Google Chrome लाया जबरदस्त फीचर, यूजर्स की जगह करेगा ऑनलाइन काम!

6 mins read
313 views
January 29, 2026

Chrome Auto Browse: ऑनलाइन काम करते समय बार-बार वेबसाइट खोलना, फॉर्म भरना, कीमतें तुलना करना और लॉग-इन करना अक्सर समय लेने वाला काम बन जाता है। Google अब इसी झंझट को खत्म करने के लिए Chrome में Gemini 3-पावर्ड Auto Browse फीचर लेकर आया है, जो यूज़र के लिए इंटरनेट पर काम खुद पूरा करता है। तो आइए जानते हैं इस फीचर के खासियत के बारे में।

Google Chrome का यह नया फीचर…आपके बदले में खुद करेगा ऑनलाइन काम करेगा। जानिए यह कैसे काम करता है और किसे मिलेगा।

यूज़र बोलेगा उसे Chrome करेगा

Chrome Auto Browse को यूज़र सिर्फ एक टास्क बताना है फिर Gemini खुद ही ज़रूरी वेबसाइट खोलता है। पेज स्क्रॉल करता है। ऑप्शन चुनता है और जानकारी भरता है। मतलब आप सिर्फ बैठकर देखते रहिए। यह पूरा प्रोसेस यूज़र के डिवाइस पर होता है, जबकि पीछे से क्लाउड AI इसकी समझ और प्लानिंग में मदद करता है।

READ MORE:  Mark Zuckerberg मेटावर्स छोड़ AI पर फोकस! क्या सोशल मीडिया बनेगा खास?

यूजर्स को दिखेगा AI का हर स्टेप

Auto Browse शुरू होते ही Chrome में एक नया टैब खुलता है। जिसके चारों ओर हल्की चमक दिखाई देती है। साथ ही, Gemini साइड पैनल में यह साफ दिखता है कि AI अभी कौन-सा स्टेप कर रहा है। आगे क्या करने वाला है। इससे यूज़र को पूरा कंट्रोल और ट्रांसपेरेंसी मिलती है।

यूजर के हाथ में सिक्योरिटी और कंट्रोल

सबसे बड़ी बात है कि Auto Browse पासवर्ड भरने और लॉग-इन जैसे काम भी कर सकता है, लेकिन इसके लिए पहले यूज़र की अनुमति जरूरी होती है। यानी सिक्योरिटी कंट्रोल यूजर्स के हाथ में ही रहेगा। इसके अलावे,  शॉपिंग के दौरान पेमेंट या Social Media पर पोस्ट करने जैसे फाइनल एक्शन यूज़र को खुद ही करने होंगे। अगर किसी भी समय यूज़र चाहे, तो Take over task पर क्लिक कर AI को रोक सकता है।

READ MORE: Budget 2026: Nasscom की मांगें तेज, टेक सेक्टर को टैक्स राहत की उम्मीद

बैकग्राउंड में चलता रहेगा काम

इस फीचर की खास बात यह है कि Auto Browse बैकग्राउंड में काम करता रहता है। यानी यूज़र दूसरे टैब या वेबसाइट्स ब्राउज़ कर सकता है। Google के मुताबिक Auto Browse का इस्तेमाल सिर्फ वेबसाइट देखने तक सीमित नहीं है। यह अपॉइंटमेंट बुक करने, बिल चेक करने, टैक्स डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करने रिपोर्ट फाइल करने और सब्सक्रिप्शन मैनेज करने जैसे काम भी कर सकता है।

किसे मिलेगा यह फीचर?

इसके लिए भारतीय यूजर्स को थोड़ा इतंजार करना होगा। अभी US में AI Pro और AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। इसमें रोज़ाना किए जाने वाले ऑटोमैटिक एक्शंस की एक लिमिट तय की गई है, ताकि यूज़र को कंट्रोल और बैलेंस बना रहे।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

Previous Story

अमेरिका में क्रिप्टो नियमों की उलटी गिनती शुरू, 29 जनवरी को अहम वोटिंग

SEC ने साफ किया है कि ब्लॉकचेन पर जारी की गई टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज
Next Story

टोकन बनाओ या कागज रखो, सिक्योरिटी कानून नहीं बदलेंगे: SEC

Latest from News

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic ने MCP 2026-07-28 का नया अपडेट जारी किया, जानें Stateless Model, बेहतर Authorization और AI Tools कनेक्शन में हुए बड़े बदलाव।  AI Agents: क्या AI ऐप्स को बाहरी टूल और डेटा से जोड़ना अब पहले से आसान होगा? Anthropic ने अपने Model Context Protocol (MCP) के नए 2026-07-28 Specification के साथ इसका रास्ता साफ करने की कोशिश की है। कंपनी ने MCP के पांचवें Specification Release में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे AI टूल कनेक्शन को Deploy करना और बड़े स्तर पर चलाना आसान हो सकता है।  MCP एक Open Standard है। यह AI Applications को बाहरी Tools, Business Software और Data Sources से जोड़ता है। Anthropic के मुताबिक, MCP से जुड़े Software Development Kit यानी SDK के डाउनलोड अब हर महीने 400 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं। वहीं Claude की कनेक्शन डायरेक्टरी में 950 से ज्यादा MCP Servers Listed हैं।  MCP अब Stateless
Crypto DAO में 8.2M डॉलर की सेंध, BNB Chain का सुरक्षा बग बेनकाब

Crypto DAO में 8.2M डॉलर की सेंध, BNB Chain का सुरक्षा बग बेनकाब

Crypto DAO exploit ने BNB Chain की सुरक्षा पर फिर खड़े किए सवाल, जानें कैसे बिना जीरो डे या प्राइवेट की चोरी के करोड़ों डॉलर की सेंध लगी। Blockchain Security: क्या करोड़ों डॉलर की क्रिप्टो चोरी के लिए किसी बेहद खतरनाक हैकर या नई तकनीक की जरूरत होती है? Crypto DAO Exploit ने इसका जवाब चौंकाने वाले तरीके से दिया। 28 जुलाई 2026 को BNB Chain पर Crypto DAO से जुड़े Pro Token में हमला हुआ और करीब 8.2 मिलियन डॉलर का USDT एक हमलावर वॉलेट में पहुंच गया।  साइबर सिक्योरिटी फर्म Blockaid ने इस सक्रिय हमले की जानकारी दी। हमलावर ने किसी नए जीरो डे या चोरी की गई प्राइवेट की का सहारा नहीं लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसी वॉल्ट फंक्शन खुली थी, जिसे कोई भी व्यक्ति कॉल कर सकता था। यही Access-Control की कमी हमले की सबसे बड़ी वजह बनी।  Crypto DAO Exploit में कैसे हुआ हमला?  हमले के बाद करीब 8.2 मिलियन डॉलर का USDT exploiter wallet 0x427671b2C8e91034A91FE698F9B7259b2345F45D में ट्रांसफर हुआ। इसके अलावा तीन जुड़े रिसीविंग एड्रेस में भी रकम पहुंची। इन तीन पतों पर करीब 2.68 मिलियन डॉलर, 2.69 मिलियन डॉलर और 2.78 मिलियन डॉलर की रकम रखी गई। DeFiLlama ने भी इस घटना को उसी दिन Protocol Logic (Solidity)
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App

Don't Miss