Trezor पर फिशिंग हमला, फर्जी ईमेल से हड़कंप, यूजर्स रहें सावधान

Trezor पर फिशिंग हमला, फर्जी ईमेल से हड़कंप, यूजर्स रहें सावधान

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September 10, 2026

Crypto Scam Alert : क्या एक असली Trezor ईमेल भी आपका क्रिप्टो वॉलेट खतरे में डाल सकता है? अभी सामने आए Trezor Phishing Alert ने यूजर्स की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी ने बताया कि 9 सितंबर को एक फर्जी सिक्योरिटी ईमेल भेजा गया, जो Trezor के असली ईमेल सिस्टम से आया दिख रहा था। कंपनी ने इसे फिशिंग हमला बताया है और यूजर्स से किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करने को कहा है।

Trezor यूजर्स को फर्जी STM32 सिक्योरिटी अलर्ट भेजा गया, जानें इस हमले में क्या खतरा है और कैसे बचें।

Trezor के मुताबिक, उसके थर्ड-पार्टी ईमेल प्रोवाइडर से छेड़छाड़ हुई थी। हमलावरों ने इसी सिस्टम का इस्तेमाल कर ‘Critical Security Alert: STM32 Entropy Vulnerability’ विषय वाला ईमेल भेजा। कंपनी ने इस्तेमाल किए गए डोमेन को बंद कर दिया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावरों ने मेल सिस्टम तक पहुंच कैसे बनाई।

कंपनी ने ईमेल को बताया फर्जी

Trezor ने 9 सितंबर को 20:37 UTC पर X पर पोस्ट कर इस मामले की जानकारी दी। कंपनी ने साफ कहा कि STM32 से जुड़ा सिक्योरिटी अलर्ट असली प्रोडक्ट एडवाइजरी नहीं था। कंपनी ने यूजर्स को ईमेल में दिए किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी। इसके बाद 22:20 UTC पर Trezor ने फिर बताया कि उसके ईमेल प्रोवाइडर से समझौता हुआ था।

फर्जी संदेश देखने में काफी भरोसेमंद था। कुछ प्राप्तकर्ताओं के मुताबिक, इसमें भेजने वाले का नाम ‘Trezor Security’ दिख रहा था। From फील्ड में help@trezor.io और Return-Path में mailing.trezor.io दिखाई दे रहा था। यही वजह है कि ईमेल सामान्य फिशिंग संदेश से ज्यादा असली लगा। यह Trezor के अपने न्यूजलेटर सिस्टम से होकर आया था। इसलिए Gmail ने इसे SPF, DKIM और DMARC जैसे सामान्य ईमेल ऑथेंटिकेशन चेक में पास कर दिया।

फर्जी Trezor ईमेल में क्या दावा किया गया?

सिक्योरिटी रिसर्चर ने 9 सितंबर को ईमेल के हेडर और DNS रिकॉर्ड की जांच की। उसके मुताबिक, संदेश में STM32 माइक्रोकंट्रोलर को लेकर गंभीर दावा किया गया था। ईमेल में कहा गया कि फैक्ट्री डिफेक्ट के कारण करीब चार में से एक डिवाइस कमजोर 40-bit seeds बना सकता है। यूजर्स को यह देखने के लिए एक लिंक दिया गया कि उनका डिवाइस प्रभावित है या नहीं।

कुछ फिशिंग पेज यूजर्स से उनका xPub मांग रहे थे। xPub खुद किसी वॉलेट से पैसे भेजने की अनुमति नहीं देता। लेकिन इससे वॉलेट से जुड़े पते और बैलेंस की जानकारी सामने आ सकती है। इससे किसी व्यक्ति की ऑन-चेन गतिविधि को ट्रैक करना आसान हो सकता है। Trezor ने STM32 वाले इस दावे से जुड़ी कोई आधिकारिक प्रोडक्ट एडवाइजरी जारी नहीं की है, इसलिए कंपनी का नाम और असली ईमेल सिस्टम इस्तेमाल करना इस हमले का अहम हिस्सा था।

