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AI की दुनिया में बढ़ा खतरा, Anthropic से Google तक सब अलर्ट!

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October 14, 2026

Anthropic OpenAI : क्या AI खुद की कॉपी बनाकर स्मार्ट टीवी, फ्रिज और दूसरे उपकरणों तक पहुंच सकता है? AI कंपनी Anthropic ने इस खतरे को लेकर चेतावनी दी है। कंपनी के शोध के मुताबिक, छोटे AI मॉडल भविष्य में इंटरनेट से जुड़े उपकरणों में खुद की कॉपी फैलाने में सक्षम हो सकते हैं। इससे साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, अभी तक ऐसे AI के असल दुनिया में अपने आप फैलने वाले बड़े हमले की पुष्टि नहीं हुई है।

AI खुद फैलकर स्मार्ट टीवी और फ्रिज पर कर सकता है हमला? Anthropic की चेतावनी, 2026 के अंत तक बढ़ सकता है साइबर खतरा

AI खुद की कॉपी बनाकर कैसे फैल सकता है?

कंप्यूटर वर्म एक ऐसा नुकसान पहुंचाने वाला प्रोग्राम होता है, जो अपनी कॉपी बनाकर दूसरे कंप्यूटरों तक फैल सकता है। Anthropic ने इसी तरह के खतरे में AI की भूमिका का अध्ययन किया है। AI की मदद से ऐसा प्रोग्राम इंटरनेट से जुड़े उपकरणों को खोज सकता है। फिर वह उनकी सुरक्षा में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाकर उनमें पहुंचने और अपनी कॉपी चलाने की कोशिश कर सकता है। अगर यह काम बिना इंसानी मदद के होने लगे, तो इसे रोकना मुश्किल हो सकता है।

15 सस्ते Android TV बॉक्स पर किया प्रयोग

Anthropic ने Google के Gemma AI मॉडल के एक संस्करण को 15 Android TV बॉक्स पर चलाकर देखा। इन उपकरणों की कीमत करीब 55 डॉलर प्रति बॉक्स थी। हर बॉक्स में लगभग 4GB मेमोरी थी। किसी एक बॉक्स में पूरे AI मॉडल को चलाने के लिए पर्याप्त मेमोरी नहीं थी। इसलिए शोधकर्ताओं ने मॉडल के अलग-अलग हिस्सों को अलग-अलग उपकरणों पर चलाया। इस प्रयोग से पता चला कि कई छोटे और सस्ते उपकरण मिलकर एक बड़े AI मॉडल को चला सकते हैं। हालांकि, यह प्रयोग इस बात का सबूत नहीं था कि AI ने खुद की कॉपी बनाकर इन उपकरणों पर सफल हमला किया।

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छोटे AI मॉडल भी बन सकते हैं चुनौती

Anthropic के मुताबिक, 30 अरब या उससे कम पैरामीटर वाले कुछ AI मॉडल खुद को फैलाने की प्रक्रिया के कई जरूरी चरण पूरे कर सकते हैं। पैरामीटर वे मान होते हैं, जिनकी मदद से AI जानकारी से सीखता है और जवाब तैयार करता है। एक अन्य प्रयोग में शोधकर्ताओं ने 8 कंप्यूटरों का एक सिमुलेटेड नेटवर्क बनाया। इसमें AI को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर तक पहुंचने और वहां मॉडल चलाने का काम दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, GLM-5.2 ने पांच में से चार परीक्षणों में आठों कंप्यूटर तक पहुंचने का काम पूरा किया। हालांकि, सभी मॉडल इस प्रक्रिया के हर चरण को सफलतापूर्वक पूरा नहीं कर पाए।

2026 के अंत तक बढ़ सकता है खतरा

Anthropic का अनुमान है कि अगर छोटे AI मॉडल इसी रफ्तार से बेहतर होते रहे, तो 2026 के अंत तक वे खुद को फैलाने की पूरी प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम हो सकते हैं। यह एक अनुमान है, किसी सफल वास्तविक हमले की पुष्टि नहीं। ऐसा AI वर्म कई उपकरणों में फैल जाए, तो उसे पहचानना और पूरी तरह हटाना मुश्किल हो सकता है। विशेषज्ञों के बीच भी इस खतरे को लेकर अलग-अलग राय है। कुछ इसे गंभीर जोखिम मानते हैं, जबकि कुछ का कहना है कि प्रयोगों से वास्तविक दुनिया में ऐसे हमले के जल्द होने का पक्का सबूत नहीं मिलता।

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यूजर्स अपनी सुरक्षा कैसे करें?

स्मार्ट टीवी, कैमरे और दूसरे इंटरनेट से जुड़े उपकरणों का सॉफ्टवेयर अपडेट रखें। डिफॉल्ट पासवर्ड बदलें और अनजान उपकरणों को अपने नेटवर्क से जोड़ने से बचें। कंपनियों को भी सुरक्षा की कमजोरियां दूर करनी चाहिए।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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