यादा पैसा इन फंड्स में आया था, फिर भी यह आंकड़ा बाजार के लिए मजबूत संकेत माना जा रहा है।
Bitcoin 68,780 डॉलर के आसपास बना हुआ है, जबकि स्पॉट ETF में 471 मिलियन डॉलर का बड़ा निवेश आया, जानिए क्यों 70,000 डॉलर के नीचे ही अटका है बाजार।
70,000 डॉलर के नीचे क्यों अटका Bitcoin?
इतने बड़े निवेश के बावजूद Bitcoin अभी भी 70,000 डॉलर के स्तर को पार नहीं कर पा रहा है। इसकी मुख्य वजह कमजोर स्पॉट डिमांड और बड़े निवेशकों द्वारा की जा रही बिकवाली है, लेकिन ETF इस गिरावट को संतुलित कर रहे हैं। ये फंड्स बाजार में नई खरीद का बड़ा स्रोत बन गए हैं, जिससे कीमतों को सहारा मिल रहा है।
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फेडरल रिजर्व पर टिकी नजर
वैश्विक स्तर पर निवेशक Federal Reserve की अगली बैठक का इंतजार कर रहे हैं। मौजूदा अनुमान के अनुसार, 98% संभावना है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इस समय बाजार में न तो दरों में कटौती की उम्मीद है और न ही बढ़ोतरी की, इसलिए निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
बदल रहा है Bitcoin का ट्रेंड
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अब Bitcoin का व्यवहार बदलता नजर आ रहा है। पहले यह ग्लोबल आर्थिक नीतियों के बाद प्रतिक्रिया देता था, लेकिन अब यह पहले ही कीमतों में बदलाव दिखाने लगा है। 2024 में जब अमेरिका में स्पॉट ETF को मंजूरी मिली, उसके बाद से Bitcoin और ग्लोबल ईजिंग ट्रेंड के बीच संबंध उल्टा हो गया है।
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आगे क्या संकेत मिलते हैं?
अब बाजार में संस्थागत निवेश ज्यादा प्रभाव डाल रहा है। ये निवेशक भविष्य को ध्यान में रखकर पहले ही निवेश करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि Bitcoin अब केवल प्रतिक्रिया ही नहीं देता, बल्कि उसने बाज़ार की दिशा तय करना भी शुरू कर दिया है। अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो Bitcoin आने वाले समय में बड़े आर्थिक बदलावों का संकेत पहले ही दे सकता है।
