Free Home Cleaning Scam: अगर कोई आपसे कहे कि वह आपके घर आकर मुफ्त में सफाई करेगा, खाना बनाएगा या रिपेयरिंग का काम करेगा, तो पहली नजर में यह ऑफर किसी सपने जैसा लग सकता है, लेकिन आज के डिजिटल दौर में हर फ्री चीज सच में मुफ्त नहीं होती। कई बार इसकी कीमत पैसों से नहीं, बल्कि आपकी निजी जानकारी से चुकानी पड़ती है। अमेरिका से लेकर भारत तक अब ऐसे मॉडल सामने आ रहे हैं, जहां घरेलू सेवाएं मुफ्त दी जा रही हैं, लेकिन बदले में लोगों के घरों का डेटा इकट्ठा किया जा रहा है।
FREE घरेलू सेवाओं के पीछे छिपा है डेटा का खेल! जानें कैसे कुछ स्टार्टअप्स घरों की रिकॉर्डिंग से AI और रोबोट्स को ट्रेनिंग देने में जुटे हैं।
FREE सफाई के पीछे क्या है असली कहानी?
अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक टेक स्टार्टअप ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस स्टार्टअप का नाम Shift है। कंपनी ने एक ऐसी सेवा शुरू की है, जिसमें लोग अपने घर की सफाई मुफ्त में बुक कर सकते हैं। सुनने में यह ऑफर शानदार लगता है, लेकिन इसमें एक बड़ा ट्विस्ट है। कंपनी का कर्मचारी जब आपके घर सफाई करने आता है, तो वह एक खास रिकॉर्डिंग डिवाइस पहनता है। सफाई के दौरान आपके घर के हिस्सों, सामान और काम करने के तरीकों की वीडियो रिकॉर्डिंग होती रहती है।
कंपनी का कहना है कि इन वीडियो का इस्तेमाल रोबोट और फिजिकल AI सिस्टम को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा। इसका मकसद मशीनों को यह सिखाना है कि इंसान घर के रोजमर्रा के काम कैसे करते हैं। कंपनी यह भी दावा करती है कि रिकॉर्डिंग में मौजूद निजी जानकारियों को छिपा दिया जाएगा ताकि लोगों की पहचान सुरक्षित रहे।
Today, we’re launching shift. We’re starting by cleaning your apartment in New York City, for free.
Here’s how it works. Book a shift cleaning. A vetted shift operator comes to your home wearing one of our devices. They clean. They leave. You pay nothing.
In exchange, we record… pic.twitter.com/oBrCXcEz5G
— shift (@joinshiftX) May 28, 2026
भारत में भी बढ़ रही ऐसी सेवाएं
यह ट्रेंड सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में भी घरेलू सेवाओं से जुड़ा स्टार्टअप Pronto इसी तरह के मॉडल को लेकर चर्चा में रहा। बेंगलुरु में इसको लेकर विवाद भी सामने आया, जहां लोगों ने प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। लोगों का सवाल था कि अगर घर के अंदर की गतिविधियां रिकॉर्ड होंगी, तो आखिर उस डेटा का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा और वह कितना सुरक्षित रहेगा।
आखिर कंपनियों को घर का डेटा क्यों चाहिए?
रोबोटिक्स और AI पर काम करने वाली कंपनियों के लिए घरों के अंदर की गतिविधियों का डेटा बेहद कीमती माना जाता है। जैसे बर्तन धोना, खाना बनाना, कपड़े प्रेस करना या घर व्यवस्थित करना। इन सभी कामों को देखकर AI सिस्टम सीखते हैं कि इंसानों की तरह काम कैसे किया जाए।
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प्राइवेसी को लेकर क्यों बढ़ रही चिंता?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया डेटा की तुलना में घर के अंदर की रिकॉर्डिंग कहीं ज्यादा संवेदनशील होती है। इन वीडियो में आपके घर का लेआउट, कीमती सामान, परिवार की आदतें और निजी जीवन की झलक भी शामिल हो सकती है।
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भारत में 2025 से डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियम लागू हो चुके हैं। इसके बावजूद ऐसे मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनियां नियमों का पालन करने का दावा जरूर कर रही हैं, लेकिन कई यूजर्स को यह पूरी तरह समझ नहीं आता कि उनकी जानकारी आखिर किस हद तक इस्तेमाल की जा रही है।
