AI ऐप्स पर सख्ती: ऑस्ट्रेलिया लाएगा नया एज वेरिफिकेशन नियम

AI ऐप्स पर सख्ती: ऑस्ट्रेलिया लाएगा नया एज वेरिफिकेशन नियम

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March 3, 2026

Australia AI Rule: ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर टेक कंपनियों के लिए कड़े नियमों की तैयारी में है। किशोरों के लिए Social media पर रोक लगाने के बाद अब सरकार की नजर Artificial Intelligence ऐप्स पर है। नए प्रस्तावित नियमों के तहत नाबालिगों की पहुंच को सीमित करने के लिए सख्त Age Verification व्यवस्था लागू की जाएगी। तो आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

चैटबॉट की बढ़ती लत और मानसिक स्वास्थ्य चिंता के बीच ऑस्ट्रेलिया AI ऐप्स पर कड़ा रुख अपनाने जा रहा है। आप भी जान लिजिए पूरी जानकारी यहां।

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा

युवाओं पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभाव को लेकर दुनिया भर में बहस जारी है। इसी चिंता के बीच ऑस्ट्रेलिया ने पहले सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था। सामाजिक मनोवैज्ञानिक Jonathan Haidt की किताब The Anxious Generation ने भी इस बहस को तेज किया है। उनके इस किताब में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर डिजिटल प्रभाव की चर्चा की गई है।

9 मार्च से AI प्लेटफॉर्म पर नई शर्तें

नई व्यवस्था के तहत 9 मार्च से AI सेवाओं देनेवाली कंपनी जिनमें,OpenAI जैसी कंपनियां शामिल हैं को यह सुनिश्चित करना होगा कि 18 वर्ष से कम आयु के यूज़र अश्लीलता, चरम हिंसा, आत्म-हानि या ईटिंग डिसऑर्डर से संबंधित कंटेंट तक न पहुंच सकें।

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चैटबॉट की लत पर चिंता

ई-सेफ्टी अधिकारियों के मुताबिक, 10 साल तक के बच्चे रोजाना कई घंटों तक AI Chatbot से बातचीत कर रहे हैं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि भावनात्मक रूप से आकर्षक डिज़ाइन और मानवीय व्यवहार की नकल करने वाली तकनीकें बच्चों को इन टूल्स पर निर्भर बना सकती हैं। जो बाद में परेशानियों का बहुत बड़ा कारण बन सकता है।

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ऐप स्टोर्स पर भी हो सकता है असर

मीडिया एजेंसी के जांच में सामने आया कि कई लोकप्रिय AI टूल्स ने तय समयसीमा से पहले आयु सत्यापन लागू करने के संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया का इंटरनेट नियामक सर्च इंजन और ऐप स्टोर्स से गैर-अनुपालन AI सेवाओं को ब्लॉक करने की मांग कर सकता है। इस पर प्रतिक्रिया के लिए पूछे जाने पर Apple ने कोई टिप्पणी नहीं की।

अब सवाल उठता है जिम्मेदारी किसकी?

हालांकि Apple जैसे प्लेटफॉर्म आयु-संबंधी सुरक्षा फीचर्स उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल करना और स्थानीय कानूनों का पालन करना अंततः ऐप डेवलपर्स की जिम्मेदारी है। मौजूदा स्थिति बताती है कि बड़ी संख्या में AI सेवाएं अभी भी नए नियमों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।

ऑस्ट्रेलिया के इस कदम के बाद आनेवाले समय में AI प्लेटफॉर्म्स पर स्तर और सख्त देखने को मिल सकता है।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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