VR को पीछे छोड़ Metaverse अब मोबाइल पर शिफ्ट

VR को पीछे छोड़ Metaverse अब मोबाइल पर शिफ्ट

6 mins read
29 views
February 20, 2026

Meta Metaverse Strategy: Metaverse को लेकर जो सपना कुछ साल पहले VR हेडसेट्स के साथ शुरू हुआ था। वह अब नई दिशा ले रहा है। Meta ने अपने 2026 Horizon अपडेट में साफ कर दिया है कि उसका भविष्य का मेटावर्स विज़न अब वर्चुअल रियलिटी से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन पर टिका होगा। कंपनी ने VR प्लेटफॉर्म को Horizon Worlds से अलग करने का निर्णय लिया है। Worlds को लगभग पूरी तरह मोबाइल-फोकस्ड बनाने का फैसला किया है।

मेटावर्स का नया फॉर्मूला: पहले यूजर, फिर हेडसेट

Meta अब यह मानकर चल रही है कि मेटावर्स को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए सबसे जरूरी चीज है पहुंच। VR हेडसेट अभी भी सीमित लोगों तक ही हैं, जबकि स्मार्टफोन अरबों लोगों के हाथ में है। पिछले साल Horizon Worlds के मोबाइल वर्जन पर प्रयोग शुरू किया था और परिणाम उम्मीद से बेहतर मिले। शून्य से बढ़कर 2,000 से ज्यादा अनुभवों तक पहुंच गई और मंथली यूजर्स में चार गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। जिसके बाद Meta ने सोचा कि मेटावर्स को मास अडॉप्शन चाहिए तो मोबाइल ही असली रास्ता है।

READ MORE- भारत में नए AI नियम लागू, अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म होंगे जिम्मेदार

VR की भूमिका बदली, खत्म नहीं हुई

वैसे VR को पूरी तरह छोड़ा नहीं जा रहा। Meta अब भी VR हार्डवेयर पर निवेश करती रहेगी। लेकिन अब वह हर चीज खुद बनाने की बजाय थर्ड-पार्टी डेवलपर्स को आगे लाने पर जोर देगी। डेवलपर्स को फंडिंग, ट्रेनिंग और गाइडेंस देकर VR कंटेंट को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि बाजार धीरे-धीरे मजबूत हो सके।

सोशल गेमिंग की दुनिया में एंट्री

Horizon Worlds का नया मोबाइल वर्जन सीधे उन प्लेटफॉर्म्स को चुनौती देने की कोशिश है जो पहले से ही युवा और सोशल गेमिंग ऑडियंस पर छाए हुए हैं जैसे Roblox और Fortnite। Meta समझ चुकी है। कि अगर उसे मेटावर्स को मेनस्ट्रीम बनाना है, तो उसे यूजर्स पहले से समय बिता रहे हैं।

READ MORE-  ऑफिस, रिसर्च और फाइल मैनेजमेंट सबकुछ अब Chrome में

धीमी VR ग्रोथ से बदलाव की सोच

मोबाइल पर फोकस करके कंपनी हेडसेट की बिक्री पर निर्भरता कम कर रही है और सोशल एंगेजमेंट को प्राथमिकता दे रही है। Meta के Reality Labs डिवीजन को भारी निवेश और अपेक्षा से धीमी VR ग्रोथ का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने AI, वियरेबल्स और मोबाइल प्रोडक्ट्स में तेजी से निवेश बढ़ाया है।

मेटावर्स का नया अनुभव कैसा होगा?

इस बदलाव का सीधा असर क्रिएटर्स और यूजर्स दोनों पर पड़ेगा। डेवलपर्स अब VR कंट्रोलर के बजाय टचस्क्रीन इंटरफेस को ध्यान में रखकर डिजाइन बनाएंगे। वहीं यूजर्स के लिए मेटावर्स कोई अलग दुनिया में जाने का अनुभव कम और एक सोशल ऐप जैसा ज्यादा महसूस होगा।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

ट्रंप के UFO संकेत से Aliens मीम कॉइन 100 गुना उछला
Previous Story

ट्रंप के UFO संकेत से Aliens मीम कॉइन 100 गुना उछला

मोदी-की-AI-बैठक-में-भारत-केंद्रित-तकनीक-पर-जोर
Next Story

VIDEO: मोदी की AI बैठक में भारत-केंद्रित तकनीक पर जोर

Latest from Latest news

Don't Miss