भारत में बने iPhone ने 50 बिलियन डॉलर एक्सपोर्ट का छुआ आंकड़ा

भारत में बने iPhone ने 50 बिलियन डॉलर एक्सपोर्ट का छुआ आंकड़ा

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January 5, 2026

India iPhone Exports: Apple की भारत में मौजूदगी अब सिर्फ एक वैकल्पिक प्लान नहीं रही, बल्कि यह देश की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट ग्रोथ की बड़ी कहानी बन चुकी है। बीते साल दिसंबर तक भारत से करीब 4.15 लाख करोड़ के iPhone एक्सपोर्ट किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा सरकारी डेटा से सामने आया है। कुछ साल पहले तक भारत प्रीमियम स्मार्टफोन आयात करने वाला देश था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।

भारत में Apple ने बनाया नया रिकॉर्ड। दिसंबर 2025 तक 4.15 लाख करोड़ के iPhone एक्सपोर्ट हुए, जानिए PLI स्कीम से कैसे बदली भारत की मैन्युफैक्चरिंग कहानी।

PLI स्कीम से मिली रफ्तार

Apple ने भारत की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम में FY22 में हिस्सा लिया था। हैरानी की बात यह है कि इतने कम समय में iPhone भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट प्रोडक्ट बन गया। FY26 के पहले 9 महीनों में ही Apple ने करीब 16 बिलियन डॉलर के iPhone विदेश भेज दिए। इसके साथ ही PLI अवधि के अंदर कुल iPhone एक्सपोर्ट 50 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। अभी स्कीम में 3 महीने और बाकी हैं इसलिए यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

Samsung से कहीं आगे निकला Apple

भारत में स्मार्टफोन एक्सपोर्ट की बात करें तो Apple अब बाकी कंपनियों से काफी आगे निकल चुका है। Samsung ने अपने पूरे 5 साल के PLI पीरियड में करीब 17 बिलियन डॉलर के फोन एक्सपोर्ट किए थे। वहीं, Apple ने कुछ ही सालों में इससे लगभग 3 गुना ज्यादा iPhone एक्सपोर्ट कर दिखाया।

भारत में कहां बन रहे हैं iPhone

आज Apple के लिए भारत में 5 बड़े iPhone मैन्युफैक्चरिंग प्लांट काम कर रहे हैं।

  • 3 फैक्ट्रियां Tata Group चला रहा है।
  • 2 फैक्ट्रियां Foxconn की हैं।

इन फैक्ट्रियों के साथ करीब 45 सप्लायर कंपनियां जुड़ी हुई हैं, जिनमें बड़ी संख्या छोटे और मझोले उद्योगों की है। ये यूनिट्स सिर्फ फोन असेंबल नहीं करतीं, बल्कि पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और टूलिंग जैसे सेक्टर को भी बड़ा काम देती हैं। आज भारत के कुल स्मार्टफोन एक्सपोर्ट का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा iPhone का है।

स्मार्टफोन बना भारत का नंबर-1 एक्सपोर्ट

FY25 में स्मार्टफोन ने एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। 2015 में जहां स्मार्टफोन भारत के एक्सपोर्ट लिस्ट में 167वें स्थान पर थे। वहीं, अब यह देश का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट आइटम बन चुका है। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों के फैक्ट्री इलाकों की रोजमर्रा की जिंदगी में भी दिखता है।

PLI खत्म होने के बाद क्या होगा?

स्मार्टफोन PLI स्कीम मार्च में खत्म हो रही है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि इंडस्ट्री को अचानक अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले भारत को अभी भी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से नई सपोर्ट स्कीम लाने की तैयारी की जा रही है, ताकि निवेश और उत्पादन जारी रहे।

Apple की शुरुआत क्यों रही धीमी

Samsung पहले से भारत में मजबूत था इसलिए उसने जल्दी PLI लक्ष्य पूरे कर लिए। Apple के लिए शुरुआत आसान नहीं रही।

  • FY21 में टारगेट पूरे नहीं हो पाए।
  • कोविड महामारी ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया।
  • भारत-चीन तनाव के बाद Apple ने चीन पर निर्भरता कम करने का फैसला लिया।

सरकार ने इसी वजह से PLI को 6 साल की विंडो दी, जिसमें कंपनियां किसी भी 5 साल का चुनाव कर सकती थीं। Apple ने FY22 से FY26 चुना, जो अब बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है।

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कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ता भारत

गति बनाए रखने के लिए Apple और Samsung दोनों को इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम में भी शामिल किया गया है।

  • Samsung डिस्प्ले मॉड्यूल बनाएगा, जिससे 300 नई नौकरियां बनेंगी
  • Apple के 5 बड़े वेंडर इस स्कीम में चुने गए हैं

इनमें Tata Electronics, Foxconn, Motherson, ATL और Hindalco जैसी कंपनियां शामिल हैं। अब भारत से Apple के लिए MacBook, AirPods, Apple Watch और iPhone के कंपोनेंट चीन और वियतनाम तक एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं।

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रोजगार और सरकार की प्रतिक्रिया

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन 11 साल में 6 गुना बढ़ा, एक्सपोर्ट 8 गुना बढ़ा और इस सेक्टर में करीब 25 लाख नौकरियां बन चुकी हैं

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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