HYPE से DOT तक, DeFi Tokens में क्या खास?

HYPE से DOT तक, DeFi Tokens में क्या खास?

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October 3, 2026

Best DeFi Tokens : अक्टूबर की शुरुआत में DeFi यानी Decentralized Finance के कई टोकन अपने प्लेटफॉर्म की कमाई को टोकन की मांग से जोड़ रहे हैं। Hyperliquid और Raydium ट्रेडिंग फीस से अपने टोकन खरीदते हैं। Chainlink नेटवर्क और Enterprise Services से हुई कमाई को LINK में बदलकर रिजर्व में रखता है। वहीं, PancakeSwap फीस से CAKE खरीदकर उसे Burn करता है। Polkadot Staking के साथ टोकन सप्लाई को सीमित रखने का सिस्टम अपनाता है। इन सभी प्रोजेक्ट्स में टोकन खरीद, Burn और Staking Reward अलग-अलग चीजें हैं। इसलिए प्लेटफॉर्म की फीस से होने वाली खरीद को सीधे टोकन होल्डर की कमाई नहीं माना जा सकता। 

DeFi में Token खरीद, Staking और Burn का क्या मतलब है? जानिए HYPE, RAY, LINK, CAKE और DOT से जुड़े अलग-अलग मॉडल और उनकी खास बातें। 

Hyperliquid और Raydium में फीस से Token Buyback 

Hyperliquid एक ब्लॉकचेन है, जहां Spot Trading और बिना एक्सपायरी वाले Futures Contracts की सुविधा मिलती है। इसकी जानकारी के मुताबिक, Assistance Fund ट्रेडिंग फीस को अपने आप HYPE में बदलता है। Assistance Fund में जमा HYPE को Burn कर दिया जाता है। यानी ये टोकन हमेशा के लिए कुल और Circulating Supply से बाहर हो जाते हैं। हालांकि, अलग-अलग Products में फीस का बंटवारा अलग हो सकता है। कुछ Market Operators अपनी मार्केट से मिलने वाली फीस का हिस्सा भी रख सकते हैं। इसका मतलब है कि HYPE की खरीद प्लेटफॉर्म की ट्रेडिंग गतिविधि से जुड़ी है, लेकिन इससे हर HYPE Holder को सीधे पैसे नहीं मिलते। इसी तरह Buyback को Staking Reward भी नहीं माना जा सकता। 

Raydium, जो Solana पर एक Decentralized Exchange है, Trading Fees का 12% RAY Buyback के लिए इस्तेमाल करता है। यह 12% Trading Volume पर नहीं, बल्कि जमा हुई Fees पर लागू होता है। Liquidity Providers को Trading Pools में Assets उपलब्ध कराने के बदले फीस का अलग हिस्सा मिलता है। 

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Chainlink में Staking और Reserve अलग हैं 

Chainlink Blockchain Applications को बाहरी डेटा देता है। इसमें Lending Platforms के लिए इस्तेमाल होने वाली Price Information भी शामिल है। Chainlink की Staking जानकारी के मुताबिक, Community Participants के लिए Effective Annual Base Reward Rate 4.32% है, जब Pool पूरी तरह भरा हो। यह Rate Pool की स्थिति के अनुसार बदल सकती है और Reward LINK में मिलता है। 

Chainlink ने शुरुआती 45 million LINK के Staking Pool में Community Staking के लिए 40.875 मिलियन LINK रखे थे। Pool भर जाने पर नए प्रतिभागियों को किसी मौजूदा Staker के Tokens निकालने तक इंतजार करना पड़ता है। Withdrawal में 28 दिन की Waiting Period और फिर 7 दिन की Claim Window होती है। वहीं, Chainlink Reserve अलग तरीके से काम करता है। Network Services और Enterprise Activity से होने वाली कमाई को LINK में बदला जाता है और इन Tokens को On-Chain Contract में रखा जाता है। इसलिए Reserve से होने वाली LINK खरीद को Staking Reward नहीं माना जा सकता। 

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PancakeSwap और Polkadot का Supply Model 

PancakeSwap का Tokenomics 3.0 मॉडल CAKE की खरीद और बर्न पर आधारित है। इसके दस्तावेजों में 400 मिलियन केक की अधिकतम सप्लाई और हर साल करीब 4% Supply Contraction का लक्ष्य दिया गया है। ट्रेडिंग और दूसरे प्रोडक्ट से मिलने वाली Fees Burn को फंड करती हैं। वहीं, Farming Incentives से नए Tokens बनते रहते हैं, इसलिए सप्लाई तभी वास्तव में घटेगी, जब Burn की मात्रा नई Issuance से ज्यादा होगी। 

PancakeSwap ने पुराने veCAKE और उससे जुड़े प्रोडक्ट को हटा दिया है, इसलिए पुराने Staking Model को मौजूदा Yield के साथ तुलना करना सही नहीं होगा। दूसरी ओर, Polkadot ने DOT की कुल सप्लाई को 2.1 मिलियन पर सीमित किया है और Issuance को चरणों में कम करने का सिस्टम रखा है। यहां Staking Returns Reward Allocation, Participation और Validator Charges पर निर्भर करते हैं, इसलिए सभी प्रतिभागियों के लिए कोई एक Fixed Rate लागू नहीं होती। 

DISCLAIMER : यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा हो सकता है और इसकी कीमतों में तेजी से बदलाव हो सकता है। निवेश करने से पहले खुद रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। 

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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