Government Scholarship: बिहार की बेटियों के लिए आज कई बड़े ऐलान होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बालिका PHD फेलोशिप के तहत करीब 1,000 छात्राओं को चार साल तक हर महीने 10,000 रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही स्टार्टअप के लिए 2 लाख रुपये तक, छात्राओं की सुरक्षा के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक मदद का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।
बिहार की बेटियों को आज बड़ी सौगात मिलने जा रही, PHD छात्राओं को 10 हजार रुपये मासिक मदद।
PHD करने वाली बेटियों को हर महीने 10 हजार रुपये
बिहार सरकार आज मुख्यमंत्री बालिका PHD फेलोशिप योजना शुरू करने जा रही है। इसका फायदा राज्य की करीब 1,000 छात्राओं को मिलेगा। पात्र छात्राओं को PHD और शोध के दौरान लगातार चार साल तक हर महीने 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यानी चार साल में एक छात्रा को कुल 4.8 लाख रुपये की मदद मिल सकती है। सरकार का फोकस बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के मौके पर बिहार की बेटियों और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए नई शुरुआत की जा रही है। इस योजना से उन छात्राओं को खास मदद मिलने की उम्मीद है, जिन्हें PHD के दौरान पढ़ाई, शोध और दूसरी जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्टार्टअप शुरू करने के लिए 2 लाख तक की मदद
सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बिहार सरकार बेटियों को कारोबार और स्टार्टअप की ओर भी बढ़ाना चाहती है। इसके लिए बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना शुरू की जाएगी। इस योजना में बेटियों को अपना स्टार्टअप शुरू करने या नए बिजनेस आइडिया पर काम करने के लिए 50 हजार रुपये से 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का मकसद बेटियों को रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाने पर भी जोर देना है। अच्छी योजना और मजबूत बिजनेस आइडिया रखने वाली छात्राओं और युवतियों को इससे शुरुआती मदद मिल सकती है। इस पहल का असर शिक्षा से आगे जाकर रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर भी पड़ सकता है।
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छात्राओं की सुरक्षा के लिए 4,700 वाहन
बिहार में स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल का लोकार्पण और फ्लैग-ऑफ करेंगे। इन वाहनों का इस्तेमाल ‘पुलिस दीदी’ पहल के तहत किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित माहौल देना और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत मदद उपलब्ध कराना है। सरकार का कहना है कि महिलाओं की उन्नति ही बिहार की प्रगति है। इसी सोच के तहत सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है।
PPU में पीएचडी रजिस्ट्रेशन का आखिरी मौका
इधर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय यानी PPU ने पीएचडी 2024-25 के शोधार्थियों को रजिस्ट्रेशन पूरा करने का एक और मौका दिया है। विश्वविद्यालय का PhD पोर्टल 26 अगस्त से 29 अगस्त तक खुला रहेगा। जिन शोधार्थियों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे इस अवधि में प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। नए शोधार्थियों को पोर्टल पर लॉगिन करके रजिस्ट्रेशन स्लिप डाउनलोड करनी होगी। पहले से रजिस्टर्ड छात्रों को भी नई स्लिप डाउनलोड करनी है। अगर नई स्लिप और पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर की जानकारी में अंतर मिलता है, तो शोधार्थियों को PHD सेक्शन में आवेदन देकर उसे ठीक कराना होगा।
सिविल सेवा की तैयारी में भी बढ़ेगी मदद
बिहार सरकार मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना का दायरा भी बढ़ा रही है। इसका फायदा प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली बिहार की महिलाओं को मिलेगा। पहले BPSC प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली महिलाओं को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये और UPSC प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली महिलाओं को 1 लाख रुपये की सहायता मिलती थी। अब कई दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं को भी योजना में शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आर्थिक वजहों से किसी प्रतिभाशाली महिला की तैयारी प्रभावित न होने देना है।
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अलग-अलग परीक्षाओं के लिए कितनी मदद?
- IAS, IES, ISS, कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट और अन्य निर्धारित UPSC परीक्षाओं के लिए 75 हजार रुपये।
- CDS, NDA, CBI और निर्धारित राज्य सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए 50 हजार रुपये।
- RBI Grade-B, SBI CGL और निर्धारित रेलवे भर्ती परीक्षाओं के लिए 30 हजार रुपये।
सरकार के मुताबिक इन योजनाओं का लाभ सभी वर्गों की महिलाओं को मिलेगा।
