Blue Origin AI project: एआई मांग ने टेक कंपनियों को धरती से बाहर सोचने पर मजबूर कर दिया है। AI मॉडल जितने बड़े हो रहे हैं। उतनी ज्यादा कंप्यूटिंग पावर की जरूरत पड़ रही है। इसी मांग को देखते हुए Jeff Bezos की कंपनी Blue Origin ने अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर जैसा सिस्टम बनाने की योजना पेश की है। जिससे आने वाले वर्षों में स्पेस सिर्फ रॉकेट लॉन्च का क्षेत्र नहीं रहेगा, बल्कि कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का नया का हब बन जाएगा।
Blue Origin ने अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर सिस्टम बनाने की बड़ी योजना पेश की है। जानिए 51,600 सैटेलाइट्स वाले Project Sunrise का पूरा प्लानिंग। विस्तार से।
Project Sunrise क्या है
Blue Origin की इस बड़ी योजना का नाम Project Sunrise है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी 51,600 सैटेलाइट्स का विशाल नेटवर्क तैयार करना चाहती है। उद्देश्य AI से जुड़े कामों के लिए अंतरिक्ष से कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराना कहा जा रहा है। बता दें कि यह एक ऐसा ऑर्बिटल सिस्टम होगा, जो धरती पर मौजूद डेटा सेंटर्स का पूरक बन सकता है। AI इंडस्ट्री को नई ताकत दे सकता है।
FCC से मांगी गई बड़ी अनुमति
कंपनी ने अपने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका की Federal Communications Commission में आवेदन दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने हजारों सैटेलाइट्स तैनात करने की मंजूरी मांगी है। यही वजह है कि इस खबर ने टेक और स्पेस सेक्टर दोनों में उत्सुकता बढ़ा दी है। इन सैटेलाइट्स में सोलर पैनल लगे होंगे, जिनकी मदद से वे सूरज की ऊर्जा से संचालित होंगे।
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किस कक्षा में तैनात होंगे सैटेलाइट
Blue Origin की योजना के अनुसार Project Sunrise के सैटेलाइट्स को sun-synchronous orbit में रखा जाएगा। इनकी ऊंचाई 311 मील से 1,118 मील के बीच होगी। यह कॉन्स्टेलेशन कई परतों में तैयार किया जाएगा। हर लेयर में 300 से 1,000 सैटेलाइट्स शामिल हो सकते हैं। सैटेलाइट्स के बीच लगभग 3 से 6 मील की दूरी रखी
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धरती के डेटा सेंटर का विकल्प
कंपनी का कहना है कि यह मौजूद डेटा सेंटर्स की जगह लेने नहीं, बल्कि उनका पूरक बनने के लिए तैयार किया जा रहा है। AI कंपनियों, रिसर्च संस्थानों और एडवांस ऑटोमेशन सेक्टर को अतिरिक्त ताकत मिल सकती है। मशीन लर्निंग, ऑटोनॉमस सिस्टम्स और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में इसका असर देखने को मिल सकता है।
SpaceX से मुकाबले का नया मोर्चा
Blue Origin इस रेस में अकेली नहीं है। SpaceX भी पहले ही अंतरिक्ष आधारित डेटा सेंटर की दिशा में रुचि दिखा चुकी है। जनवरी में SpaceX ने भी FCC से अपने ऑर्बिटल डेटा सेंटर नेटवर्क के लिए 10 लाख सैटेलाइट्स तैनात करने की अनुमति मांगी थी। अब Blue Origin की एंट्री से यह साफ हो गया है कि AI इन्फ्रास्ट्रक्चर की अगली बड़ी रेस अंतरिक्ष में देखने को मिल सकती है।
यह उस भविष्य की झलक है, जहां AI की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनियां धरती के बाहर भी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने को तैयार हैं।
