SEC Crypto Rules: अमेरिका की वित्तीय निगरानी संस्था सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने एक अहम बात साफ कर दी है। अगर किसी शेयर, बॉन्ड या फंड को ब्लॉकचेन पर टोकन के रूप में जारी किया जाता है, तो भी वह फेडरल सिक्योरिटी कानूनों के तहत ही आएगा। यह स्पष्टीकरण बुधवार को SEC के कॉर्पोरेशन फाइनेंस, ट्रेडिंग एंड मार्केट्स और इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट तीन विभागों की संयुक्त स्टाफ स्टेटमेंट के जरिए जारी किया गया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर की वित्तीय कंपनियां पारंपरिक एसेट्स जैसे शेयर और बॉन्ड को ब्लॉकचेन पर टोकन के रूप में लाने की दिशा में काम कर रही हैं।
SEC ने साफ किया है कि ब्लॉकचेन पर जारी की गई टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज भी फेडरल सिक्योरिटी कानूनों के तहत ही आएंगी। तकनीक बदलने से नियम नहीं बदलते, निवेशकों के लिए यह बड़ी स्पष्टता है।
ब्लॉकचेन पर होने से नियम नहीं बदलते
SEC ने कहा कि अगर कोई सिक्योरिटी ब्लॉकचेन पर जारी या रजिस्टर की जाती है, तो भी उस पर वही रजिस्ट्रेशन, खुलासा और अनुपालन नियम लागू होंगे जो पारंपरिक सिक्योरिटीज पर होते हैं। ऑन-चेन ट्रांजैक्शन वे होते हैं जिनमें मालिकाना हक और लेन-देन की जानकारी ब्लॉकचेन नेटवर्क पर दर्ज होती है, जबकि ऑफ-चेन सिस्टम में यह डेटा पारंपरिक डेटाबेस में रखा जाता है। SEC ने यह भी बताया कि कंपनियां टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज को अलग कैटेगरी में जारी कर सकती हैं या उन्हें पारंपरिक सिक्योरिटीज के साथ मिला सकती हैं, लेकिन अगर दोनों के अधिकार और फायदे लगभग समान हैं, तो कानून के तहत उन्हें एक ही क्लास माना जा सकता है।
सबसे बड़ा अंतर केवल रिकॉर्ड रखने के तरीके में है। पहले कंपनियां शेयरहोल्डर डेटा ऑफ-चेन डेटाबेस में रखती थीं, अब वे ब्लॉकचेन या क्रिप्टो नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकती हैं, लेकिन इससे सिक्योरिटी की कानूनी स्थिति नहीं बदलती।
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बदलते क्रिप्टो माहौल के बीच आया बयान
यह गाइडेंस ऐसे समय आई है जब SEC ने पिछले 1 साल में क्रिप्टो इंडस्ट्री के खिलाफ अपने रुख में कुछ नरमी दिखाई है। ट्रंप प्रशासन के दौरान एजेंसी ने कई बड़े क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ चल रहे दर्जनों मामलों को वापस लिया या बंद कर दिया।
इन मामलों में यह सवाल था कि क्या कुछ डिजिटल टोकन, स्टेकिंग सर्विसेज या वॉलेट सेवाएं बिना रजिस्ट्रेशन के सिक्योरिटी की तरह काम कर रही थीं। हालांकि, अब प्रवर्तन पहले जितना सख्त नहीं दिख रहा, लेकिन SEC का यह नया बयान पुराने मामलों के कानूनी आधार को मजबूत करता है। एजेंसी ने दोहराया कि तकनीक बदल सकती है, लेकिन कानून लागू रहेंगे। फिर भी, यह स्टेटमेंट यह तय नहीं करती कि कौन-कौन से क्रिप्टो प्रोडक्ट शुरुआत से ही सिक्योरिटी माने जाएंगे। यह सवाल अभी भी कानूनी बहस का विषय बना हुआ है।
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बाजार और निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है यह स्पष्टता
यह बयान उन वित्तीय संस्थानों के लिए राहत लेकर आया है जो टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज पर काम करना चाहते हैं। अब उन्हें साफ समझ है कि ब्लॉकचेन आधारित सिस्टम अपनाने के बावजूद नियम वही रहेंगे। साथ ही SEC ने साफ संकेत दिया है कि नवाचार का मतलब नियमों से छूट नहीं है।
