OKX-ICE Tokenized Shares : क्रिप्टो एक्सचेंज OKX और इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) के समर्थन वाले ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। IBM, Oracle, Intel और IonQ ने अपने शेयरों को इस प्लेटफॉर्म पर टोकन के रूप में पेश करने की योजना पर आपत्ति जताई है। इसके बाद विरोध करने वाली कंपनियों की कुल संख्या बढ़कर 26 हो गई है। एक पत्रकार ने 27 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। OKX-ICE प्लेटफॉर्म की योजना अमेरिका में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के डिजिटल टोकन उपलब्ध कराने की है। इससे निवेशक प्लेटफॉर्म के नियमों और अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) की तय शर्तों के तहत सामान्य शेयर बाजार के समय के बाहर भी ट्रेडिंग कर सकते हैं। हालांकि, कंपनियों के विरोध से प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध शेयरों की संख्या कम हो सकती है।
IBM, Oracle, Intel और IonQ ने OKX-ICE प्लेटफॉर्म पर अपने शेयरों की टोकनाइज्ड लिस्टिंग का विरोध किया, अब आपत्ति जताने वाली कंपनियों की संख्या 26 हो गई है।
26 कंपनियों ने जताई आपत्ति
IBM, Oracle, Intel और IonQ उन कंपनियों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने अपने शेयरों की टोकनाइज्ड लिस्टिंग का विरोध किया है। इससे पहले 24 अक्टूबर को रिपोर्ट के मुताबिक, 6 अन्य कंपनियों की आपत्तियों के बाद विरोध करने वाली कंपनियों की संख्या 22 हो गई थी। इनमें Wells Fargo, Arm Holdings और Intuit भी शामिल थीं। इससे पहले Microsoft, Alphabet, Broadcom, Verizon Communications और UnitedHealth Group जैसी कंपनियां भी इस योजना पर आपत्ति जता चुकी थीं। OKXICE के 15 अक्टूबर के सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, 18 अक्टूबर तक 9 अमेरिकी कंपनियों ने औपचारिक रूप से विरोध दर्ज कराया था। अब यह संख्या बढ़कर 26 हो गई है। हालांकि, इन आपत्तियों से पूरे क्रिप्टो बाजार में टोकनाइज्ड शेयरों की ट्रेडिंग बंद नहीं होती। इनका असर मुख्य रूप से इस बात पर पड़ता है कि OKX-ICE प्लेटफॉर्म पर किन कंपनियों के शेयर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
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SEC की छूट के क्या हैं नियम?
SEC ने 17 सितंबर को इनोवेशन छूट की शुरुआत की थी। इसके तहत योग्य कंपनियां कुछ शर्तों के साथ टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज की ट्रेडिंग के लिए प्लेटफॉर्म चला सकती हैं। इसके लिए उन्हें पारंपरिक सिक्योरिटीज एक्सचेंज की तरह रजिस्ट्रेशन कराने से छूट मिल सकती है। हालांकि, प्लेटफॉर्म को किसी कंपनी के शेयरों का टोकनाइज्ड वर्जन पेश करने से पहले उसे इसकी सूचना देनी होती है। अगर कंपनी आपत्ति जताती है, तो SEC की इस छूट के तहत उसके शेयर प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं किए जा सकते। टोकनाइज्ड शेयर ब्लॉकचेन पर मौजूद डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए किसी कंपनी के शेयरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनके जरिए डिजिटल ट्रांसफर और सामान्य शेयर बाजार के समय के बाहर ट्रेडिंग की सुविधा मिल सकती है। लेकिन टोकनाइजेशन से सिक्योरिटीज के नियम खत्म नहीं होते और न ही हर शेयर को लिस्ट करने की अपने आप अनुमति मिल जाती है।
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टोकनाइज्ड शेयरों पर क्यों उठ रहे सवाल?
कंपनियों के विरोध के साथ इस नई व्यवस्था को लेकर बहस भी तेज हो रही है। बाजार से जुड़े लोग जानना चाहते हैं कि किन ब्लॉकचेन नेटवर्क को सार्वजनिक और बिना अनुमति वाले नेटवर्क के रूप में मान्यता मिलेगी। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म संचालक लेनदेन पर कितना नियंत्रण रख सकेंगे और कंपनियों की सहमति किस तरह ली जानी चाहिए, इस पर भी सवाल हैं। 22 अक्टूबर को वित्तीय बाजारों पर नजर रखने वाली संस्था Better Markets ने SEC के इस फैसले को चुनौती दी। संस्था का कहना था कि SEC को अस्थायी छूट देने के बजाय औपचारिक नियम बनाने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी। SEC का आदेश फिलहाल अस्थायी और शर्तों पर आधारित है। एजेंसी ने इस व्यवस्था पर जनता से सुझाव भी मांगे हैं। ऐसे में OKX-ICE पर भविष्य में कौन से शेयर उपलब्ध होंगे, यह कंपनियों की आपत्तियों, प्लेटफॉर्म की तैयारी और SEC के नियमों पर निर्भर करेगा।
DISCLAIMER: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है। इसे निवेश की सलाह न मानें। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
