रेल यात्रियों को अब इस ऐप से मिलेंगी कन्फर्म टिकट, ऐसे करें डाउनलोड

6 mins read
1.2K views
November 5, 2024

रेलवे यात्री सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने जा रहा है। इसके लिए रेलवे एक व्यापक मोबाइल एप्लीकेशन भी लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।

Indian Railway : रेलवे की ओर से यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में भारतीय रेलवे ने एक व्यापक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप में यूजर्स को कई तरह के फायदें होंगे। यूजर्स को एक ही ऐप में कई सेवाएं मिलेंगी। बता दें कि इसे अभी से तैयार कर लिया गया है, साथ ही कई अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इसे इस साल के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है, जिससे यात्रियों को हर तरह की सुविधाएं मिलेंगी।

यात्रियों को इस ऐप में क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं

  • यूजर इस ऐप की मदद से टिकट बुक कर सकेंगे। प्लेटफॉर्म पास, मॉनिटर शेड्यूल समेत अन्य काम भी यहीं से पूरे किए जा सकेंगे।
  • इस ऐप को सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम ने बनाया है। यह ऐप डेवलप और डिजाइन करता है। इसकी मदद से इंफॉर्मेशन सिस्टम बनाया जा सकेगा।
  • यह ऐप मौजूदा सिस्टम के साथ काम करेगा। IRCTC के इस नियम में कैटरिंग, टूरिज्म सर्विस का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।
  • IRCTC आगे भी इसी तरह काम करता रहेगा। IRCTC के बीच और प्लान किए गए ऐप पर काम चल रहा है। ऐसे में यह आपके लिए काफी अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है।
  • अभी IRCTC रेल कनेक्ट, ई-कैटरिंग फूड ऑन ट्रैक, रेलवे हेल्प और नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम एप्लीकेशन और वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
  • IRCTC रेल कनेक्ट ने टिकट बुकिंग के अधिकार सुरक्षित रखे हैं। इसकी वजह से ऐप को 10 करोड़ लोग डाउनलोड कर सकते हैं ऐसे में यह आपके लिए काफी अच्छा विकल्प साबित होता है।
  • थर्ड पार्टी बुकिंग प्लेटफॉर्म IRCTC से की जा सकती है और यहीं से इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। IRCTC ऐप की मदद से रेलवे ने करीब 4270 करोड़ का रेवेन्यू कमाया है।
  • IRCTC पर करीब 453 मिलियन की टिकट बुकिंग की गई है। यह कुल टिकट रेवेन्यू का 33% है जो काफी फायदेमंद साबित होता है।

इस ऐप को किसने बनाया

रेलवे सुपर ऐप को CRIS (रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र) द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह रेलवे सूचना प्रणाली को डिजाइन, विकसित, लागू और रखरखाव करता है। IRCTC यात्रियों के साथ CRIS के इंटरफेस के रूप में जारी रहेगा। IRCTC और नियोजित ऐप के बीच एकीकरण का काम चल रहा है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Previous Story

Jio, Airtel को कड़ी टक्कर देने आ रहा BSNL, शानदार है इंटरनेट स्पीड

Next Story

AI की भविष्यवाणी! सामने आया अमेरिका के नए राष्ट्रपति का नाम

Latest from Latest news

क्या बंद होगा 𝗕𝗶𝘁𝗰𝗵𝗮𝘁 ऐप? सरकार के आदेश से मचा हड़कंप

क्या बंद होगा Bitchat ऐप? सरकार के आदेश से मचा हड़कंप

Jack Dorsey के Bitchat App पर सरकार सख्त, GitHub को 3 रिपॉजिटरी हटाने का आदेश। जानें Bluetooth mesh से चलने वाले इस ऐप को लेकर क्या है मामला।  Bitchat App Blocked: क्या बिना इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के भी लोग आपस में संदेश भेज सकते हैं? Bitchat App इसी तकनीक पर काम करता है, लेकिन अब भारत सरकार ने इसकी सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। गृह मंत्रालय के तहत आने वाले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने GitHub से Bitchat से जुड़े 3 रिपॉजिटरी हटाने या उनकी पहुंच रोकने को कहा है।  Bitchat App पर सरकार ने क्यों उठाया सवाल? I4C ने 23 जुलाई को जारी आदेश में कहा कि Bitchat Bluetooth mesh नेटवर्क के जरिए लोगों को सीधे जोड़ता है। इसके लिए मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट या किसी केंद्रीय सर्वर की जरूरत नहीं पड़ती।सरकार के मुताबिक, यही तकनीक कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती है। ऐसे नेटवर्क में यूजर की पहचान और कानूनी निगरानी करना मुश्किल हो सकता है। एजेंसी ने आशंका जताई कि इसका गलत इस्तेमाल अपराध से जुड़ी गतिविधियों में हो सकता है।  I4C ने GitHub को तीन घंटे के भीतर संबंधित रिपॉजिटरी हटाने या उन तक पहुंच बंद करने का निर्देश दिया। इसके लिए Information Technology Act की Section 79(3)(b) और IT Rules, 2021 के Rule 3(1)(d) का हवाला दिया गया है।  https://x.com/jack/status/2080565084586135773?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2080565084586135773%7Ctwgr%5E34dc1ea6a763482228e9af8fa17b337f8ea5e2c9%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.news9live.com%2Ftechnology%2Ftech-news%2Fbitchat-app-blocked-india-orders-github-to-remove-jack-dorseys-offline-messaging-tool-cjp-protest-crackdown-2992739     विरोध प्रदर्शनों के बीच बढ़ी ऑफलाइन ऐप की चर्चा सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद किए जाने के बीच ऐसे ऑफलाइन संचार प्लेटफॉर्म की चर्चा भी बढ़ी है।