Budget 2026: भारत विस्तार AI से किसानों की खेती होगी आसान

Budget 2026: भारत विस्तार AI से किसानों की खेती होगी आसान

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February 2, 2026

Budget 2026: बजट 2026 में सरकार ने किसानों के लिए भारत विस्तार नामक AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म किसानों को फसल, मिट्टी, मौसम और सरकारी योजनाओं के बारे में स्थानीय भाषा में वैज्ञानिक सलाह देगा। इसे बनाने में एग्री स्टैक और ICAR के प्रमाणित डेटा का उपयोग किया जा रहा है। इसका मकसद खेती के फैसलों को सटीक, तेज और कम जोखिम वाला बनाना है।

बजट 2026 में लॉन्च हुआ भारत विस्तार प्लेटफॉर्म किसानों के लिए AI आधारित मल्टी-लिंगुअल टूल है, जो खेती से जुड़े फैसले डेटा और रिसर्च के आधार पर लेने में मदद करेगा।

भारत विस्तार प्लेटफॉर्म क्या है?

भारत विस्तार का पूरा नाम Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources है। यह एक मल्टी लिंगुअल और ओपन डिजिटल नेटवर्क है, जो किसानों को कृषि संसाधनों और भरोसेमंद सलाह तक आसान पहुंच देगा। प्लेटफॉर्म एग्री स्टैक पोर्टल और ICAR की प्रमाणित कृषि पद्धतियों को AI सिस्टम के साथ जोड़ता है। इसका फायदा यह होगा कि किसान बिखरी जानकारी के बजाय एक ही जगह पूरी और भरोसेमंद सलाह पा सकेंगे और खेती से जुड़े निर्णय डेटा और रिसर्च के आधार पर ले पाएंगे।

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फसल, मिट्टी और मौसम पर AI सलाह

यह प्लेटफॉर्म किसानों को फसल पैटर्न, मिट्टी की स्थिति और मौसम के रुझान के आधार पर सलाह देगा। अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक जोन के हिसाब से सुझाव दिए जाएंगे, ताकि सलाह स्थानीय हालात से मेल खाए। सही समय पर सही जानकारी मिलने से उत्पादकता बढ़ेगी और लागत कम होगी, जिससे खेती ज्यादा लाभकारी बन सके।

किसान कॉल सेंटर और सरकारी योजनाओं से कनेक्शन

भारत विस्तार को किसान कॉल सेंटर सेवाओं से जोड़ा जाएगा। किसान सीधे सवाल पूछकर समाधान प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, रियल टाइम मौसम पूर्वानुमान API के जरिए ताजा जानकारी मिलेगी। किसान इस प्लेटफॉर्म से सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवेदन और ट्रैकिंग भी कर सकेंगे। AI आधारित कन्वर्सेशनल चैटबॉट लाखों सवालों को संभालने में सक्षम होगा।

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लोकल भाषा, चैटबॉट और ग्राउंड नेटवर्क

बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में लगभग 4000 एक्सटेंशन वर्कर AI चैटबॉट से खेती सलाह ले रहे हैं। चैटबॉट हिंदी, तेलुगु और अंग्रेजी में काम करता है और आगे और भाषाएं जोड़ी जाएंगी। किसानों के लोकल अनुभव और प्रैक्टिकल ज्ञान को सिस्टम में शामिल किया जा रहा है। प्लेटफॉर्म टेक्स्ट और वॉइस दोनों फॉर्मेट में सलाह देगा और कीट पहचान के लिए इमेज रिकग्निशन फीचर भी विकसित हो रहा है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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