Cybersecurity News India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ लोगों की मदद करने तक सीमित नहीं है। नई रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधी भी तेजी से AI का इस्तेमाल कर रहे हैं और इससे उनके हमले पहले से ज्यादा खतरनाक बनते जा रहे हैं। AI कंपनी Anthropic ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि हैकर्स अब केवल फिशिंग ईमेल या मालवेयर बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेटवर्क में घुसने, पासवर्ड चुराने और सिस्टम पर नियंत्रण हासिल करने जैसे कामों में भी AI का उपयोग कर रहे हैं।
रिपोर्ट मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच बंद किए गए 832 संदिग्ध अकाउंट्स के विश्लेषण पर आधारित है। इन अकाउंट्स को साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों के कारण प्लेटफॉर्म से हटाया गया था।
साइबर अपराध की दुनिया में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। नई रिपोर्ट बताती है कि हैकर्स नेटवर्क एक्सेस, डेटा चोरी और मालवेयर गतिविधियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा ले रहे हैं।
AI की मदद से बढ़ रही है हैकर्स की ताकत
Anthropic के अनुसार, जांच में शामिल 832 अकाउंट्स में से 560 अकाउंट्स यानी करीब 67.3 प्रतिशत ने मालवेयर (हानिकारक सॉफ्टवेयर) से जुड़े कामों में AI का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता की बात यह सामने आई कि कुछ अपराधी AI की मदद से किसी नेटवर्क में घुसने के बाद उसके भीतर आगे बढ़ने और दूसरे सिस्टम तक पहुंच बनाने में सफल हो रहे हैं। साइबर सुरक्षा की भाषा में इसे ‘Lateral Movement’ कहा जाता है। कंपनी का कहना है कि AI उन लोगों को भी जटिल साइबर हमले करने में सक्षम बना रहा है जिनके पास पहले ज्यादा तकनीकी कौशल नहीं था।
READ MORE: RBI ने फर्जी ऐप्स पर की सख्ती, जानें नए नियम
रिपोर्ट में सामने आए अहम आंकड़े
| निष्कर्ष | जानकारी |
| जांचे गए अकाउंट | 832 |
| मालवेयर से जुड़े AI उपयोग | 560 अकाउंट |
| दर्ज संदिग्ध गतिविधियां | 13,873 |
| अलग-अलग साइबर तकनीकें | 482 |
| उच्च जोखिम वाले अकाउंट | 33% से बढ़कर 56% |
इन आंकड़ों से साफ है कि साइबर अपराधियों की गतिविधियां तेजी से विकसित हो रही हैं और AI इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।
पुराने सुरक्षा मॉडल पर उठे सवाल
Anthropic का कहना है कि अब केवल किसी हैकर के कौशल या इस्तेमाल किए गए टूल्स के आधार पर खतरे का आकलन करना पर्याप्त नहीं है। ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि AI का उपयोग किस चरण में किया जा रहा है। रिपोर्ट में एक ऐसे साइबर जासूसी अभियान का भी जिक्र किया गया है जिसमें AI ने खुद कमांड चलाने, कमजोरियों का फायदा उठाने और पासवर्ड चुराने जैसे फैसले लेने में भूमिका निभाई थी।
READ MORE: Ethical Hacking क्या है? जानिए कानूनी नियम, करियर और जरूरी स्किल्स
कंपनी का मानना है कि साइबर सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाला MITRE ATT&CK फ्रेमवर्क भी AI युग के अनुसार अपडेट करने की जरूरत महसूस कर रहा है। Anthropic इस दिशा में विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर रही है। AI तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से साइबर खतरे भी बदल रहे हैं। आने वाले समय में सुरक्षा एजेंसियों और कंपनियों को नई चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा।
