ऑस्ट्रेलिया में क्रिप्टो पर नए नियम, 2027 से पहले जानें बड़े बदलाव

ऑस्ट्रेलिया में क्रिप्टो पर नए नियम, 2027 से पहले जानें बड़े बदलाव

10 mins read
3 views
October 15, 2026

ASIC Crypto Rules : क्या ऑस्ट्रेलिया में क्रिप्टो कारोबार करना अब पहले से ज्यादा सख्त होने वाला है? वहां की वित्तीय नियामक संस्था ऑस्ट्रेलियन सिक्योरिटीज एंड इन्वेस्टमेंट्स कमीशन (ASIC) ने क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के लिए नए नियमों का प्रस्ताव रखा है। इन नियमों में ग्राहकों की संपत्ति की सुरक्षा, कारोबार में पारदर्शिता और कंपनियों के पास जरूरी पूंजी रखने की शर्तें शामिल हैं। ASIC ने 15 अक्टूबर को इस पर उद्योग से सुझाव मांगे हैं। नए नियमों का ढांचा 8 अप्रैल 2027 से लागू होना तय है।

ऑस्ट्रेलिया में क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर सख्ती की तैयारी, 2027 से लागू होंगे नए नियम, जानें लाइसेंस और पूंजी से जुड़ी शर्तें

क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के लिए लाइसेंस जरूरी होगा

ASIC ने Consultation Paper 392 जारी कर डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म (DAP) और टोकनाइज्ड कस्टडी प्लेटफॉर्म (TCP) के लिए नए मानक प्रस्तावित किए हैं। यह कदम Corporations Amendment (Digital Assets Framework) Act 2026 के बाद उठाया गया है। इस कानून को 8 अप्रैल 2026 को मंजूरी मिली थी। नए नियमों के तहत संबंधित कारोबार करने वाली कंपनियों को ऑस्ट्रेलियन फाइनेंशियल सर्विसेज (AFS) लाइसेंस लेना होगा, जब तक उन्हें छूट न मिले। लाइसेंस के लिए आवेदन 8 अप्रैल 2027 से शुरू होंगे। मौजूदा कंपनियों को आवेदन करने या पुराने लाइसेंस में बदलाव के लिए 7 अक्टूबर 2027 तक का समय मिलेगा। इस दौरान वे तय शर्तों के तहत कारोबार जारी रख सकेंगी। ASIC का कहना है कि समान गतिविधियों और समान जोखिम वाले कारोबार पर मिलते-जुलते नियम लागू होने चाहिए।

कंपनियों को कितनी पूंजी रखनी होगी?

ASIC ने क्रिप्टो प्लेटफॉर्म की वित्तीय क्षमता तय करने के लिए तीन मॉडल सुझाए हैं। इनके तहत पूंजी की जरूरत कंपनी के कारोबार, आमदनी और ग्राहकों की संपत्ति रखने के तरीके पर निर्भर करेगी।

  • पहला मॉडल: कुछ प्लेटफॉर्म को कम से कम 4 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर या औसत आय का 10%, जो अधिक हो, उतनी शुद्ध मूर्त संपत्ति रखनी होगी। योग्य तीसरे पक्ष के कस्टडी इंतजाम होने पर शुरुआती सीमा 2 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर हो सकती है।
  • दूसरा मॉडल: कुछ ऐसे ऑपरेटरों के लिए 70 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की सीमा प्रस्तावित है, जो वित्तीय उत्पाद मानी जाने वाली मूल संपत्तियां नहीं रखते।
  • तीसरा मॉडल: इसमें कारोबार के प्रकार के अनुसार अतिरिक्त पूंजी रखनी होगी। एजेंट के तौर पर काम करने पर 5 लाख, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चलाने पर 5 लाख और अपने खाते से कारोबार करने पर 10 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की राशि प्रस्तावित है।

कुछ कंपनियों को नकदी प्रवाह का अनुमान और ऑडिट भी देना होगा। ग्राहकों के 1 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से ज्यादा धन रखने वाले कुछ लाइसेंसधारकों को कम से कम 50 हजार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अतिरिक्त तरल धन रखना होगा।

READ MORE:  Bitcoin फिर चढ़ा: 80,000 डॉलर से उछला भाव, अब आगे क्या होगा?

ग्राहकों की संपत्ति और ट्रेडिंग पर निगरानी

प्रस्ताव में ग्राहकों की संपत्ति का अलग हिसाब रखने, रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और तीसरे पक्ष के कस्टोडियन पर निगरानी बढ़ाने की बात है। प्लेटफॉर्म को वॉलेट की संरचना और पते से जुड़े रिकॉर्ड कम से कम 7 साल तक रखने होंगे और हर तीन महीने में ASIC को जानकारी देनी होगी। निजी चाबियां और सीड फ्रेज रिपोर्ट में शामिल नहीं होंगे। कंपनियों को यह भी बताना होगा कि ग्राहकों की संपत्ति किस देश में रखी गई है। विदेश में कस्टडी पर पूरी रोक नहीं होगी, लेकिन उससे जुड़े जोखिम बताने होंगे। ट्रेडिंग में पारदर्शिता बढ़ाने, बाजार में हेराफेरी रोकने और ग्राहकों को बेहतर सौदा दिलाने के लिए भी नियम प्रस्तावित हैं। टोकन को प्राथमिकता देने के बदले भुगतान या लाभ लेने पर रोक लगाने की योजना है।

READ MORE: BNY और Citadel की नई पहल, अब मिनटों में होगा बॉन्ड सेटलमेंट

कब तक दे सकते हैं सुझाव?

ASIC ने सुझाव भेजने की आखिरी तारीख 27 नवंबर रखी है। अंतिम नियम और दिशानिर्देश मार्च 2027 में जारी होने की उम्मीद है। जरूरत पड़ने पर अंतिम फैसला लेने से पहले दोबारा सुझाव मांगे जा सकते हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Don't Miss