Airbound Drone Delivery: क्या आने वाले दिनों में दवाइयां और जरूरी सामान मिनटों में ड्रोन से आपके पास पहुंचेंगे? आंध्र प्रदेश में ऐसा सपना अब हकीकत बनने की ओर बढ़ रहा है। Drone Delivery Network को लेकर बेंगलुरु की एयरोस्पेस कंपनी Airbound और आंध्र प्रदेश ड्रोन कॉर्पोरेशन ने बड़ा समझौता किया है। इस नई पहल के तहत अमरावती, विजयवाड़ा और गुंटूर को ड्रोन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। अभी इसकी शुरुआत गुंटूर से होने की योजना है। लक्ष्य अगले एक साल में 10,000 दैनिक ड्रोन उड़ानों तक पहुंचने का है।
Airbound और आंध्र प्रदेश ड्रोन कॉर्पोरेशन ने ड्रोन डिलीवरी नेटवर्क के लिए समझौता किया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं, ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स को नई रफ्तार देना है।
Drone Delivery Network से मिलेगी तेज कनेक्टिविटी
समझौते पर आंध्र प्रदेश ड्रोन कॉर्पोरेशन की चेयरमैन और प्रबंध निदेशक गीतांजलि शर्मा और Airbound के संस्थापक नमन पुष्प ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। यह नेटवर्क खासतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स सेक्टर को मजबूत करेगा। ड्रोन के जरिए छोटे पैकेज और जरूरी सामान कम समय में एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाए जा सकेंगे।
READ MORE: AI ड्रोन ने उड़ान में रचा इतिहास, इंसानी पायलट को हराया
कम लागत में होगी तेज डिलीवरी
Airbound का दावा है कि उसका TRT ड्रोन सिर्फ 1.5 किलोग्राम वजनी है। इसे हल्के कार्बन फाइबर से तैयार किया गया है। कंपनी के अनुसार इसकी मदद से डिलीवरी लागत घटकर सिर्फ 10 पैसे प्रति किलोमीटर तक आ सकती है। ड्रोन नेटवर्क से सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी और जरूरी सामान तेजी से गंतव्य तक पहुंचेगा।
किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
इस परियोजना से कई महत्वपूर्ण सेवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है:
- स्वास्थ्य संबंधी सामान की तेज डिलीवरी
- ई-कॉमर्स और व्यावसायिक उत्पादों का परिवहन
- शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आपातकालीन सप्लाई
- अमरावती, विजयवाड़ा और गुंटूर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी
Airbound पहले भी बेंगलुरु में नारायणा हेल्थ के साथ काम कर चुकी है। कंपनी अब तक 1,000 से अधिक हेल्थकेयर डिलीवरी फ्लाइट्स और 10,000 से ज्यादा कुल उड़ानें पूरी कर चुकी है।
READ MORE: चीन का ‘मच्छर ड्रोन’, जासूसी से लेकर जंग तक करेगा काम
Drone Delivery Network आंध्र प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अगर योजना सफल रही तो आने वाले समय में देश के दूसरे राज्यों में भी ऐसे नेटवर्क देखने को मिल सकते हैं।
