Polymarket Fake Wins: क्या करोड़ों व्यूज वाले वीडियो सच में लोगों की कमाई दिखा रहे थे या सब कुछ सिर्फ एक दिखावा था? ताज़ा रिपोर्ट में सामने आया है कि क्रिप्टो प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म Polymarket पर फर्जी प्रमोशनल वीडियो चलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। दावा है कि कंपनी से जुड़े प्रचार अभियान में नकली वेबसाइटों और बनावटी जीत का इस्तेमाल किया गया।
Polymarket पर फर्जी जीत वाले वीडियो दिखाने के आरोप लगे हैं, जानिए कैसे इस क्रिप्टो प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म का प्रमोशनल अभियान विवादों में घिर गया।
Polymarket पर क्या हैं आरोप?
Wall Street Journal की जांच के मुताबिक, Polymarket से जुड़े प्रचार अभियान में कई सोशल मीडिया क्रिएटर्स को भुगतान किया गया। इन क्रिएटर्स ने ऐसे वीडियो बनाए जिनमें वे प्लेटफॉर्म पर बड़ी रकम जीतते हुए दिखाई दिए। रिपोर्ट के अनुसार, जांच में 1,100 से ज्यादा वीडियो देखे गए। इनमें दिखाई गई करीब 19 लाख डॉलर की बेटिंग वास्तविक नहीं थी। कई वीडियो कथित तौर पर असली प्लेटफॉर्म की बजाय नकली वेबसाइटों पर रिकॉर्ड किए गए थे। यह मामला इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि Polymarket खुद को ब्लॉकचेन आधारित पारदर्शी प्लेटफॉर्म बताता है।
अमेरिकी यूजर्स को टारगेट करने का दावा
रिपोर्ट में कहा गया है कि Polymarket का मुख्य प्लेटफॉर्म अमेरिकी यूजर्स के लिए प्रतिबंधित है। इसके बावजूद सोशल मीडिया अभियान कथित तौर पर अमेरिका के दर्शकों को ध्यान में रखकर चलाया गया। बताया गया कि वीडियो बनाने वाले कई क्रिएटर्स को हर महीने 2,000 से 3,000 डॉलर तक दिए गए। अभियान से जुड़े वीडियो को TikTok, Instagram और YouTube पर मिलाकर 14 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये दावे सही साबित होते हैं तो नियामक एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर सकती हैं।
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पारदर्शिता के दावों पर उठे सवाल
Polymarket की सबसे बड़ी ताकत उसकी ऑन-चेन पारदर्शिता मानी जाती है। प्लेटफॉर्म पर सभी लेनदेन ब्लॉकचेन पर रिकॉर्ड होते हैं और उन्हें सार्वजनिक रूप से देखा जा सकता है, लेकिन आरोप है कि प्रचार के लिए इस्तेमाल किए गए कई वीडियो ऐसे नकली प्लेटफॉर्म पर बनाए गए, जहां किसी भी जीत या हार को ब्लॉकचेन पर सत्यापित नहीं किया जा सकता था। यही वजह है कि अब कंपनी के पारदर्शिता मॉडल पर सवाल उठ रहे हैं।
कंपनी ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद Polymarket ने कहा है कि वह ‘सटीक, निष्पक्ष और पारदर्शी बाजार’ के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने अपने प्रचार सामग्री की व्यापक समीक्षा और ऑडिट कराने की बात भी कही है। हालांकि, यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब Polymarket अमेरिकी बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में यह विवाद उसके लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
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Polymarket अभी पर लगे आरोपों की चर्चा पूरे क्रिप्टो बाजार में हो रही है। आने वाले दिनों में जांच और कंपनी के ऑडिट से साफ होगा कि दावों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल, निवेशकों और यूजर्स को वायरल वीडियो देखकर किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले तथ्य जरूर जांचने चाहिए।
