Samsung Wallet में आएगा USDC, Coinbase और Solana आए साथ

Samsung Wallet में आएगा USDC, Coinbase और Solana आए साथ

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October 8, 2026

Coinbase Samsung Wallet : Samsung अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में अपने Samsung Wallet में USDC स्टेबलकॉइन ट्रांसफर की सुविधा शुरू करने जा रहा है। शुरुआत अमेरिका में होगी और करीब 8.2 करोड़ Galaxy डिवाइस के योग्य यूजर्स इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। कंपनी का मकसद डिजिटल पेमेंट को सीधे फोन के वॉलेट से आसान बनाना है।

Samsung Wallet में जल्द USDC की सुविधा शुरू, Coinbase, Bastion और Solana के सपोर्ट से यूजर्स को सीधे फोन से स्टेबलकॉइन ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा।

Samsung Wallet से सीधे भेज सकेंगे USDC

Samsung Electronics अमेरिका ने 7 अक्टूबर को बताया कि योग्य यूजर्स Samsung Wallet से सीधे USDC को दूसरे कॉम्पैटिबल क्रिप्टो वॉलेट में भेज पाएंगे। Samsung इन ट्रांसफर पर कोई फीस नहीं लेगा। हालांकि, रिसीवर वॉलेट या क्रिप्टो एक्सचेंज अपनी फीस ले सकते हैं। कंपनी 60 से ज्यादा देशों के योग्य बैंक अकाउंट में भी पैसे भेजने की सुविधा देगी। ऐसे ट्रांसफर में रिसीवर को पैसा स्थानीय करेंसी में मिलेगा। यानी उसे USDC रखने या क्रिप्टो वॉलेट इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होगी। नई सुविधा के लिए अलग क्रिप्टो ऐप डाउनलोड नहीं करना पड़ेगा। USDC सीधे Samsung Wallet में दिखाई देगा। यही वॉलेट अभी कार्ड, बोर्डिंग पास और आईडी जैसी चीजों के लिए इस्तेमाल होता है।

Coinbase संभालेगा USDC, Bastion भी साझेदार

अमेरिका में लॉन्च के समय Samsung के USDC सिस्टम को Coinbase सपोर्ट करेगा। Coinbase ने 8 अक्टूबर को बताया कि Samsung Wallet में यूजर जब स्टेबलकॉइन बैलेंस बढ़ाएंगे, तो USDC डिफॉल्ट डॉलर स्टेबलकॉइन के तौर पर दिखाई देगा। Samsung Wallet में रखे USDC की कस्टडी Coinbase Prime Vault के जरिए होगी। इसके लिए Coinbase अपनी संस्थागत कस्टडी सर्विस का इस्तेमाल करेगा। इस व्यवस्था में Bastion भी साझेदार है।

Bastion लाइसेंस प्राप्त स्टेबलकॉइन कस्टोडियन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जिस पर अमेरिकी वित्तीय नियामकों की निगरानी है। Samsung और Coinbase के बीच पहले से साझेदारी है। Coinbase ऐप में Samsung Pay को पेमेंट विकल्प के तौर पर जोड़ा जा चुका है। बाद में अमेरिका के Galaxy यूजर्स के लिए Coinbase One के फायदे भी Samsung Wallet के जरिए उपलब्ध कराए गए।

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Solana और Sui से मिलेगा ब्लॉकचेन सपोर्ट

Samsung ने अपने स्टेबलकॉइन सिस्टम के लिए Solana और Sui को ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर बनाया है। Solana पहले से डिजिटल पेमेंट और स्टेबलकॉइन ट्रांजैक्शन में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। मई में Western Union ने Solana पर अपना USDPT स्टेबलकॉइन लॉन्च किया था। इसका इस्तेमाल कंपनी के ग्लोबल पेमेंट नेटवर्क में सेटलमेंट के लिए किया जा रहा है। Western Union का नेटवर्क 200 से ज्यादा देशों में फैला है। PayPal ने भी अपने PYUSD स्टेबलकॉइन को Ethereum और Arbitrum के साथ Solana पर उपलब्ध कराया है। Solana Foundation के अनुसार, नेटवर्क पर स्टेबलकॉइन की सप्लाई सालाना आधार पर करीब 20% बढ़ी है। 2026 में Solana पर $5.25 ट्रिलियन से ज्यादा का स्टेबलकॉइन वॉल्यूम प्रोसेस हुआ।

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बायोमेट्रिक सुरक्षा के साथ होगा ट्रांसफर

Samsung के मुताबिक, यूजर्स को अपने प्राइवेट की खुद संभालने की जरूरत नहीं होगी। ट्रांसफर के लिए रजिस्टर्ड Galaxy डिवाइस पर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। कंपनी के डिजिटल वॉलेट टीम के प्रमुख वॉन्चियोल चाई ने कहा कि विदेश पैसे भेजना फोन में मौजूद वॉलेट इस्तेमाल करने जितना आसान होना चाहिए। Samsung ने जुलाई में Galaxy Unpacked इवेंट के दौरान नेटिव स्टेबलकॉइन फीचर की योजना का ऐलान किया था। उस समय कंपनी ने यह नहीं बताया था कि कौन-सा स्टेबलकॉइन और कौन-सा ब्लॉकचेन इस्तेमाल होगा। अभी शुरुआत सिर्फ अमेरिका में योग्य यूजर्स से होगी। Samsung ने कहा है कि स्थानीय नियमों के आधार पर इसे दूसरे बाजारों में भी बढ़ाया जाएगा। कंपनी ऑनलाइन और फिजिकल स्टोर पर भविष्य में स्टेबलकॉइन पेमेंट की सुविधा देने पर भी विचार कर रही है, लेकिन इसकी लॉन्च डेट अभी तय नहीं है।

DISCLAIMER : क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट से जुड़ी जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। इनमें कीमत और जोखिम तेजी से बदल सकते हैं। किसी भी निवेश या लेनदेन से पहले पूरी जानकारी लें और जरूरत हो तो वित्तीय सलाहकार की सलाह लें।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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