Coinbase Binance Hack : Coinbase ने अपने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि उसके प्लेटफॉर्म पर रखे पैसे और क्रिप्टो संपत्ति सुरक्षित हैं। कंपनी ने 4 नवंबर को एक ब्लॉग पोस्ट जारी कर बताया कि वह ग्राहकों की 99% से ज्यादा क्रिप्टो संपत्ति कोल्ड स्टोरेज में रखती है। यानी ये संपत्तियां इंटरनेट से जुड़ी नहीं रहतीं। Coinbase के मुताबिक, Binance की घटना का उसके सिस्टम और ग्राहकों के फंड पर कोई असर नहीं पड़ा है।
Binance हैकिंग के बाद Coinbase का बड़ा दावा, 99% क्रिप्टो संपत्ति ऑफलाइन सुरक्षित
Binance हैकिंग के बाद Coinbase ने दी सफाई
Coinbase ने अपने ब्लॉग पोस्ट का नाम ‘How Coinbase protects customer assets’ रखा है। कंपनी ने बताया कि Binance की घटना के बाद ग्राहक यह जानना चाहते हैं कि उनके पैसे Coinbase पर कितने सुरक्षित हैं। इसी चिंता को देखते हुए कंपनी ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी साझा की। Coinbase ने कहा कि उसके सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और ग्राहकों की संपत्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी ने बताया कि वह क्रिप्टो संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए दो तरह के वॉलेट इस्तेमाल करती है। इनमें हॉट वॉलेट और कोल्ड वॉलेट शामिल हैं।
- हॉट वॉलेट इंटरनेट से जुड़े रहते हैं। इनका इस्तेमाल ग्राहकों की निकासी और रोजाना के लेनदेन के लिए होता है।
- कोल्ड वॉलेट इंटरनेट से अलग रहते हैं। इनमें ग्राहकों की ज्यादातर क्रिप्टो संपत्ति रखी जाती है।
Coinbase के मुताबिक, उसके पास मौजूद 99% से ज्यादा संपत्ति कोल्ड वॉलेट में रहती है। कंपनी का कहना है कि जरूरत से ज्यादा रकम हॉट वॉलेट में नहीं रखी जाती।
प्राइवेट की को एक जगह नहीं रखता Coinbase
क्रिप्टो वॉलेट की सुरक्षा में प्राइवेट की यानी निजी डिजिटल चाबी की सबसे अहम भूमिका होती है। इसी चाबी से वॉलेट में रखी संपत्ति पर नियंत्रण मिलता है। Coinbase का कहना है कि वह कोल्ड वॉलेट की निजी चाबी को कई हिस्सों में बांट देता है। खास बात यह है कि लेनदेन पर हस्ताक्षर करते समय भी पूरी चाबी को एक जगह दोबारा नहीं बनाया जाता। हॉट वॉलेट के मामले में भी कंपनी ने कई सुरक्षा नियम बनाए हैं। किसी एक कर्मचारी को प्रोडक्शन सिस्टम में स्थायी रूप से पहुंच नहीं मिलती। साइनिंग सिस्टम में बदलाव करने के लिए कई कर्मचारियों की मंजूरी जरूरी होती है।
कंपनी के मुताबिक, इससे किसी एक कर्मचारी, चोरी हुए लैपटॉप या हैक हुए सर्वर के जरिए पूरी क्रिप्टो संपत्ति पर कब्जा करना मुश्किल हो जाता है। संस्थागत ग्राहकों के लिए Coinbase Custody नाम की अलग सेवा भी है। कंपनी का दावा है कि इस सेवा में रखी संपत्ति 100% कोल्ड स्टोरेज में रहती है और ऑन-चेन अलग खाते में दर्ज होती है।
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पैसे की निकासी पर भी रखी जाती है नजर
Coinbase ने बताया कि वह कोल्ड वॉलेट से हॉट वॉलेट में पैसे भेजने की एक सीमा तय करता है। इससे कोई हमलावर अचानक बड़ी मात्रा में क्रिप्टो संपत्ति नहीं निकाल सकता। अगर किसी खाते, वॉलेट या नेटवर्क पर असामान्य गतिविधि दिखाई देती है, तो कंपनी की वॉलेट ऑपरेशन टीम जांच करती है। जब तक टीम लेनदेन को सही नहीं मानती, तब तक तय सीमा बड़ी निकासी को रोकती है। कंपनी के पास जरूरत पड़ने पर पैसे का लेनदेन रोकने का विकल्प भी है। इसके लिए वह डिजिटल चाबियों को पूरी तरह ऑफलाइन कर सकती है। ऐसा होने पर कोई भी सिस्टम लेनदेन पर हस्ताक्षर नहीं कर सकता। Coinbase ने कहा कि जांच पूरी होने और सिस्टम सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही दोबारा पहुंच दी जाती है।
