Coinbase Deribit Integration : Coinbase ने क्रिप्टो डेरिवेटिव्स एक्सचेंज Deribit का इंटीग्रेशन पूरा कर लिया है। Coinbase Deribit Integration के बाद कंपनी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय डेरिवेटिव्स बाजारों को जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसका फोकस ऑप्शंस ट्रेडिंग, स्पॉट मार्जिन और एकीकृत पोर्टफोलियो पर है।
Coinbase ने Deribit को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ा, जानिए नए ऑप्शंस और Coinbase Pro की वापसी से ट्रेडर्स को क्या मिलेगा।
Coinbase Deribit Integration से बनेगा Global Exchange
Coinbase ने 7 अक्टूबर को बताया कि इस इंटीग्रेशन से Coinbase Global Exchange बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक, इससे अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय डेरिवेटिव्स बाजार एक साझा रेगुलेटेड लिक्विडिटी पूल से जुड़ सकेंगे। नया मैचिंग इंजन 1 लाख से ज्यादा ऑर्डर प्रति सेकंड प्रोसेस कर सकता है। इसकी मैचिंग लेटेंसी एक मिलीसेकंड से भी कम है। Coinbase का कहना है कि इससे बड़े ट्रेडिंग वॉल्यूम को संभालना और ऑर्डर तेजी से पूरा करना आसान होगा। कंपनी के मुताबिक, 30 सितंबर तक Bitcoin Options में 30 अरब डॉलर से ज्यादा का ओपन इंटरेस्ट था। वहीं Deribit ने पिछले साल 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का ट्रेडिंग वॉल्यूम प्रोसेस किया था। Coinbase आने वाले हफ्तों में Deribit से जुड़ी ऑप्शंस ट्रेडिंग, स्पॉट मार्जिन और यूनिफाइड पोर्टफोलियो की सुविधा शुरू करेगा।
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अमेरिकी ग्राहकों को ग्लोबल डेरिवेटिव्स की पहुंच
Coinbase के अनुसार, दुनिया के कुल क्रिप्टो ट्रेडिंग वॉल्यूम में ग्लोबल क्रिप्टो डेरिवेटिव्स की हिस्सेदारी करीब 80% है। पहले अमेरिकी ट्रेडर्स और संस्थानों के लिए इस लिक्विडिटी तक रेगुलेटेड तरीके से पहुंच सीमित थी। मई में Commodity Futures Trading Commission (CFTC) ने Coinbase Financial Markets को अमेरिकी ग्राहकों को ग्लोबल क्रिप्टो डेरिवेटिव्स लिक्विडिटी से जोड़ने की अनुमति दी थी। इसमें ऑप्शंस और परपैचुअल फ्यूचर्स शामिल हैं।
अब संस्थागत ग्राहकों को अलग-अलग ऑफशोर कंपनियों, काउंटरपार्टियों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की जरूरत कम होगी। Coinbase प्राइम के जरिए अमेरिकी संस्थान Deribit के ऑप्शंस और परपैचुअल फ्यूचर्स के साथ स्पॉट ट्रेडिंग, फ्यूचर्स, कस्टडी, फाइनेंसिंग और स्टेकिंग जैसी सेवाएं भी इस्तेमाल कर सकेंगे।
ऑप्शंस और मार्जिन ट्रेडिंग में भी बड़ा विस्तार
Coinbase अब सिर्फ परपैचुअल कॉन्ट्रैक्ट तक सीमित नहीं रहेगा। ऑप्शंस की मदद से ट्रेडर्स अपने निवेश को हेज कर सकेंगे, बाजार में उतार-चढ़ाव से बचाव कर सकेंगे और तय जोखिम के साथ रणनीति बना सकेंगे। रिटेल ट्रेडर्स के लिए कंपनी यूनिफाइड अकाउंट और क्रॉस-पोर्टफोलियो मार्जिन ला रही है। इसमें एक पोजिशन का ऑफसेट दूसरी पोजिशन के लिए जरूरी कोलेटरल को कम कर सकता है। इससे ट्रेडर्स के पास दूसरे सौदों के लिए ज्यादा फंड उपलब्ध रहेंगे। Coinbase Advanced में मल्टी-लेग ऑप्शंस के लिए स्ट्रैटेजी बिल्डर भी मिलेगा। ट्रेडर एक ही चरण में कई ऑर्डर लगा सकेंगे। ट्रेड से पहले संभावित मुनाफा और ब्रेक-ईवन प्वाइंट भी देख सकेंगे। पोर्टफोलियो स्क्रीन पर ऑप्शंस ग्रीक्स, फंडिंग लागत, ऑर्डर डेप्थ और लिक्विडिटी जैसी जानकारी भी दिखाई जाएगी।
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स्पॉट मार्जिन में 10x तक लीवरेज, Coinbase Pro की वापसी
नए बदलावों में स्पॉट मार्जिन भी शामिल है। योग्य ग्राहक चुनिंदा प्रमुख एसेट पर 10x तक और दूसरे समर्थित एसेट पर 5x तक लीवरेज ले सकेंगे। इसके अलावा 15 से ज्यादा एसेट को कोलेटरल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। लोन बैलेंस और मार्जिन हेल्थ की जानकारी रियल टाइम में मिलेगी। ऑप्शंस अभी अमेरिका के बाहर योग्य ट्रेडर्स के लिए आने वाले हफ्तों में उपलब्ध होंगे। अमेरिकी रिटेल ग्राहकों के लिए इसकी शुरुआत इस साल के अंत में होने की उम्मीद है। Coinbase ने यह भी कहा है कि 2026 के अंत में Coinbase Pro वापस आएगा। इसमें स्पॉट, फ्यूचर्स, परपैचुअल्स, ऑप्शंस और इक्विटी ट्रेडिंग की सुविधा होगी। कंपनी की योजना इसे हाई-वॉल्यूम ट्रेडर्स के लिए पेशेवर प्लेटफॉर्म बनाने की है। हालांकि, सभी सुविधाएं यूजर के देश और पात्रता पर निर्भर करेंगी।
DISCLAIMER: इस खबर में दी गई जानकारी Coinbase और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। क्रिप्टोकरेंसी और डेरिवेटिव्स में जोखिम काफी ज्यादा हो सकता है। यह खबर किसी तरह की निवेश सलाह या खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं है। निवेश करने से पहले खुद जानकारी जांचें और जोखिम को समझें।
