India AI Ranking: Davos में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान भारत ने वैश्विक AI रेस में अपनी स्थिति को लेकर स्पष्ट मैसेज दिया है। चर्चा शुरू में AI के वैश्विक फैलाव पर थी, लेकिन जल्दी ही भारत ने साफ कर दिया कि वह AI की टॉप कैटेगरी में है, सेकेंडरी कैटेगरी में नहीं।
भारत AI रेस में टॉप ग्रुप में, Davosमें अश्विनी वैष्णव ने IMF की रैंकिंग पर जवाब दिया और बताया कि भारत AI के हर स्तर पर आगे है।
IMF की रैंकिंग पर भारत का जवाब
संसदीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा के बयान का जवाब दिया। जॉर्जिएवा ने कहा था कि भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में AI को अपनाने में आगे है, लेकिन इसे सेकेंडरी कैटेगरी में रखा गया। वैष्णव ने कहा कि भारत स्पष्ट रूप से पहले समूह में आता है।
भारत के AI प्रयास के पांच स्तर
वैष्णव ने भारत की ताकत को 5 मुख्य स्तरों पर बताया है। इसमें एप्लिकेशन लेयर, मॉडल लेयर, चिप लेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर लेयर और एनर्जी लेयर शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत इन सभी स्तरों पर काम कर रहा है और हर स्तर में अच्छा प्रगति हो रही है। इसका मतलब है कि भारत केवल एक हिस्से पर निर्भर नहीं है, बल्कि पूरे AI इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है।
Stanford रैंकिंग का हवाला
मंत्री ने IMF के मानदंड पर सवाल उठाते हुए Stanford विश्वविद्यालय की रैंकिंग का जिक्र किया। Stanford के अनुसार भारत AI पेनिट्रेशन में दुनिया में तीसरे स्थान पर है और AI टैलेंट में दूसरा। वैष्णव ने कहा कि इसलिए IMF की सेकेंडरी कैटेगरी वाली रैंकिंग सही नहीं है। भारत पहले समूह में है।
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एप्लिकेशन ज्यादा महत्वपूर्ण, मॉडल का आकार कम
वैष्णव ने यह भी बताया कि असली लाभ AI के वास्तविक उपयोग से मिलता है। एप्लिकेशन लेयर में भारत दुनिया का सबसे बड़ा सेवा प्रदाता बनने की दिशा में है। उन्होंने कहा कि ROI बड़े मॉडल बनाने से नहीं आता, क्योंकि अधिकांश उपयोग मामलों में 20 से 50 बिलियन पैरामीटर वाले मॉडल ही पर्याप्त हैं।
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भारत की वैश्विक AI भूमिका
जैसे ही भारत अगले महीने AI शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, Davos से मैसेज साफ है भारत AI की दुनिया की कहानी अपने तरीके से तय करेगा।