इसके अलावा कंपनी ने कुछ और सुरक्षा नियम भी बताए हैं:
- कर्मचारियों को सिस्टम की स्थायी पहुंच नहीं दी जाती।
- जरूरत पड़ने पर सीमित समय के लिए अनुमति मिलती है।
- कोड में बदलाव और नई पहुंच के लिए कई लोगों की मंजूरी जरूरी है।
- संवेदनशील पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों की अतिरिक्त जांच होती है।
- चोरी हुए पासवर्ड या डिवाइस के दम पर अकेले कोई बड़ा काम नहीं किया जा सकता।
ग्राहकों की संपत्ति का 100% रिकॉर्ड रखता है Coinbase
Coinbase का कहना है कि ग्राहकों की क्रिप्टो संपत्ति 1:1 के अनुपात में रखी जाती है। इसका मतलब है कि ग्राहक के पास जितनी संपत्ति है, कंपनी उसका पूरा रिकॉर्ड रखती है। कंपनी ने यह भी कहा कि ग्राहकों की संपत्ति उनकी अपनी है। वह ग्राहक की अनुमति के बिना इन पैसों को उधार नहीं देती और न ही अपने इस्तेमाल में लाती है। 30 सितंबर तक कंपनी के प्लेटफॉर्म पर कुल 377 अरब डॉलर की संपत्ति मौजूद थी। उसकी तिमाही रिपोर्ट के मुताबिक, उसके पास 8.6 अरब डॉलर नकद और नकद के बराबर संपत्ति थी। इसके अलावा कंपनी के निवेश के लिए रखी गई क्रिप्टो संपत्ति की कीमत 2.2 अरब डॉलर थी।
Coinbase ने बताया कि अमेरिका में उसकी कस्टडी कंपनी न्यूयॉर्क के कानून के तहत ग्राहकों के प्रति जिम्मेदार संस्था है। उसे न्यूयॉर्क के वित्तीय सेवा विभाग से नियमन की मंजूरी मिली है। यूरोप में कंपनी को EU के MiCA नियमों के तहत काम करने की अनुमति है। वहां लक्जमबर्ग की वित्तीय नियामक संस्था CSSF उसकी निगरानी करती है। कंपनी के मुताबिक, उसके पास दुनिया भर में 80 से ज्यादा लाइसेंस हैं। उसने SOC 1 Type II और SOC 2 Type II जैसी स्वतंत्र सुरक्षा जांच भी पूरी की हैं।
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Coinbase पर पहले भी हुआ था साइबर हमला
Coinbase का पिछला बड़ा सुरक्षा मामला 2025 में सामने आया था। उस समय कुछ अपराधियों ने विदेश में काम करने वाले ग्राहक सहायता कर्मचारियों को रिश्वत देकर ग्राहकों की निजी जानकारी हासिल की थी। कंपनी ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC को दी गई रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी थी। हालांकि, Coinbase ने कहा था कि उस घटना में ग्राहकों के पासवर्ड, निजी वॉलेट की चाबियां और पैसे चोरी नहीं हुए थे। कंपनी ने इस घटना से जुड़े संभावित खर्च का अनुमान 180 मिलियन से 400 मिलियन डॉलर के बीच लगाया था। अपने नए ब्लॉग में Coinbase ने यह भी माना कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल से साइबर सुरक्षा का खतरा बदल रहा है। कंपनी का कहना है कि वह सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में लगातार निवेश करती रहेगी।
DISCLAIMER: इस लेख में दी गई जानकारी Coinbase के आधिकारिक बयान पर आधारित है। कंपनी ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और ग्राहकों की क्रिप्टो संपत्ति को सुरक्षित रखने के तरीकों के बारे में जानकारी दी है। क्रिप्टो निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले पूरी जानकारी जरूर जांचें।