Trezor Phishing Alert अकेला मामला नहीं, BitBox भी निशाने पर

यह हमला सिर्फ Trezor तक सीमित नजर नहीं आ रहा। स्विस हार्डवेयर वॉलेट कंपनी BitBox ने भी 9 सितंबर को 20:01 UTC पर यूजर्स को चेतावनी दी। बाद में 21:03 UTC पर कंपनी ने विस्तृत जानकारी दी। BitBox ने कहा कि शुरुआती जांच में उसका न्यूजलेटर प्रोवाइडर ‘वेरी लाइक’ समझौते का शिकार हुआ था। कंपनी के मुताबिक, कई Bitcoin कंपनियां एक ही प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती दिखीं। जर्मन Bitcoin प्रकाशन Blocktrainer ने भी इस फिशिंग अभियान को Trezor, BitBox और पोर्टफोलियो ट्रैकर CoinTracking से जोड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित Brevo अकाउंट्स में बिना अनुमति API keys बनाई गई थीं।

YFarmX ने Trezor, BitBox और shiftcrypto.ch के बीच एक साझा DKIM signing key भी दर्ज की। इससे एक ही मेलिंग वेंडर के इस्तेमाल की संभावना सामने आती है। हालांकि, Trezor ने अपने बयान में उस वेंडर का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

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Trezor यूजर्स के लिए अभी कितना खतरा?

Trezor ने अभियान में इस्तेमाल डोमेन हटा दिया है। YFarmX ने 21:18 UTC और 22:26 UTC पर DNS रिकॉर्ड की जांच की। जांच में mailing.trezor.io का SPF रिकॉर्ड हटाया गया था। ट्रैकिंग होस्टनेम अभी भी रिजॉल्व हो रहा था, लेकिन HTTPS जांच में फेल हो रहा था। इसका मतलब है कि पुराने ईमेल में मौजूद कुछ लिंक अब ब्राउजर में फिशिंग पेज खोलने के बजाय एरर दे सकते हैं।

फिर भी इसे पूरी तरह खत्म हुआ मामला नहीं माना जा सकता। 10 सितंबर की शुरुआत तक Trezor ने इस घटना पर कोई लंबा ब्लॉग नोट जारी नहीं किया था। कंपनी की मुख्य सार्वजनिक जानकारी अभी X पोस्ट पर ही है। सबसे अहम बात यह है कि Trezor ने इस घटना में डिवाइस, प्राइवेट की या रिकवरी बैकअप के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं की है। यह भी साफ नहीं है कि कितने यूजर्स तक फर्जी ईमेल पहुंचा या किसी ने उसमें अपनी जानकारी दर्ज की या नहीं।

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ShipMonk डेटा लीक से अलग है यह हमला

Trezor का यह नया ईमेल हमला उसके पहले सामने आए ShipMonk डेटा लीक से अलग है। ShipMonk से जुड़ी घटना का खुलासा कंपनी ने 13 अगस्त को किया था और 4 सितंबर को इसे लेकर अतिरिक्त जानकारी दी थी। उस मामले में 11,742 ग्राहकों के पूरे रिकॉर्ड और 1,947 ग्राहकों के आंशिक रिकॉर्ड प्रभावित हुए थे। कुल संख्या 13,689 थी। बाद में करीब 67,000 अतिरिक्त अमेरिकी ग्राहकों का डेटा सामने आया, जो 2019 से 2021 के रिकॉर्ड से जुड़ा था।

इस तरह सार्वजनिक तौर पर सामने आई कुल संख्या करीब 80,700 लोगों तक पहुंच गई। इसमें नाम, ईमेल और शिपिंग पते जैसी जानकारी शामिल थी। कंपनी के अनुसार वॉलेट सीड सुरक्षित थे। अभी तक कोई सबूत नहीं है कि सितंबर वाला फिशिंग अभियान इसी ShipMonk डेटा का इस्तेमाल करके चलाया गया। फिर भी पहले से लीक जानकारी के कारण आने वाले समय में फिशिंग संदेश ज्यादा व्यक्तिगत और भरोसेमंद दिख सकते हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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