WhatsApp यूजर के लिए बुरी खबर! 90 अकाउंट हैक

6 mins read
844 views
Meta
February 3, 2025

इजरायली स्पाइवेयर कंपनी Paragon Solutions ने 90 WhatsApp अकाउंट को निशाना बनाया है, जिनमें ज्यादातर पत्रकार और नागरिक समाज के सदस्य हैं।

WhatsApp Accounts Hacked : WhatsApp ने बताया है कि दुनिया भर के यूजर अकाउंट को इजरायली स्पाइवेयर कंपनी Paragon Solutions ने टारगेट किया है। Meta के अधिकारियों ने खुलासा किया है कि यह नया हमला पहले की रिपोर्टों के बाद हुआ है, जिसमें इजरायली स्पाइवेयर कंपनियों द्वारा इसी तरह की हैकिंग की घटनाओं का उल्लेख किया गया था। Meta ने Paragon Solutions को एक ‘सीज एंड डेसिस्ट’ लेटर भी जारी किया है, जिसमें उनकी एक्टिविटी को तत्काल रोकने की मांग की गई है।

Meta अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया है कि वह यूजर्स के अकाउंट्स की प्राइवेसी की रक्षा करने और प्लेटफॉर्म पर बातचीत को सुरक्षित रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इन हमलों के बावजूद Meta ने जोर देकर कहा है कि यह सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखेगा कि उपयोगकर्ता बाहरी हस्तक्षेप के बिना निजी तौर पर कॉन्टैक्ट कर सकें।

90 यूजर्स अकाउंट प्रभावित

इस हमले से करीब 90 यूजर्स प्रभावित हुए है, जिनमें मुख्य रूप से पत्रकार और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हैं। हालांकि, Meta ने अभी तक उन यूजर्स के बारे में कोई विशेष जानकारी शेयर नहीं की है जिन्हें निशाना बनाया गया है। WhatsApp के अनुसार, स्पाइवेयर को दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर वाले इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के रूप में भेजा गया था। यह प्रक्रिया बिना किसी प्रत्यक्ष इंटरैक्शन के पूरी हुई है। इस हमले के ज्यादातर पीड़ित यूरोप में हैं, लेकिन इससे प्रभावित देशों की लिस्ट का खुलासा नहीं हुआ है। Meta का दावा है कि वह हमले को रोकने में सक्षम था, हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि उसने इस हैकिंग प्रयास के स्रोत के रूप में Paragon की पहचान कैसे की।

पत्रकारों को बनाया निशाना

Paragon Solutions ने इन दावों पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, Paragon सरकारों को एडवांस सॉफ्टवेयर बेचने के लिए जाना जाता है, जिसका उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए किया जाता है। हालांकि, पत्रकारों और नागरिक समाज के सदस्यों को निशाना बनाने के लिए इन डिवाइस का उपयोग गंभीर चिंता का विषय है।

यह हालिया घटना एक अन्य विवादास्पद इजरायली स्पाइवेयर कंपनी Pegasus के इस्तेमाल के बाद आई है, जो पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के WhatsApp अकाउंट हैक करने के लिए अतीत में सुर्खियों में रही है। यह मुद्दा इस बात पर प्रकाश डालता है कि स्पाइवेयर टूल की बिक्री और उपयोग को लेकर नैतिक चिंताएं बनी हुई हैं। खासकर जब उनका इस्तेमाल मीडिया और नागरिक समाज के सदस्यों की निजता का उल्लंघन करने के लिए किया जाता है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

OpenAI
Previous Story

OpenAI ने लॉन्च किया Deep Research, इन लोगों को होगा फायदा

DoT
Next Story

DoT की बड़ी कार्रवाई, छापेमारी में 130 फेक सिम कार्ड बरामद

Latest from Apps

Google-Maps-की-छुट्टी-Mappls

Google Maps की छुट्टी! Mappls में आया ऐसा फीचर जो बदल देगा सफर का तरीका

Mappls public transport feature:  Google Maps को कड़ी टक्कर देने वाला देसी मैप प्लेटफॉर्म Mappls यानी MapMyIndia अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। कंपनी ने अपने नेविगेशन ऐप में मल्टीमॉडल पब्लिक ट्रांसपोर्ट रूट को
Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया

Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया

Blinkit CFO Resignation: क्विक कॉमर्स कंपनी Blinkit के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर विपिन कपूरिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह एक बार फिर Flipkart में सीनियर फाइनेंस रोल में लौट रहे हैं। इस खबर ने ई कॉमर्स और क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में चर्चा तेज कर दी है।  क–कॉमर्स सेक्टर में बड़ा बदलाव: Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया, IPO और फंडिंग के दौर में अहम फैसला।  Blinkit में एक साल से थोड़ा ज्यादा का सफर  विपिन कपूरिया 2024 में Blinkit से जुड़े थे। उन्होंने यहां 1 साल से थोड़ा ज्यादा समय काम किया है। वह गुरुग्राम बेस्ड Blinkit में शामिल होने से पहले Flipkart में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर थे। कपूरिया Blinkit के पहले फुल टाइम CFO थे क्योंकि यह पद 2022 से खाली था। उस समय Zomato द्वारा Blinkit के अधिग्रहण के बाद तत्कालीन CFO अमित सचदेवा ने कंपनी छोड़ दी थी।  Flipkart के साथ पुराना रिश्ता  Flipkart में विपिन कपूरिया की यह तीसरी पारी होगी। उन्होंने पहली बार 2015 में Flipkart जॉइन किया था। इसके बाद 2018 में वह हॉस्पिटैलिटी स्टार्टअप Oyo चले गए। 2020 में उन्होंने दोबारा Flipkart में वापसी की और फिर 2024 में Blinkit से जुड़े। अब एक बार फिर वह Flipkart के फाइनेंस लीडरशिप का हिस्सा बनने जा रहे हैं।  Blinkit और Eternal में अहम भूमिका  Blinkit में रहते हुए कपूरिया ने कंपनी के CEO अल्बिंदर ढिंढसा और Eternal के CFO अक्षांत गोयल के साथ मिलकर काम किया है। वह उस दौर में Blinkit से जुड़े थे, जब Eternal ने 8,500 करोड़ की राशि Qualified Institutional Placement के जरिए जुटाई थी। यह फंडिंग Blinkit और पूरे क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए अहम मानी गई है।  READ MORE: Aman Jain बने Meta के नए पॉलिसी हेड  क्विक कॉमर्स सेक्टर में तेजी और फंडिंग  पिछले 12 से 14 महीनों में क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।  Swiggy ने 2024 में IPO और हालिया QIP के जरिए 14,500 करोड़ जुटाए।  Zepto अगले साल 11,000 करोड़ का IPO लाने की तैयारी में है।  READ MORE: Flipkart लाया स्मार्टफोन एक्सचेंज ऑफर, 40 मिनट में ऐसे करें अप्लाई  Flipkart Minutes में नेतृत्व बदलाव 

Don't Miss