Flipper One Linux computer: दुनियां के सबसे जानेमाने सिक्युरिटी गैजेट्स कंपनी Flipper Zero के नाम में शुमार है। कंपनी ने इसबार एकबार फिर नए डिवाइस को पेश करने जा रही है। इसबार कंपनी एक ऐसा डिवाइस लेकर आ रही है जो एक चलता फिरता कंप्यूटर की तरह होगा। जिसे पॉकेट कंप्यूटर भी कह सकते हैं। इसे जेब में लेकर भी कहीं भी जा सकते हैं। कंपनी इस नए डिवाइस का नाम Flipper One रखा है। यह नया डिवाइस पूरी तरह ओपन सोर्स लिनक्स पर आधारित है।
Flipper कंपनी का फ्लिपर वन गैजेट क्यों सिर्फ पेनट्रेशन टूल ही नहीं, पॉवरफुल एआएम बेस्ड लिनक्स साइबरडेक के रूप में देखा जा रहा है। जानें यहां।
पेनट्रेशन टूल नहीं, पूरा लिनक्स कंप्यूटर
बता दें कि यह डिवाइस फ्लिपर जीरो से बिल्कुल अलग और स्मार्ट है। जहां पुराना फ्लिपर जीरो सिर्फ शार्ट रेंज सिग्नल RFID, NFC को काफी या स्पूफ कर सकती थी। वहीं, यह डिवाइस साइबरडेक है जो दुनियां के किसी भी आईपी आधारित नेटवर्क से जुड़ सकता है। यूजर्स इसे जरूरत के हिसाब से मोडिफाई या कस्टमाइज कर सकेंगे। यह नेटवर्किंग और सिक्योरिटी टेस्टिंग दोनों के लिए उपयुक्त है।
ओपन सोर्स दुनिया के लिए बड़ा प्रयोग
कंपनी का दावा है कि फ्लिपर वन दुनियां का सबसे ओपन और दुनिया का सबसे खुला बेस्ड डॉक्यूमेंटेड एआएम कंप्यूटर होगा। यह पूरी तरह से मेनलाइन लिनक्स कर्नल को सपोर्ट करेगा। इसे बिना किसी वेंडर पैच या रूकावट के सीधे इस्तेमाल किया जाएगा। जब तक इसका हार्डवेयर साथ देगा। यह लेटेस्ट सॉफ्टवेयर पर चलता रहेगा।
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डेवलेपर्स के लिए खुला प्लेटफॉर्म
इसके अलावे, फ्लिपर का लक्ष्य हार्डवेयर बेचने पर ही निर्भर नहीं रहना है। इसलिए फ्लिपर ने दुनियांभर के डेवलपर को एक साथ लाने के लिए एक डेवलपर पोर्टल शुरू करने की घोषणा की है। यहां डिवाइस के सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर डिजाइन और डॉक्यमेंटंशन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होगी। जिसमें डेवलेपर सीधे आपना योगदान दे सकते हैं। मतलब हार्डवेयर और डिजाइन से जुड़ी हर जानकारी का विकिपीडिया होगा।
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डबल चिपसेट से मिलेगी ज्यादा ताकत
इस मिनी कंप्यूटर को सुपरफास्ट बनाने के लिए कंपनी दो चिप्स का इस्तेमाल करने जा रही है। पहला, Rockchip RK3576 processor होगा, जिसमें 8-core CPU, Mali GPU और एआई मॉडल को संचालित करने के लिए एनपीयू मिलेगा। इसके साथ 8GB रैम भी दी जाएगी। दूसरी तरफ Raspberry Pi RP2350 माइक्रोकंट्रोलर डिस्प्ले, एलईडी, बचन्स और पावर मैनेजमेंट जैसे सिस्टम को कंट्रोल करेगा। कंपनी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर यह माइक्रोकंट्रोलर अकेले भी डिवाइस को चला सकता है। अंतमें, इसकी सबसे महत्वपूर्ण पहलू है इसका कस्टामाइजेशन। इसमें सेटैंडर्स GPIO कनेक्टर दिए गए हैं। इसके अलावा 3D मॉडल सार्वजनिक किए जाएंगे। ताकि यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से डिवाइस का डिजाइन बदल सकें।
यह डिवाइस कंप्यूटर पोर्टेबल कंप्यूटिंग और नेटवर्क सुरक्षा के भविष्य की झलक भी है। जो आगे चलकर व्यापक स्तर पर दिखाई दे सकती है।
