भारत के गोल्ड इंपोर्ट में बड़ा उलटफेर, UAE बना नया किंग!

भारत के गोल्ड इंपोर्ट में बड़ा उलटफेर, UAE बना नया किंग!

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October 27, 2026

Gold Imports India : भारत में सोने की मांग हमेशा बहुत ज्यादा रहती है। अपनी इस भारी मांग को पूरा करने के लिए भारत अब इस बात को लेकर काफी सक्रिय हो गया है कि यह कीमती धातु कहां से मंगाई जाए। दशकों से तरीका बहुत सीधा था, जहां स्विट्जरलैंड के सुरक्षित गोदामों से सीधे शुद्ध और मुहर लगा हुआ सोना मंगाया जाता था, लेकिन अब टैक्स में छूट, भारत-संयुक्त अरब अमीरात (UAE) व्यापार समझौते और देश के भीतर सोने को रिफाइन करने की बढ़ती क्षमता के कारण आयात के रास्ते बदल रहे हैं।

भारत के सोने के आयात में आया बड़ा बदलाव! जानिए स्विट्जरलैंड की घटती हिस्सेदारी, UAE से बढ़ते व्यापार और टैक्स नियमों की पूरी रिपोर्ट।

स्विस सोने की चमक क्यों हो रही है कम?

पिछले 5 सालों में भारत के सोने के आयात के स्रोतों में बड़ा बदलाव आया है। इसका मुख्य कारण देश के भीतर रिफाइनिंग उद्योग का विस्तार है। लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप (LSEG) के लीड मेटल्स एनालिस्ट देबाजीत साहा के मुताबिक, जैसे-जैसे रिफाइनिंग क्षमता बढ़ी है, भारतीय रिफाइनरों ने ‘डोरे’ (Dore) के लिए मजबूत सप्लाई चेन तैयार कर ली है। इससे स्विट्जरलैंड से आने वाले शुद्ध सोने पर भारत की पारंपरिक निर्भरता कम हुई है। ‘डोरे’ सोने का एक ऐसा रूप है जिसे आंशिक रूप से शुद्ध किया गया होता है और इसमें अक्सर चांदी जैसी अन्य धातुएं भी मिली होती हैं। इसे रिफाइनरियों में और अधिक शुद्ध करके सोने की छड़ें (बुलियन) और सिक्के बनाए जाते हैं। भारत के नियमों के अनुसार तैयार सोने की तुलना में ‘डोरे’ पर 0.65% कम टैक्स लगता है। इस ड्यूटी लाभ के कारण रिफाइनरियां विदेश से तैयार सोना मंगाने के बजाय भारत में ही सोना शुद्ध करना ज्यादा फायदेमंद मानती हैं।

भारत-UAE व्यापार समझौते और टैक्स का गणित

2022 में भारत और UAE के बीच ‘कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट’ (CEPA) लागू हुआ था। इसके तहत ‘टैरिफ-रेट कोटा’ (TRQ) के जरिए UAE से सोने के आयात पर सामान्य आयात शुल्क से 1% कम टैरिफ की अनुमति मिली है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GTRI) के अनुसार, शुरुआत में यह कोटा सालाना 120 टन तय किया गया था, जो 2027 से बढ़कर 200 टन हो जाएगा। यह भारत के कुल सोने के आयात का लगभग 25% हिस्सा कवर करेगा। भारत ने 13 मई से सोने पर स्टैंडर्ड आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। इसके मुकाबले UAE कोटे के तहत आयातित सोने पर 14% शुल्क लगता है। वहीं, कच्चे सोने (डोरे) पर 14.35% का आयात शुल्क लगता है, जो तैयार बुलियन की 15% की स्टैंडर्ड रेट से 0.65% कम है।

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आयात का नया नक्शा और बदलते आंकड़े

पारंपरिक रूप से स्विट्जरलैंड, UAE और ब्रिटेन भारत के लिए बुलियन के प्रमुख स्रोत रहे हैं, जबकि अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देश कच्चे सोने (डोरे) की सप्लाई करते हैं। क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक सेहुल भट्ट के अनुसार, भारत के सोने के आयात में स्विट्जरलैंड की हिस्सेदारी पांच साल पहले के 42.4% से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 21.9% रह गई है। वहीं, UAE की हिस्सेदारी 10.8% से बढ़कर 16.5% हो गई है। इसके अलावा घाना, चिली और पेरू से भी कच्चे सोने के आयात में तेजी आई है। जून में भारत ने UAE से 649.4 मिलियन डॉलर का सोना मंगाया, जो 2025 के 235.9 मिलियन डॉलर के मुकाबले 175.2% अधिक है।

विशेषज्ञों की चिंताएं और भविष्य की राह

UAE की ओर भारत के बढ़ते झुकाव पर GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने चेतावनी दी है कि यह चिंता का विषय है, क्योंकि UAE में न तो सोने का खनन होता है और न ही बड़ी प्रोसेसिंग होती है। ऐसा लगता है कि तीसरे देशों का सोना दुबई के रास्ते मंगाकर कम टैरिफ का फायदा उठाया जा रहा है। सुप्रा पैसिफिक फाइनेंशियल सर्विसेज के CEO मनोज रवि का कहना है कि व्यापार समझौतों के बीच ‘ओरिजिन रूल्स’ को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। GTRI ने सुझाव दिया है कि भविष्य के व्यापार समझौतों से कीमती धातुओं को बाहर रखा जाए।

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सोने का उपयोग और RBI की भूमिका

भारत में आने वाला सारा सोना एक जैसा नहीं होता। कुछ कच्चे ‘डोरे’ के रूप में रिफाइनिंग के लिए आता है, तो कुछ सीधे आभूषणों और निवेश के लिए रिफाइंड बुलियन के रूप में आता है। उदाहरण के लिए, हरियाणा की रिफाइनरी के लिए आने वाला डोरे आमतौर पर दिल्ली के रास्ते आता है, जबकि आभूषण निर्यात के लिए सोना मुंबई के रास्ते आता है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मंगाया जाने वाला सोना विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन के लिए होता है। 2026 की दूसरी तिमाही में भारत का स्वर्ण भंडार 880.52 टन था। भारत हर साल लगभग 700-900 टन सोने का आयात करता है और चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। आगे चलकर भारत का मुख्य ध्यान एक मजबूत और पारदर्शी गोल्ड सप्लाई चेन बनाने पर होना चाहिए।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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