Meta Metaverse Strategy: Metaverse को लेकर जो सपना कुछ साल पहले VR हेडसेट्स के साथ शुरू हुआ था। वह अब नई दिशा ले रहा है। Meta ने अपने 2026 Horizon अपडेट में साफ कर दिया है कि उसका भविष्य का मेटावर्स विज़न अब वर्चुअल रियलिटी से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन पर टिका होगा। कंपनी ने VR प्लेटफॉर्म को Horizon Worlds से अलग करने का निर्णय लिया है। Worlds को लगभग पूरी तरह मोबाइल-फोकस्ड बनाने का फैसला किया है।
मेटावर्स का नया फॉर्मूला: पहले यूजर, फिर हेडसेट
Meta अब यह मानकर चल रही है कि मेटावर्स को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए सबसे जरूरी चीज है पहुंच। VR हेडसेट अभी भी सीमित लोगों तक ही हैं, जबकि स्मार्टफोन अरबों लोगों के हाथ में है। पिछले साल Horizon Worlds के मोबाइल वर्जन पर प्रयोग शुरू किया था और परिणाम उम्मीद से बेहतर मिले। शून्य से बढ़कर 2,000 से ज्यादा अनुभवों तक पहुंच गई और मंथली यूजर्स में चार गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। जिसके बाद Meta ने सोचा कि मेटावर्स को मास अडॉप्शन चाहिए तो मोबाइल ही असली रास्ता है।
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VR की भूमिका बदली, खत्म नहीं हुई
वैसे VR को पूरी तरह छोड़ा नहीं जा रहा। Meta अब भी VR हार्डवेयर पर निवेश करती रहेगी। लेकिन अब वह हर चीज खुद बनाने की बजाय थर्ड-पार्टी डेवलपर्स को आगे लाने पर जोर देगी। डेवलपर्स को फंडिंग, ट्रेनिंग और गाइडेंस देकर VR कंटेंट को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि बाजार धीरे-धीरे मजबूत हो सके।
सोशल गेमिंग की दुनिया में एंट्री
Horizon Worlds का नया मोबाइल वर्जन सीधे उन प्लेटफॉर्म्स को चुनौती देने की कोशिश है जो पहले से ही युवा और सोशल गेमिंग ऑडियंस पर छाए हुए हैं जैसे Roblox और Fortnite। Meta समझ चुकी है। कि अगर उसे मेटावर्स को मेनस्ट्रीम बनाना है, तो उसे यूजर्स पहले से समय बिता रहे हैं।
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धीमी VR ग्रोथ से बदलाव की सोच
मोबाइल पर फोकस करके कंपनी हेडसेट की बिक्री पर निर्भरता कम कर रही है और सोशल एंगेजमेंट को प्राथमिकता दे रही है। Meta के Reality Labs डिवीजन को भारी निवेश और अपेक्षा से धीमी VR ग्रोथ का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने AI, वियरेबल्स और मोबाइल प्रोडक्ट्स में तेजी से निवेश बढ़ाया है।
मेटावर्स का नया अनुभव कैसा होगा?
इस बदलाव का सीधा असर क्रिएटर्स और यूजर्स दोनों पर पड़ेगा। डेवलपर्स अब VR कंट्रोलर के बजाय टचस्क्रीन इंटरफेस को ध्यान में रखकर डिजाइन बनाएंगे। वहीं यूजर्स के लिए मेटावर्स कोई अलग दुनिया में जाने का अनुभव कम और एक सोशल ऐप जैसा ज्यादा महसूस होगा।
