Gold Rate Today: सोने की कीमत में लगातार गिरावट और आयात शुल्क बढ़ने के बाद भारतीय बाजार में खरीदारी सुस्त पड़ गई है। कारोबारियों का कहना है कि ग्राहक फिलहाल नया सोना खरीदने के बजाय इंतजार करना पसंद कर रहे हैं।
सोना खरीदने का सही समय है या अभी और इंतजार करें? जानिए इंपोर्ट ड्यूटी, गोल्ड प्राइस में गिरावट, बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की राय।
सोने की मांग में आई बड़ी गिरावट
इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के सचिव सुरेंद्र मेहता के मुताबिक, सोने पर कस्टम ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% किए जाने के बाद बाजार की मांग में 70% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि कई परिवार इस समय नया सोना खरीदने के बजाय अपनी पुरानी ज्वेलरी बेच रहे हैं। अनुमान है कि अप्रैल से जून 2026 के दौरान पुराने सोने की बिक्री करीब 50 टन तक पहुंच सकती है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 50% से ज्यादा है।
क्या कीमतें और नीचे जा सकती हैं?
इस साल 29 जनवरी को सोना 1,80,000 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद कीमतों में करीब 30% की गिरावट आई और 30 जून 2026 तक यह लगभग 1,40,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। ऑगमॉन्ट बुलियन की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर से नीचे फिसल चुका है। अगर कमजोरी जारी रही तो कीमतें 3,600 डॉलर यानी करीब 1,30,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। हालांकि बाजार में तकनीकी रिकवरी की संभावना भी बनी हुई है।
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एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों फिसले
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी आज तेज गिरावट देखने को मिली।
- सोना: लगभग 1,387 टूटकर 1,41,144 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा।
- कारोबार के दौरान कीमत 1,41,115 तक फिसली।
- चांदी: करीब 4,075 की गिरावट के साथ 2,24,488 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।
- सत्र के दौरान चांदी का भाव 2,22,901 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।
निवेशकों और खरीदारों पर क्या असर?
कीमतों में लगातार गिरावट के कारण निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है। कई लोग यह मानकर खरीदारी टाल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सोना और सस्ता हो सकता है। दूसरी ओर, कुछ लोग मौजूदा ऊंचे स्तर का फायदा उठाकर पुराना सोना बेच रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में वैश्विक आर्थिक संकेत, ब्याज दरों का रुख और डॉलर की चाल सोने की कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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फिलहाल सोने का बाजार दबाव में बना हुआ है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियों में बड़ा बदलाव नहीं होता, तो कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों के लिए जल्दबाजी से बचते हुए बाजार की दिशा पर नजर रखना अहम होगा।
