TestGrid AI platform: TestGrid ने 2026 में बेस्ट यूज ऑफ एआई का अवार्ड जीता है। उन्हें यह सम्मान इंडिया डिजिटल इनेबलर अवार्ड्स 2026 में मिला। यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं है। यह AI के सही इस्तेमाल का संकेत है। Entrepreneur India द्वारा आयोजित इस इवेंट में नीति आयोग और डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी जैसे संस्थान शामिल थे। इसके साथ ही टेस्टग्रीड अब रिलाइंस फाउंडेशन, स्वीजी, जेपीटो औऱ Tata Teleservices जैसी कंपनियों की सूची में शामिल हो गया है।
टेस्टग्रीड का प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़कर देता है अनुकूल परिणाम देता है। जानिए कैसे?
AI का अलग नजरिया
TestGrid का तरीका अलग है। कंपनी AI को अलग टूल नहीं मानती। इसे पूरे सिस्टम का हिस्सा बनाती है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमेशन और कंट्रोल शामिल हैं। CoTester इसका मुख्य हिस्सा है। यह एआई एजेंट डेवलपमेंट लाइफसाइकल में काम करता है। जरूरत समझता और टेस्ट केस बनाता है। उन्हें खुद रन भी करता है। यह रियल डिवाइस और ब्राउज़र दोनों पर काम करता है। ऑटोमेशन होता है, लेकिन इंसान की देखरेख में। इससे भरोसा काफी मजबूत होता है।
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एंटरप्राइज की बड़ी समस्या का समाधान
कई कंपनियां इसको लेकर खुश है तो कई कंपनियां एआई को लेकर परेशान हैं। कुछ कंपनियां इसे खर्चीला बता रहा है साथ ही इसपर कंट्रोल कम होने की बात कह रही है। वहीं, अगर बात करें टेस्टिंग की तो यह टेस्टिंग सिस्टम पहले से कठिन हैं। अलग-अलग टूल्स में बंटे रहते हैं। ऐसे में एआई को जोड़ना मुश्किल बन जाता है। इन्हीं सारी समस्याओं को टेस्टग्रीड आसान बनाता है। यह सब कुछ एक प्लेटफॉर्म पर लाता है। टीमें सेलेनियम, एपियम और साइप्रेस जैसे टूल्स के साथ काम कर सकती हैं। इससे ऑपरेशन स्थिर रहता है। परिणाम भी उम्मीद के मुताबिक होता है।
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टेस्टग्रीड आगे एआई को और करेगा मजबूत
कंपनी के सीईओ Harry Rao का ध्यान सिर्फ भरोसे पर है। उनका मानना है कि एआई तभी काम करता है जब टीम उस पर विश्वास करे। आगे टेस्टग्रीड अपने एआई को और मजबूत करेगा। एंटरप्राइज जरूरतों पर ध्यान देगा। कर्मचारियों को तैयार किया जाएगा। सिस्टम में बढ़ियां से इंटीग्रेशन होगी। इसप्रकार देखे तो टेस्टग्रीड का यह जीत यह मैसेज देती है कि एआई का भविष्य स्मार्ट होने में नहीं भरोसेमंद होने में है।
