Meta-के-Instagram-पर-गंभीर-आरोप

Meta के Instagram पर गंभीर आरोप, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

10 mins read
12 views
November 5, 2026

Delhi Police FIR Meta: सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। Meta के Instagram समेत दूसरे प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी गैरकानूनी सामग्री (CSEAM) उपलब्ध होने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के निर्देश पर यह कार्रवाई 4 नवंबर को हुई। आरोप है कि Instagram पर विज्ञापनों के जरिए यूजर्स को ऐसे Telegram चैनलों तक पहुंचाया जा रहा था, जहां बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री बेचने का दावा किया गया था।

Meta के Instagram पर बच्चों से जुड़े अश्लील कंटेंट का आरोप, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR।

NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने X पर इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने Meta के प्लेटफॉर्म पर CSEAM की उपलब्धता को लेकर FIR दर्ज की है। यह मामला कई महीनों से चल रही जांच और सरकारी कार्रवाई का अगला कदम है।

Meta के Instagram विज्ञापनों पर क्या हैं आरोप?

इस पूरे मामले की शुरुआत BBC Eye की एक जांच से हुई थी। 3 जुलाई को प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Instagram पर ऐसे पेड विज्ञापन दिखाई दे रहे थे, जो यूजर्स को Telegram चैनलों तक ले जाते थे। इन चैनलों पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी गैरकानूनी सामग्री बेचने की बात सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ विज्ञापन शिकायत किए जाने के बाद भी प्लेटफॉर्म पर दिखाई देते रहे। इस मामले में सवाल इसलिए भी गंभीर हैं, क्योंकि Meta विज्ञापनों से कमाई करता है और उन्हें प्रकाशित करने से पहले उनकी जांच के लिए सिस्टम भी चलाता है। हालांकि, Meta ने जानबूझकर ऐसे विज्ञापन दिखाने के आरोपों से इनकार किया है। जुलाई में कंपनी ने कहा था कि उसने नियम तोड़ने वाले विज्ञापन हटाए, संबंधित खाते बंद किए और ऐसे लिंक ब्लॉक किए हैं।

READ MORE: वीडियो गेम डेवलपर्स नाराज, Claude AI ने बदले अपने नियम

जुलाई से नवंबर तक कैसे बढ़ा मामला?

इस विवाद पर सरकारी एजेंसियां कई महीनों से कार्रवाई कर रही थीं। मामले की प्रमुख घटनाएं इस तरह हैं:

  • 3 जुलाई: BBC Eye की जांच प्रकाशित हुई। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने Meta को नोटिस भेजा।
  • 6 जुलाई: केंद्र सरकार ने Meta को ऐसे विज्ञापन हटाने का निर्देश दिया।
  • 8 जुलाई: NHRC ने दिल्ली पुलिस को जांच करने और कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा।
  • 7 अगस्त: NHRC ने बताया कि उसे Instagram पर CSEAM से जुड़े 50 से ज्यादा संदिग्ध मामलों की शिकायतें मिली हैं।
  • सितंबर: NHRC ने सरकारी मंत्रालयों और पुलिस से जवाब मांगा। NCPCR ने Meta के अधिकारियों को भी तलब किया।
  • 15 अक्टूबर: सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री की पहचान, हटाने और रिपोर्ट करने को लेकर व्यापक निर्देश दिए।
  • 4 नवंबर: प्रियंक कानूनगो ने दिल्ली पुलिस की FIR दर्ज करने की जानकारी दी।

Meta पर पहले भी उठ चुके हैं बच्चों की सुरक्षा के सवाल

Meta के प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। 2023 में NHRC ने इंटरनेट पर ऐसी सामग्री बढ़ने के दावों के बाद संबंधित एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी थी। मौजूदा मामला विज्ञापनों की जांच और गैरकानूनी सामग्री को रोकने की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। खासकर यह जांच जरूरी है कि शिकायत मिलने के बाद भी ऐसे विज्ञापन कैसे दिखाई देते रहे। Meta ने सितंबर में घोषणा की थी कि वह बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे भारत की साइबर अपराध एजेंसियों को देना शुरू करेगा।

READ MORE: ASUS के नए ProArt AI लैपटॉप लॉन्च, जानें कीमत और फीचर

FIR के बाद Meta के खिलाफ क्या होगी कार्रवाई?

FIR दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस विज्ञापनों, डिजिटल सबूतों और उनसे जुड़े खातों की जांच कर सकती है। पुलिस Meta से संबंधित जानकारी भी मांग सकती है। जांच में यह भी देखा जा सकता है कि कंपनी ने पॉक्सो (POCSO) कानून और भारत के सूचना प्रौद्योगिकी नियमों का पालन किया या नहीं। हालांकि, FIR दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि Meta दोषी साबित हो गया है। अभी जांच के नतीजे सामने आने बाकी हैं। इस मामले में लागू की गई सटीक कानूनी धाराओं और Meta की ताजा प्रतिक्रिया की भी पुष्टि होनी बाकी है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Don't Miss